Tata Technologies Share Sale: टाटा समूह से जुड़ी दो बड़ी खबरें एक साथ सामने आई हैं। एक तरफ टाटा केमिकल्स को लेकर केन्या में विवाद चल रहा है, वहीं दूसरी ओर टाटा टेक्नोलॉजीज के पूर्व CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने कंपनी के करीब ₹165 करोड़ मूल्य के शेयर खुले बाजार में बेच दिए हैं। इस बिक्री के बाद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी करीब आधी रह गई है।
Highlights
- टाटा टेक्नोलॉजीज के पूर्व CEO ने 21 लाख शेयर बेचे।
- शेयर बिक्री का कुल मूल्य करीब ₹164.85 करोड़ रहा।
- औसतन ₹785 प्रति शेयर के भाव पर हुआ लेनदेन।
- मैकगोल्ड्रिक की हिस्सेदारी 1.13% से घटकर 0.62% रह गई।
- चार बड़े फंडों ने ये शेयर खरीदे।
पूर्व CEO ने कितने शेयर बेचे?
पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने शुक्रवार को BSE पर खुले बाजार के जरिए टाटा टेक्नोलॉजीज के 21 लाख शेयरों की बिक्री की। ये शेयर कंपनी की करीब 0.51 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं।
एक्सचेंज पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शेयरों की बिक्री लगभग ₹785 प्रति शेयर की औसत कीमत पर हुई। इस हिसाब से पूरे लेनदेन की वैल्यू करीब ₹164.85 करोड़ रही।
इस बिक्री के बाद मैकगोल्ड्रिक की टाटा टेक्नोलॉजीज में हिस्सेदारी 1.13 प्रतिशत से घटकर 0.62 प्रतिशत रह गई।
चार निवेश संस्थानों ने खरीदे शेयर
मैकगोल्ड्रिक की ओर से बेचे गए शेयरों को चार निवेश संस्थानों ने खरीदा। इनमें ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, 360 वन एसेट मैनेजमेंट और कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स शामिल हैं।
खास बात यह है कि इन खरीदारों ने बराबर संख्या में शेयर एक ही कीमत पर खरीदे। इससे यह सौदा संस्थागत निवेशकों के बीच हुआ बड़ा ब्लॉक ट्रांजैक्शन बन गया।
कौन हैं पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक?
मैकगोल्ड्रिक टाटा टेक्नोलॉजीज के पुराने और प्रमुख अधिकारियों में रहे हैं। उन्होंने करीब 20 साल तक कंपनी के साथ काम किया और सितंबर 2014 में CEO एवं मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए थे।
टाटा ग्रुप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग सर्विसेज कारोबार को खड़ा करने और उसका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में नवंबर 2017 में वॉरेन हैरिस ने टाटा टेक्नोलॉजीज के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली।
मैकगोल्ड्रिक फिलहाल RNT Associates International Private Limited में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। यह संस्था नई तकनीक और नए बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों में निवेश तथा उन्हें सलाह देने से जुड़ी गतिविधियां करती है।
केन्या विवाद के बीच क्यों चर्चा में आया यह शेयर सौदा?
टाटा टेक्नोलॉजीज के शेयरों की यह बिक्री ऐसे समय में हुई है जब टाटा समूह से जुड़ी टाटा केमिकल्स को लेकर केन्या में विवाद की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने का कोई आधार नहीं है।
मैकगोल्ड्रिक की शेयर बिक्री को एक अलग कॉरपोरेट लेनदेन के रूप में देखना चाहिए। किसी पूर्व वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने के कई व्यक्तिगत या निवेश संबंधी कारण हो सकते हैं। केवल शेयर बिक्री के आधार पर कंपनी के भविष्य या कारोबारी प्रदर्शन को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
टाटा टेक्नोलॉजीज के शेयरों का हाल
शुक्रवार के कारोबार में टाटा टेक्नोलॉजीज का शेयर 0.59 प्रतिशत गिरकर ₹799.85 पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹32,484 करोड़ रहा।
जिस कीमत पर मैकगोल्ड्रिक ने शेयर बेचे, वह शुक्रवार के बंद भाव से कम थी। हालांकि, ब्लॉक या बड़े संस्थागत लेनदेन में कीमत और बाजार भाव के बीच अंतर होना असामान्य नहीं है।
मार्च तिमाही में बढ़ा था मुनाफा
शेयर बिक्री की खबर ऐसे समय में आई है जब टाटा टेक्नोलॉजीज ने मार्च तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की थी।
कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹204.17 करोड़ हो गया था, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹188.87 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इसलिए निवेशकों के लिए शेयर बिक्री के साथ-साथ कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ को भी अलग से देखना जरूरी है।
IPO के समय शेयरों ने दिया था शानदार रिटर्न
टाटा टेक्नोलॉजीज ने नवंबर 2023 में शेयर बाजार में एंट्री की थी। यह करीब दो दशकों में टाटा ग्रुप की पहली बड़ी IPO पेशकश थी और इसकी लिस्टिंग ने निवेशकों को चौंका दिया था।
कंपनी के शेयर IPO इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 163 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और मौजूदा स्तर पर यह अपने लिस्टिंग के बाद के ऊंचे स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
क्या करती है टाटा टेक्नोलॉजीज?
टाटा टेक्नोलॉजीज की स्थापना 1994 में हुई थी। यह टाटा मोटर्स से जुड़ी ग्लोबल इंजीनियरिंग और डिजिटल सर्विस कंपनी है।
कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में इंजीनियरिंग, डिजाइन और डिजिटल सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहक ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स यानी OEMs और उनके टियर-1 सप्लायर्स भी हैं।
निवेशकों के लिए क्या समझना जरूरी है?
पूर्व CEO की ओर से ₹165 करोड़ के शेयर बेचने की खबर निश्चित रूप से बड़ी है, लेकिन इसे कंपनी के खिलाफ कोई संकेत मानना जल्दबाजी होगी। मैकगोल्ड्रिक के पास बिक्री के बाद भी टाटा टेक्नोलॉजीज में हिस्सेदारी बनी हुई है।
निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजे, ऑर्डर बुक, मार्जिन, नए कॉन्ट्रैक्ट, वैल्यूएशन और शेयर की कीमत जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखकर ही कोई निवेश निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश या शेयर खरीदने-बेचने की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


