EPF Unclaimed Money: अगर आपने कभी प्राइवेट नौकरी की है और नौकरी बदलने के बाद अपना EPF अकाउंट ट्रांसफर या क्लेम नहीं किया, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने संसद में बताया है कि देशभर के इनऑपरेटिव (Inactive) EPF खातों में ₹9,330.56 करोड़ की राशि पड़ी हुई है। यह रकम लाखों कर्मचारियों की है, जिन्होंने अब तक अपने EPF फंड का दावा नहीं किया है।
ऐसे में यदि आपका भी पुराना EPF अकाउंट निष्क्रिय हो चुका है, तो आप अभी भी उस पर अपना दावा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इनऑपरेटिव EPF अकाउंट क्या होता है, इसे कैसे पहचानें और पैसे निकालने या ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया क्या है।
निष्क्रिय EPF खातों में ₹9,330.56 करोड़ जमा
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक देशभर के इनऑपरेटिव एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) खातों में ₹9,330.56 करोड़ जमा हैं।
यह जानकारी सांसद आर. गिरिराजन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। सरकार के अनुसार बड़ी संख्या में कर्मचारी नौकरी बदलने, विदेश जाने या रिटायरमेंट के बाद अपने EPF खाते में जमा राशि का क्लेम नहीं करते हैं, जिससे खाते निष्क्रिय हो जाते हैं।
EPF क्या है और इसमें कितना योगदान होता है?
एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए एक अनिवार्य रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है।
इस योजना के तहत:
- कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (Basic + DA) का 12% EPF खाते में जमा करता है।
- नियोक्ता (Employer) भी 12% का योगदान देता है।
- जमा राशि पर हर साल EPFO द्वारा ब्याज भी दिया जाता है।
यह फंड कर्मचारियों की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
कब इनऑपरेटिव हो जाता है EPF अकाउंट?
EPFO के नियमों के मुताबिक किसी EPF खाते को इनऑपरेटिव (Inactive) तब माना जाता है जब:
- कर्मचारी रिटायर हो जाए और तीन साल तक कोई क्लेम न करे।
- कर्मचारी विदेश में स्थायी रूप से बस जाए।
- कर्मचारी की मृत्यु के बाद तीन साल तक खाते में कोई दावा न किया जाए।
- लंबे समय तक खाते में कोई नया योगदान (Contribution) न आए।
हालांकि खाते के इनऑपरेटिव होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा खत्म हो गया है। आप निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे क्लेम कर सकते हैं।
अगर आपका EPF अकाउंट इनऑपरेटिव है तो क्या करें?
यदि आप अभी भी किसी ऐसी कंपनी में काम कर रहे हैं जो EPF के दायरे में आती है, तो आपको:
- पुराने EPF खाते की राशि नए EPF खाते में ट्रांसफर करनी चाहिए।
- यह प्रक्रिया ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है।
यदि आप रिटायर हो चुके हैं या नौकरी छोड़ चुके हैं, तो आप EPFO के नियमों के अनुसार अपने खाते से पूरी राशि निकाल सकते हैं।
इनऑपरेटिव EPF का पैसा कैसे क्लेम करें?
यदि आपका UAN सक्रिय है, तो ऑनलाइन क्लेम करना सबसे आसान तरीका है।
ऑनलाइन क्लेम करने की प्रक्रिया
- EPFO Member Portal पर लॉगिन करें।
- अपने UAN और पासवर्ड से साइन इन करें।
- KYC, आधार, PAN और बैंक अकाउंट की जानकारी सत्यापित करें।
- Online Services में जाकर Claim (Form-31, 19 & 10C) विकल्प चुनें।
- बैंक अकाउंट वेरिफाई करें।
- आवश्यक क्लेम का प्रकार चुनें।
- आवेदन सबमिट करें।
- क्लेम स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक करें।
ऑफलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
यदि किसी कारण से ऑनलाइन क्लेम संभव नहीं है, तो कर्मचारी संबंधित EPFO कार्यालय में आवश्यक फॉर्म जमा करके ऑफलाइन भी अपना दावा कर सकते हैं।
जागरूकता अभियान चला रहा है EPFO
सरकार ने बताया कि EPFO लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। इसके तहत:
- सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता
- निधि आपके निकट (NAN) 2.0 कार्यक्रम
- कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए विशेष कैंप
आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग अपने पुराने EPF खातों का क्लेम कर सकें।
नौकरी बदलने पर ये गलती न करें
विशेषज्ञों के अनुसार नौकरी बदलने के बाद सबसे बड़ी गलती पुराना EPF अकाउंट छोड़ देना है। ऐसा करने से भविष्य में क्लेम करने में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए:
- नया जॉइन करते ही UAN को नए नियोक्ता से लिंक कराएं।
- पुराने EPF का ट्रांसफर जल्द कराएं।
- मोबाइल नंबर और KYC हमेशा अपडेट रखें।
- समय-समय पर EPF बैलेंस की जांच करते रहें।
निष्कर्ष
देशभर के निष्क्रिय EPF खातों में ₹9,330.56 करोड़ जमा होना इस बात का संकेत है कि लाखों कर्मचारी अभी तक अपने मेहनत की कमाई का दावा नहीं कर पाए हैं। यदि आपने भी नौकरी बदली है या पुराना EPF अकाउंट इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो तुरंत उसका स्टेटस जांचें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करके अपना पैसा क्लेम करें। सही समय पर कार्रवाई करने से आपका रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रहेगा और भविष्य में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।


