Quick Commerce Big Appliances Delivery: 10 मिनट की डिलीवरी के लिए मशहूर क्विक कॉमर्स कंपनियां अब फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और माइक्रोवेव जैसे बड़े अप्लायंसेज की डिलीवरी को भी तेज करने की तैयारी में हैं। स्विगी इंस्टामार्ट और ब्लिंकिट की बड़ी अप्लायंसेज कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है। वहीं, फ्लिपकार्ट, अमेजन और जियोमार्ट भी कुछ बाजारों में दो घंटे की डिलीवरी का मॉडल आजमा रहे हैं।
10 मिनट वाली डिलीवरी अब बड़े सामान तक पहुंचेगी
भारत में क्विक कॉमर्स का बाजार तेजी से बदल रहा है। पहले जहां 10 मिनट या उससे कम समय में मुख्य रूप से किराना और FMCG सामान पहुंचाने पर जोर था, वहीं अब कंपनियां मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी महंगी कैटेगरी को भी अपने दायरे में ला रही हैं।
अब अगला बड़ा लक्ष्य फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और माइक्रोवेव जैसे बड़े घरेलू उपकरण हैं। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, स्विगी इंस्टामार्ट और ब्लिंकिट ने बड़े अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के साथ इस दिशा में बातचीत शुरू की है।
अगर यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल होता है तो ग्राहकों को इन उत्पादों के लिए पारंपरिक तौर पर लगने वाले एक-दो दिन के इंतजार से राहत मिल सकती है। कुछ इलाकों में ऑर्डर के कुछ घंटों के भीतर ही सामान घर पहुंचाने की सुविधा मिल सकती है।
Amazon और Flipkart भी बढ़ा रहे डिलीवरी की रफ्तार
बड़े अप्लायंसेज की फास्ट डिलीवरी की दौड़ में सिर्फ क्विक कॉमर्स कंपनियां ही शामिल नहीं हैं। फ्लिपकार्ट, अमेजन और रिलायंस रिटेल का जियोमार्ट भी डिलीवरी टाइम घटाने पर काम कर रहे हैं।
फ्लिपकार्ट ने करीब एक दर्जन शहरों में बड़े अप्लायंसेज की दो घंटे के भीतर डिलीवरी का पायलट शुरू किया है। कुछ मामलों में कंपनी इंस्टॉलेशन की सुविधा को भी डिलीवरी मॉडल के साथ जोड़ने पर काम कर रही है।
अब तक फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे बड़े सामानों की ऑनलाइन डिलीवरी में आमतौर पर एक दिन या उससे ज्यादा समय लगता था। कुछ चुनिंदा शहरों और पिन कोड में ही सेम-डे या नेक्स्ट-डे डिलीवरी उपलब्ध थी। ऐसे में दो घंटे की डिलीवरी ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
सिर्फ डिलीवरी नहीं, इंस्टॉलेशन भी बड़ी चुनौती
मोबाइल या हेडफोन जैसे छोटे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट को तेजी से डिलीवर करना अपेक्षाकृत आसान है। लेकिन फ्रिज, टीवी या वॉशिंग मशीन के मामले में सिर्फ सामान ग्राहक तक पहुंचाना पर्याप्त नहीं है।
बड़े अप्लायंसेज के लिए इंस्टॉलेशन, डेमो और आफ्टर-सेल्स सर्विस भी जरूरी होती है। यही वजह है कि कंपनियों को तेज डिलीवरी के साथ सर्विस नेटवर्क को भी मजबूत करना होगा।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के निदेशक संजय चित्कारा के मुताबिक, क्विक कॉमर्स के जरिए बड़े उपकरणों की बिक्री बढ़ाने के लिए तेज इंस्टॉलेशन सर्विस को भी मॉडल में शामिल करना जरूरी होगा। उन्होंने बताया कि स्विगी समेत कुछ ऑपरेटरों ने एलजी से संपर्क किया है और कंपनी इस अवसर का मूल्यांकन कर रही है।
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज बिजनेस हेड कमल नंदी के अनुसार, फ्लिपकार्ट और अमेजन समेत कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपने प्रोडक्ट रेंज में दो घंटे की डिलीवरी की दिशा में काम कर रहे हैं। कुछ पिन कोड में सेम-डे इंस्टॉलेशन की सुविधा भी आजमाई जा सकती है।
Blinkit पहले भी कर चुका है बड़ा प्रयोग
बड़े घरेलू उपकरणों की फास्ट डिलीवरी का प्रयोग पहली बार नहीं हो रहा है। ब्लिंकिट ने पिछले साल दिल्ली-एनसीआर में लॉयड के एयर कंडीशनर की 10 मिनट में डिलीवरी शुरू की थी।
कंपनी की योजना इस सेवा को दूसरे शहरों तक विस्तार देने की थी, लेकिन शुरुआती दौर में इसे उम्मीद के मुताबिक मांग नहीं मिली। अब कंपनियां ज्यादा प्रोडक्ट विकल्प, बेहतर सप्लाई चेन और निर्माताओं के साथ साझेदारी के जरिए इस मॉडल को दोबारा बड़े स्तर पर आजमाना चाहती हैं।
