PM Modi Achievements: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश की पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सौर ऊर्जा, पाइप्ड गैस और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन समेत कई क्षेत्रों में हुए बदलावों के आंकड़े सामने रखे।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत की पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा और अलग-अलग क्षेत्रों में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प, मेहनत और सामर्थ्य का परिणाम है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने की जरूरत नहीं है। देश को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और उन्हें हासिल करने के लिए मजबूत संकल्प के साथ काम करना होगा। इस दौरान उन्होंने रक्षा उत्पादन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सौर ऊर्जा तक कई क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े गिनाए।
रक्षा उत्पादन में चार गुना बढ़ोतरी का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे देश के आत्मनिर्भरता अभियान और बदलती आर्थिक क्षमता से जोड़ते हुए बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का बड़ा खरीदार बनने के बजाय घरेलू स्तर पर रक्षा उत्पादन और क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की रणनीतिक ताकत से भी जोड़ा।
खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन 5 गुना बढ़ा
प्रधानमंत्री ने खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की प्रगति का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि खादी अब केवल स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा प्रतीक नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पादन का माध्यम भी बन रहा है। सरकार की ओर से ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की कोशिशों का भी इस क्षेत्र पर असर पड़ा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 7 गुना वृद्धि
पीएम मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भारत की बदलती औद्योगिक तस्वीर का अहम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है।
उन्होंने मोबाइल फोन निर्माण का भी जिक्र किया और कहा कि देश में मोबाइल फोन का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ते घरेलू उत्पादन को भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में भी बड़ी वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में डिजिटल लेनदेन में 100 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल पेमेंट और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत की अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
70 से 700 शहरों तक पहुंची पाइप्ड गैस
अपने भाषण में पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए विस्तार का उदाहरण देते हुए पाइप्ड गैस कनेक्टिविटी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप से गैस पहुंचाने की सुविधा थी।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में यह संख्या बढ़कर करीब 700 शहरों तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे विकास की गति और विस्तार का उदाहरण बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले पाइप्ड गैस की सुविधा करीब 20 से 22 लाख घरों तक ही सीमित थी। अब लगभग 1.75 करोड़ घरों तक पाइप्ड गैस पहुंचाने का काम चल रहा है।
सौर ऊर्जा क्षमता 2 GW से बढ़कर 160 GW
भारत की ऊर्जा यात्रा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा क्षमता में हुई वृद्धि को भी प्रमुख उपलब्धि के तौर पर सामने रखा।
उन्होंने कहा कि करीब 12 साल पहले देश की सोलर एनर्जी क्षमता सिर्फ 2 GW थी। अब यह बढ़कर 160 GW हो गई है। पीएम मोदी ने इसे भारत की ऊर्जा क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका से जोड़कर बताया।
उन्होंने कहा कि भारत को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
समुद्री क्षेत्र में खोज और संसाधनों पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के समुद्री क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के समुद्री क्षेत्र के 99 फीसदी हिस्से को पहले ‘नो-गो एरिया’ घोषित किया गया था।
पीएम मोदी ने कहा कि इस व्यवस्था के कारण समुद्र में मौजूद संसाधनों की खोज और संभावनाओं का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। सरकार ने इस सोच में बदलाव किया और जिस बड़े हिस्से को पहले नो-गो एरिया माना जाता था, उसे खोज और गतिविधियों के लिए खोलने की दिशा में कदम उठाए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं का वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।
PM सूर्य घर योजना का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने घरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कम समय में 50 लाख परिवार सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करने लगे हैं।
प्रधानमंत्री ने इसे आम परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। रूफटॉप सोलर के जरिए घरों की बिजली जरूरतों को पूरा करने और बिजली के खर्च को कम करने पर सरकार लगातार जोर दे रही है।
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में भी बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण को भी अपनी सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन वर्ष 1925 में शुरू हुआ था।
पीएम मोदी के मुताबिक, 1925 से 2014 तक करीब 90 वर्षों में रेलवे नेटवर्क का लगभग 30 फीसदी हिस्सा ही इलेक्ट्रिफाई हो पाया था। इसके बाद पिछले एक दशक में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन की रफ्तार तेज की गई और 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव सरकार की कार्य करने की गति और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के संकल्प को दिखाता है।
‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा’
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विकास के आंकड़ों के साथ देश के भविष्य के लिए बड़ा विजन भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है, जब वह अपने सपनों, संकल्प और अंदरूनी ताकत के दम पर आगे बढ़ता है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े सपने देखने होंगे, क्योंकि बड़े सपने सोच और नजरिए का दायरा बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जब संकल्प मजबूत होता है तो मुश्किल परिस्थितियों और आपदाओं के बीच भी आगे बढ़ने का रास्ता निकालने की क्षमता पैदा होती है।
12 साल की यात्रा को बताया सामूहिक उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों में हुए बदलावों का श्रेय केवल सरकार को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और सामर्थ्य से संभव हुई है।
रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रांजैक्शन, पाइप्ड गैस, सौर ऊर्जा और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे क्षेत्रों के आंकड़ों के जरिए पीएम मोदी ने यह बताने की कोशिश की कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में किस तरह बदलाव आया है।
उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भारत को अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए वैश्विक स्तर पर और मजबूत भूमिका निभानी होगी।


