NSE Nifty 500 Ahimsa Index: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निवेशकों के लिए एक अनोखा और एथिकल इन्वेस्टिंग आधारित इंडेक्स निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स लॉन्च किया है। यह भारत का पहला ऐसा शेयर बाजार इंडेक्स है, जिसमें केवल उन कंपनियों को शामिल किया गया है जो अपने कारोबार के दौरान जानबूझकर जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचातीं और अहिंसा के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करती हैं। इस पहल का उद्देश्य निवेशकों को ऐसे विकल्प उपलब्ध कराना है, जहां वे वित्तीय रिटर्न के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दे सकें।
क्या है निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स?
NSE ने इस इंडेक्स को Ahimsagain Foundation के सहयोग से तैयार किया है। यह ‘अहिंसा इन्वेस्टमेंट मूवमेंट (AIM)’ फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिसके जरिए कंपनियों का मूल्यांकन किया जाता है कि उनके उत्पाद, सेवाएं और बिजनेस मॉडल अहिंसा के सिद्धांतों के कितने करीब हैं।
इस इंडेक्स का इस्तेमाल भविष्य में ETF (Exchange Traded Fund), इंडेक्स फंड और अन्य निवेश उत्पादों के लिए बेंचमार्क के रूप में किया जाएगा। इससे निवेशकों को ऐसी कंपनियों में निवेश करने का अवसर मिलेगा जो सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों का भी पालन करती हैं।
कैसे होती है कंपनियों की रेटिंग?
AIM फ्रेमवर्क के तहत कंपनियों को तीन श्रेणियों में रखा जाता है—
- ग्रीन बैंड – अहिंसा के सिद्धांतों के सबसे करीब मानी जाने वाली कंपनियां।
- ऑरेंज बैंड – मध्यम स्तर की कंपनियां।
- रेड बैंड – वे कंपनियां जिनका कारोबार अहिंसा के मानकों पर खरा नहीं उतरता।
अहिंसा इंडेक्स में केवल योग्य कंपनियों को शामिल किया जाता है, जबकि ऑरेंज और रेड कैटेगरी में आने वाली कंपनियों को बाहर रखा जाता है।
किन सेक्टरों की कंपनियों को मिली जगह?
NSE इंडाइसेज के उपलब्ध डेटा के अनुसार, इस इंडेक्स में कई प्रमुख सेक्टरों की कंपनियों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
- आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियां
- ऑटोमोबाइल सेक्टर
- रियल एस्टेट कंपनियां
- कंज्यूमर और अन्य गैर-विवादित सेक्टरों की कंपनियां
इन कंपनियों का चयन अहिंसा आधारित मूल्यांकन के बाद किया गया है।
रिलायंस ग्रुप और बैंकों की क्यों नहीं मिली एंट्री?
इस नए इंडेक्स की सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि इसमें रिलायंस ग्रुप की कोई भी कंपनी शामिल नहीं है। इसके अलावा देश के किसी भी बैंकिंग शेयर को भी इस इंडेक्स में जगह नहीं मिली है।
NSE ने इसके पीछे अलग-अलग कंपनियों के बारे में कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया है। इंडेक्स का चयन पूरी तरह AIM फ्रेमवर्क के मानकों और पात्रता नियमों के आधार पर किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या होगा फायदा?
निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स उन निवेशकों के लिए नया विकल्प बन सकता है जो केवल मुनाफा ही नहीं, बल्कि ESG (Environmental, Social & Governance) और नैतिक निवेश को भी महत्व देते हैं।
इस इंडेक्स के जरिए निवेशकों को ऐसे फंड चुनने में आसानी होगी जो अहिंसा और जिम्मेदार कारोबारी व्यवहार का पालन करने वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। भविष्य में इस इंडेक्स पर आधारित ETF और इंडेक्स फंड आने से एथिकल इन्वेस्टिंग को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Ahimsagain Foundation का क्या है उद्देश्य?
Ahimsagain Foundation के अनुसार, इस पहल का मकसद पूंजी को ‘करुणा और दया’ की दिशा में मोड़ना है। संस्था का मानना है कि नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने वाले निवेशकों के पास अभी तक सीमित विकल्प थे। निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स इस कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत में बढ़ रही है एथिकल इन्वेस्टिंग की मांग
दुनियाभर में ESG और सस्टेनेबल इन्वेस्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है। भारत में भी ऐसे निवेशकों की संख्या बढ़ रही है जो कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ उनके सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव को भी महत्व देते हैं। ऐसे समय में NSE का यह नया इंडेक्स भारतीय पूंजी बाजार में एथिकल इन्वेस्टिंग को नई पहचान दे सकता है.


