Akanksha Puri: टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए कई एक्टर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें इसके बदले पैसे ऑफर किए जा रहे हैं। आकांक्षा ने कहा कि उन्हें भी ऐसे प्रस्ताव मिले थे, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया क्योंकि वह किसी भी आंदोलन का हिस्सा सिर्फ पब्लिसिटी या मार्केटिंग के लिए नहीं बनना चाहतीं।
छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए आकांक्षा पुरी ने लोगों से अपील की कि किसी भी गंभीर मुद्दे को प्रचार या कमाई का जरिया न बनाया जाए, बल्कि सही कारणों के लिए आवाज उठाई जाए।
आकांक्षा पुरी ने क्या कहा?
IANS से बातचीत में आकांक्षा पुरी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी अपील यही है कि लोग सही बात का समर्थन करें और किसी आंदोलन को मार्केटिंग का हिस्सा न बनाएं।
उन्होंने कहा,
“मैं बस यही चाहती हूं कि लोग सही बात का समर्थन करें। इसे मार्केटिंग का हिस्सा न बनाएं। इसके लिए पैसे न कमाएं। सही लोगों का साथ दें।”
आकांक्षा ने आगे दावा किया कि इंडस्ट्री के कई एक्टर्स और कंटेंट क्रिएटर्स जानते हैं कि अलग-अलग लोग और संगठन उनसे संपर्क कर रहे हैं ताकि वे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होकर उसे प्रचार का हिस्सा बना सकें।
‘मुझे भी ऑफर मिले, लेकिन मैंने मना कर दिया’
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें भी ऐसे ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने इन्हें स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा,
“मैं इस बकवास का हिस्सा नहीं बनना चाहती। मैं सही चीज का साथ देना चाहती हूं। इसके लिए चाहे मैं वहां मौजूद रहूं या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
आकांक्षा का कहना है कि किसी भी सामाजिक या छात्र आंदोलन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सामने लाना होना चाहिए, न कि उसे पब्लिसिटी या मार्केटिंग टूल बना देना।
छात्रों के समर्थन में कही बड़ी बात
आकांक्षा पुरी ने छात्रों के प्रति अपनी चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े दृश्य देखे तो उन्हें काफी दुख हुआ।
उन्होंने कहा,
“वे भारत का भविष्य हैं। उनके साथ ऐसा होते देखना बेहद परेशान करने वाला था। मेरी अपील है कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें पूरा समर्थन मिले।”
क्यों तेज हुआ विरोध प्रदर्शन?
18 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराने के लिए प्रदर्शन स्थल से हटाया था। वह 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। अधिकारियों के अनुसार यह कदम उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत उठाया गया।
वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन कर रहे थे। इस घटना के बाद छात्र संगठनों और समर्थकों का विरोध और तेज हो गया।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आकांक्षा का बयान
आकांक्षा पुरी के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। जहां कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स का कहना है कि यदि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो संबंधित एजेंसियों और संगठनों को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। फिलहाल आकांक्षा पुरी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उन्होंने उन लोगों या संस्थाओं के नाम सार्वजनिक किए हैं जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें ऑफर दिया था।


