भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन दमदार शुरुआत की। लगातार तीन सत्रों की बढ़त के बाद सोमवार को भी Sensex और Nifty 50 हरे निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में शानदार तेजी दर्ज की। मजबूत बैंकिंग शेयरों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और सकारात्मक तकनीकी संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,400 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा।
हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी अपेक्षाकृत सीमित रही, लेकिन बड़े बैंकिंग और वित्तीय शेयरों की खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को नई ऊर्जा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार मौजूदा स्तरों पर टिके रहने में सफल रहता है तो आने वाले दिनों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
शुरुआती कारोबार में शानदार बढ़त
सुबह के कारोबार में निवेशकों का उत्साह साफ दिखाई दिया। लगभग 11:13 बजे तक:
- Sensex 476.96 अंक यानी 0.61% की बढ़त के साथ 78,240.87 पर कारोबार कर रहा था।
- Nifty 50 143.90 अंक यानी 0.59% चढ़कर 24,414.75 पर पहुंच गया।
- इंट्रा-डे में Sensex 78,289.25 और Nifty 24,428.05 के उच्च स्तर तक पहुंचा।
वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार का व्यापक रुख सकारात्मक बना रहा।
बाजार में तेजी की 4 बड़ी वजहें
1. OPEC+ के फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
वैश्विक बाजार में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत कच्चे तेल की कीमतों से मिला। OPEC+ देशों ने अगस्त से तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। संगठन ने प्रतिदिन करीब 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है।
तेल आपूर्ति बढ़ने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक खबर मानी जाती है क्योंकि इससे आयात बिल कम होने और महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद बढ़ती है। यही वजह रही कि निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार में मजबूत हुआ।
2. विदेशी निवेशकों (FII) की जोरदार खरीदारी
शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में 1,355.33 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की वापसी हमेशा बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार की ओर लौटने के पीछे कई कारण हैं—
- कच्चे तेल की कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहना।
- FCNR(B) जमा योजनाओं से पूंजी प्रवाह की संभावना।
- वैश्विक AI ट्रेड में कमजोरी के बीच भारत को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाना।
विदेशी निवेश बढ़ने से बाजार में तरलता मजबूत होती है, जिसका सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर देखने को मिलता है।
3. निजी बैंकों के मजबूत बिजनेस अपडेट
सप्ताहांत में कई बड़े निजी बैंकों ने जून तिमाही के शुरुआती बिजनेस अपडेट जारी किए, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
HDFC Bank, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, IndusInd Bank और Bandhan Bank सहित कई बैंकों ने अपने लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के शुरुआती आंकड़े पेश किए।
ब्रोकरेज फर्म Jefferies के अनुसार—
- HDFC Bank की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही।
- IndusInd Bank और Bandhan Bank ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
- Kotak Mahindra Bank की वृद्धि थोड़ी धीमी रही, लेकिन कुल मिलाकर बैंकिंग सेक्टर के आंकड़े सकारात्मक रहे।
बैंकिंग शेयरों में खरीदारी की वजह से Sensex और Nifty दोनों को मजबूती मिली।
4. तकनीकी संकेत भी दे रहे हैं तेजी का इशारा
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि तकनीकी चार्ट भी फिलहाल तेजी का संकेत दे रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार—
- जब तक Nifty 24,300 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का ट्रेंड सकारात्मक रहेगा।
- 24,150 अब मजबूत सपोर्ट लेवल बन चुका है।
- यदि निफ्टी 24,400 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो अगला लक्ष्य 24,600 हो सकता है।
- वहीं, यदि सूचकांक 24,150 के नीचे फिसलता है तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है और निफ्टी 24,000 तक आ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यम अवधि का ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण तेजी की रफ्तार कुछ सीमित रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा समय में बाजार को घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर कई सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की वापसी और बैंकिंग सेक्टर के मजबूत आंकड़े भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।
हालांकि निवेशकों को आने वाले दिनों में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजों, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए। यदि ये कारक सकारात्मक बने रहते हैं तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


