नोएडा सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा स्पाइरा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने अनुभवी डेवलपर्स से EOI आमंत्रित किए हैं। जानिए आवेदन की अंतिम तिथि, प्रोजेक्ट की खासियत और खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है।
नोएडा की सबसे ऊंची बिल्डिंग पर आया बड़ा अपडेट
नोएडा के सेक्टर-94 में स्थित बहुप्रतीक्षित सुपरनोवा स्पाइरा (Supernova Spira) प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से अटके इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में अब अहम कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित अधिकार-प्राप्त समिति ने अनुभवी रियल एस्टेट डेवलपर्स से रुचि की अभिव्यक्ति (Expression of Interest – EOI) आमंत्रित की है।
इस फैसले से हजारों फ्लैट खरीदारों और निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो नोएडा की सबसे ऊंची इमारत का निर्माण दोबारा तेज गति से आगे बढ़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की समिति ने क्यों जारी किया EOI?
16 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित समिति ने सुपरटेक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधूरे सुपरनोवा प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए अनुभवी डेवलपर्स को आमंत्रित किया है।
चयनित डेवलपर को केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट के—
- विकास (Development)
- निर्माण (Execution)
- मार्केटिंग
- बिक्री (Sales)
- ग्राहकों को डिलीवरी
की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
समिति का उद्देश्य परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कर फ्लैट खरीदारों को राहत देना है।
कौन कर सकता है आवेदन?
समिति ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऐसे डेवलपर्स कर सकते हैं जिन्हें बड़े स्तर के रिहायशी (Residential) और कमर्शियल (Commercial) प्रोजेक्ट विकसित करने का पर्याप्त अनुभव हो।
इच्छुक डेवलपर्स को आवेदन के साथ 2 करोड़ रुपये की रिफंडेबल अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) भी जमा करनी होगी।
महत्वपूर्ण तिथि
- आवेदन की अंतिम तारीख: 10 अगस्त 2026
- समय: शाम 5:00 बजे तक
सेक्टर-94 में बन रही है नोएडा की सबसे ऊंची इमारत
सुपरनोवा प्रोजेक्ट नोएडा के सेक्टर-94 में ओखला बर्ड सेंक्चुरी मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित है। यह दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ एक प्राइम लोकेशन प्रोजेक्ट माना जाता है।
इसी परियोजना का सबसे चर्चित हिस्सा सुपरनोवा स्पाइरा है, जिसे नोएडा ही नहीं बल्कि देश की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल किया जाता है।
80 से ज्यादा मंजिल और करीब 300 मीटर ऊंचाई
सुपरनोवा स्पाइरा लगभग 300 मीटर ऊंची और 80 से अधिक मंजिलों वाली इमारत है। यह करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाले विशाल मिश्रित उपयोग (Mixed Use) प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
यह केवल एक रिहायशी टावर नहीं बल्कि एक आधुनिक टाउनशिप की तरह विकसित किया जा रहा है, जहां—
- लग्जरी अपार्टमेंट
- सर्विस्ड स्टूडियो
- होटल
- ऑफिस स्पेस
- रिटेल और शॉपिंग एरिया
- मॉल
- मनोरंजन सुविधाएं
एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है।
रहने, काम करने और घूमने की आधुनिक अवधारणा
सुपरनोवा प्रोजेक्ट को इस सोच के साथ डिजाइन किया गया है कि लोगों को अलग-अलग जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
यहां रहने वाले लोगों को आवास, ऑफिस, शॉपिंग, होटल और मनोरंजन जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। यही कारण है कि इसे मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट का प्रमुख उदाहरण माना जाता है।
किराए पर भी मिल सकते हैं स्टूडियो अपार्टमेंट
जो लोग यहां संपत्ति खरीदना नहीं चाहते, उनके लिए भी यह प्रोजेक्ट आकर्षक विकल्प बन सकता है।
जानकारी के अनुसार यहां स्टूडियो अपार्टमेंट का मासिक किराया लगभग—
- ₹25,000 से ₹40,000 तक हो सकता है।
ऊंची मंजिलों पर स्थित प्रीमियम यूनिट्स का किराया इससे अधिक भी हो सकता है। खासकर आईटी प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट कर्मचारियों और दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले लोगों के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प माना जा रहा है।
खरीदारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?
सुपरनोवा प्रोजेक्ट लंबे समय से विभिन्न कारणों से प्रभावित रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नई डेवलपर चयन प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद की जा रही है कि—
- अधूरा निर्माण तेजी से पूरा होगा।
- फ्लैट खरीदारों को कब्जा मिलने का रास्ता साफ होगा।
- निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
- सेक्टर-94 की रियल एस्टेट वैल्यू को भी बढ़ावा मिल सकता है।
यदि समयबद्ध तरीके से नया डेवलपर नियुक्त हो जाता है, तो सुपरनोवा स्पाइरा एक बार फिर नोएडा के सबसे चर्चित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकता है।
Supernova Spira Project: प्रमुख बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रोजेक्ट | सुपरनोवा स्पाइरा |
| स्थान | सेक्टर-94, नोएडा |
| परियोजना | मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट |
| अनुमानित ऊंचाई | करीब 300 मीटर |
| मंजिलें | 80+ |
| कुल प्रोजेक्ट लागत | लगभग ₹7,000 करोड़ |
| EOI अंतिम तिथि | 10 अगस्त 2026 |
| EMD | ₹2 करोड़ (रिफंडेबल) |
| चयन प्रक्रिया | सुप्रीम कोर्ट समिति की निगरानी में |
निष्कर्ष
नोएडा की पहचान बन चुकी सुपरनोवा स्पाइरा परियोजना को लेकर आया यह नया अपडेट हजारों खरीदारों और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की ओर से अनुभवी डेवलपर्स से EOI आमंत्रित किए जाने के बाद उम्मीद है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह मेगा प्रोजेक्ट जल्द निर्माण की रफ्तार पकड़ सकेगा। यदि प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ती है तो सेक्टर-94 का यह प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में नई मिसाल कायम कर सकता है।


