Vedanta Power Share Price: शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली, लेकिन इस बीच उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता पावर के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। हैरानी की बात यह है कि कंपनी ने जून 2026 तिमाही में बिजली बिक्री में 38% की मजबूत सालाना वृद्धि दर्ज की है। इसके बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर 4% से अधिक टूट गया।
तेजी वाले बाजार में क्यों टूटा Vedanta Power का शेयर?
सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल के बीच Vedanta Power का शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में आ गया। बीएसई पर शेयर पिछले कारोबारी सत्र के 45.68 रुपये के बंद स्तर पर ही खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में बिकवाली बढ़ने से यह 43.67 रुपये तक फिसल गया। कारोबार के दौरान शेयर में करीब 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में शेयर ने रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसका असर कीमत पर देखने को मिला।
जून तिमाही में 38% बढ़ी बिजली बिक्री
कंपनी द्वारा एक्सचेंज को दी गई पहली तिमाही (Q1 FY27) की प्रोडक्शन अपडेट के अनुसार, कुल बिजली बिक्री 38% बढ़कर 5,225 मिलियन यूनिट रही। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,784 मिलियन यूनिट था।
इस मजबूत प्रदर्शन के पीछे दो प्रमुख कारण रहे—
- Meenakshi Energy से उत्पादन में बढ़ोतरी।
- Talwandi Sabo Thermal Power Plant का स्थिर और बेहतर प्रदर्शन।
इन दोनों परियोजनाओं ने कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता और बिक्री को मजबूती दी।
तिमाही आधार पर बिक्री में आई हल्की गिरावट
हालांकि सालाना आधार पर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन यदि पिछली मार्च तिमाही से तुलना करें तो बिजली बिक्री में लगभग 6% की कमी देखने को मिली।
| अवधि | बिजली बिक्री |
|---|---|
| जून तिमाही FY27 | 5,225 मिलियन यूनिट |
| मार्च तिमाही FY26 | 5,530 मिलियन यूनिट |
| जून तिमाही FY26 | 3,784 मिलियन यूनिट |
कंपनी ने स्पष्ट किया कि इन आंकड़ों का विश्लेषण Vedanta Ltd. से Vedanta Power के डीमर्जर के संदर्भ में किया जाना चाहिए।
ब्रोकरेज हाउस की राय क्यों बंटी हुई है?
Vedanta Power के वैल्यूएशन को लेकर विभिन्न ब्रोकरेज फर्मों के अनुमान अलग-अलग हैं। यही वजह है कि शेयर को लेकर बाजार में मिश्रित धारणा बनी हुई है।
| ब्रोकरेज | अनुमानित वैल्यू (प्रति शेयर) |
|---|---|
| Emkay | ₹51.70 |
| Kotak Institutional Equities | ₹60 |
| Nuvama | ₹47 |
| CLSA | ₹35 |
इन अलग-अलग वैल्यूएशन से यह संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच कंपनी के भविष्य को लेकर अभी भी स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है।
रिकॉर्ड हाई से आई तेज गिरावट
Vedanta Power का शेयर 3 जुलाई को 52.49 रुपये के अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था। रिकॉर्ड हाई के बाद कुछ ही दिनों में शेयर में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली।
सुबह करीब 10:10 बजे शेयर 43.87 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से करीब 3.96% नीचे था। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 17,154.87 करोड़ रुपये रह गया।
Vedanta Iron & Steel में भी रही कमजोरी
केवल Vedanta Power ही नहीं, बल्कि समूह की दूसरी कंपनी Vedanta Iron & Steel के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह शेयर करीब 5% गिरकर 38.49 रुपये तक पहुंच गया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Vedanta Power के ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है और बिजली बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, शेयर बाजार में केवल बिक्री के आंकड़े ही कीमत तय नहीं करते। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली, डीमर्जर से जुड़ी अनिश्चितता और ब्रोकरेज हाउसों के अलग-अलग वैल्यूएशन ने शेयर पर दबाव बनाया।
यदि आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता और लाभप्रदता को लगातार बेहतर बनाए रखती है, तो शेयर में दोबारा मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों और डीमर्जर से जुड़ी प्रगति पर रहेगी।