मोबाइल से आगे अब फ्रिज और टीवी पर नजर
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब सिर्फ रोजमर्रा के सामान तक सीमित नहीं रहना चाहते। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, हेडफोन और एक्सेसरीज जैसी कैटेगरी में फास्ट डिलीवरी पहले ही बढ़ रही है।
बड़े अप्लायंसेज कंपनियों के लिए इसलिए भी आकर्षक हैं क्योंकि इनकी औसत ऑर्डर वैल्यू काफी ज्यादा होती है। यदि ग्राहक महंगे प्रोडक्ट भी क्विक कॉमर्स के जरिए खरीदने लगते हैं तो प्लेटफॉर्म के प्रति ऑर्डर रेवेन्यू और संभावित मार्जिन में बढ़ोतरी हो सकती है।
इंडस्ट्री में यह भी माना जा रहा है कि कई बड़ी कंपनियों की FMCG बिक्री में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी अब करीब 7-8 फीसदी तक पहुंच चुकी है। ऐसे में प्लेटफॉर्म के लिए अगला अवसर ज्यादा कीमत वाले प्रोडक्ट हो सकते हैं।
बड़े अप्लायंसेज के लिए अलग Dark Store जरूरी नहीं
फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे बड़े सामानों को सामान्य क्विक कॉमर्स डार्क स्टोर में रखना आसान नहीं है। इसके लिए ज्यादा जगह और अलग तरह के लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।
इसी वजह से कंपनियां एक अलग मॉडल पर काम कर रही हैं। इसमें निर्माताओं के वेयरहाउस, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर और रिटेल स्टोर को डिलीवरी नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है।
इस मॉडल से दो बड़े फायदे हो सकते हैं। पहला, कंपनियों को बड़े सामान रखने के लिए हर इलाके में अलग डार्क स्टोर तैयार नहीं करना पड़ेगा। दूसरा, ग्राहकों को ज्यादा प्रोडक्ट विकल्प और बेहतर उपलब्धता मिल सकती है।
JioMart भी बढ़ा रहा अपना दायरा
रिलायंस रिटेल भी फास्ट डिलीवरी के इस ट्रेंड से पीछे नहीं है। कंपनी अपने जियोमार्ट प्लेटफॉर्म और बड़े फॉर्मेट इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर के बीच ओम्नीचैनल इंटीग्रेशन को मजबूत कर रही है।
रिलायंस रिटेल के मुख्य वित्तीय अधिकारी दिनेश तलूजा के मुताबिक, समूह के बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर जियोमार्ट प्लेटफॉर्म पर लाइव हैं और मोबाइल जैसे ‘ग्रैब एंड गो’ उत्पादों की दो घंटे में डिलीवरी की जा रही है।
अब इंडस्ट्री में उम्मीद है कि इसी तरह का मॉडल धीरे-धीरे अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े अप्लायंसेज तक भी बढ़ाया जा सकता है।
बदल चुकी है ग्राहकों की उम्मीद
क्विक कॉमर्स ने सिर्फ डिलीवरी का तरीका नहीं बदला है, बल्कि ग्राहकों की उम्मीदों को भी बदल दिया है। कुछ साल पहले ऑनलाइन ऑर्डर के लिए एक-दो दिन इंतजार करना सामान्य था। अब ग्राहक कई उत्पादों के लिए उसी दिन या कुछ घंटों में डिलीवरी की उम्मीद करने लगे हैं।
यही वजह है कि ई-कॉमर्स कंपनियों पर बड़ी और महंगी कैटेगरी में भी डिलीवरी टाइम घटाने का दबाव बढ़ रहा है।
अगर फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे बड़े अप्लायंसेज की दो घंटे में डिलीवरी का मॉडल सफल रहता है, तो इसका असर सिर्फ क्विक कॉमर्स कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे भारत में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की खरीदारी, डिलीवरी और इंस्टॉलेशन का पूरा मॉडल बदल सकता है।
निष्कर्ष
क्विक कॉमर्स की अगली बड़ी लड़ाई अब सिर्फ ’10 मिनट में किराना’ पहुंचाने की नहीं रह गई है। कंपनियां बड़े और महंगे प्रोडक्ट्स पर दांव लगाकर अपने कारोबार का आकार बढ़ाना चाहती हैं।
हालांकि, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों में तेज डिलीवरी के साथ सुरक्षित ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, इंस्टॉलेशन और आफ्टर-सेल्स सर्विस बड़ी चुनौतियां रहेंगी। इन समस्याओं का समाधान निकलता है तो आने वाले समय में ‘आज ऑर्डर, आज ही फ्रिज-टीवी घर पर’ जैसी सुविधा भारतीय ग्राहकों के लिए सामान्य हो सकती है।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों और इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। किसी कंपनी के बिजनेस मॉडल या भविष्य की सेवा के बारे में अंतिम निर्णय कंपनी की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।


