23 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी। जानिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत सभी शहरों में कीमतें।
नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2026 — देशभर में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी राहत देखने को मिली है। 23 अप्रैल 2026 को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, ज्यादातर शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ जगहों पर मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।
तेल कंपनियों द्वारा हर दिन सुबह 6 बजे जारी किए जाने वाले इन रेट्स पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर और टैक्स का सीधा असर पड़ता है।
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट
आज के अपडेट के अनुसार, प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.77 | ₹87.67 |
| मुंबई | ₹103.54 | ₹90.03 |
| कोलकाता | ₹105.41 | ₹92.02 |
| बेंगलुरु | ₹102.96 | ₹90.99 |
| चेन्नई | ₹101.06 | ₹92.61 |
| पटना | ₹105.60 | ₹91.84 |
| जयपुर | ₹104.72 | ₹90.21 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹107.30 | ₹96.18 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | ₹82.45 |
इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना के कारण कीमतों में काफी अंतर बना हुआ है।
मुंबई में कीमतें क्यों बनी हुई हैं स्थिर?
आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले 10 दिनों से पेट्रोल की कीमत ₹103.50–₹103.54 प्रति लीटर के बीच बनी हुई है।
- पेट्रोल: ₹103.54 प्रति लीटर
- डीजल: ₹90.03 प्रति लीटर
यह स्थिरता बताती है कि तेल कंपनियां फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने की रणनीति अपना रही हैं।
देशभर में ईंधन की कीमतों का रेंज
अगर पूरे भारत की बात करें तो:
- पेट्रोल: ₹82 से ₹109 प्रति लीटर
- डीजल: ₹78 से ₹97 प्रति लीटर
यह अंतर मुख्य रूप से राज्यों के वैट (VAT), स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण होता है।
सबसे महंगा और सबसे सस्ता पेट्रोल कहां?
महंगे शहर:
- Hyderabad — ₹107.46 प्रति लीटर
- Thiruvananthapuram — ₹107.30 प्रति लीटर
सबसे सस्ता:
- Andaman and Nicobar Islands — ₹82.46 प्रति लीटर
यह अंतर भारत में टैक्स नीति और लॉजिस्टिक्स की विविधता को दर्शाता है।
कीमतों में स्थिरता क्यों? (Deep Analysis)
पिछले कुछ समय से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। इसके पीछे कई कारण हैं:
1. सरकारी नियंत्रण और रणनीति
सरकार और तेल कंपनियां कीमतों में अचानक बदलाव से बचने की कोशिश करती हैं, ताकि महंगाई पर नियंत्रण बना रहे।
2. टैक्स स्ट्रक्चर
भारत में ईंधन की कीमत का बड़ा हिस्सा टैक्स से आता है, जिससे कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलती है।
3. इंटरनेशनल मार्केट का बैलेंस
हालांकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव है, लेकिन कंपनियां उसे धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पास करती हैं।
कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य फैक्टर
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम कई प्रमुख कारकों पर निर्भर करते हैं:
1. कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil)
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो भारत में भी कीमतें बढ़ती हैं।
2. डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट
भारत तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर लागत बढ़ जाती है।
3. टैक्स (Excise Duty + VAT)
केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स से कीमतों में बड़ा अंतर आता है।
भारत में ईंधन इतना महंगा क्यों?
भारत में पेट्रोल-डीजल पड़ोसी देशों की तुलना में महंगा है।
इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
- उच्च टैक्स
- आयात पर निर्भरता
- लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन लागत
यानी कच्चे तेल की कीमत के अलावा कई घरेलू कारक भी दाम बढ़ाते हैं।
Demand का क्या ट्रेंड है?
भारत में ईंधन की मांग लगातार बढ़ रही है।
- 80% से ज्यादा लोग पेट्रोल वाहनों का उपयोग करते हैं
- शहरीकरण और बढ़ती आय से खपत बढ़ रही है
यह लगातार demand कीमतों को सपोर्ट करती है।
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमतें स्थिर हैं, लेकिन भविष्य में बदलाव संभव है।
अगर ये स्थितियां बनती हैं, तो कीमतें बढ़ सकती हैं:
- वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल
- सप्लाई चेन में बाधा
- रुपये की कमजोरी
आम आदमी के लिए क्या मतलब?
पेट्रोल-डीजल की कीमतें सीधे आपकी जेब पर असर डालती हैं:
- ट्रांसपोर्ट महंगा होता है
- खाद्य वस्तुओं की कीमत बढ़ती है
- महंगाई पर असर पड़ता है
इसलिए कीमतों पर नजर रखना जरूरी है।
निष्कर्ष: स्थिरता बनी, लेकिन सतर्क रहना जरूरी
23 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता जरूर दिखी है, लेकिन यह स्थिरता लंबे समय तक बनी रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
वैश्विक बाजार और घरेलू नीतियों के बीच संतुलन बनाए रखना तेल कंपनियों के लिए चुनौती बना रहेगा।
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