Market Mantra: वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों के बीच शेयर बाजार फिलहाल असमंजस की स्थिति में है। ऐसे माहौल में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभी निवेश करना सही रहेगा या कुछ समय इंतजार करना चाहिए। HSBC म्यूचुअल फंड के CEO कैलाश कुलकर्णी ने मौजूदा बाजार, सेक्टोरल ट्रेंड और निवेश रणनीति को लेकर अपनी राय साझा की है। उनका मानना है कि फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनानी चाहिए।
Highlights
- जियोपॉलिटिकल तनाव से बाजार में बनी हुई है अनिश्चितता
- भारतीय निवेशकों ने घबराकर बिकवाली नहीं की
- AI आधारित IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे नजर आ रहे हैं
- मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटाइजेशन और कैपिटल मार्केट सेक्टर पर सकारात्मक नजरिया
- FTA, PLI और China+1 रणनीति से मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिल सकता है फायदा
बाजार इस समय दोराहे पर, निवेशकों के सामने बड़ी चुनौती
शेयर बाजार इस समय कई वैश्विक और घरेलू कारकों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। एक तरफ कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियों के तिमाही नतीजे मिले-जुले रहने के बावजूद उनकी भविष्य की कमेंट्री सकारात्मक दिखाई दे रही है।
IT, बैंकिंग और कंज्यूमर सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों ने आगे के कारोबार को लेकर भरोसा जताया है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह तय करना आसान नहीं है कि अभी निवेश बढ़ाया जाए या कुछ समय बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार किया जाए।
जियोपॉलिटिकल हालात से बनी हुई है अनिश्चितता
कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निवेशकों का व्यवहार काफी परिपक्व हुआ है।
उनके मुताबिक, विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों ने घबराकर बड़े पैमाने पर बिकवाली नहीं की। यह भारतीय निवेशकों की बढ़ती समझ और लंबी अवधि की सोच को दर्शाता है।
उन्होंने सलाह दी कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और बाजार पर नजर बनाए रखते हुए वेट एंड वॉच की रणनीति अपनानी चाहिए।
भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, डाइवर्सिफाइड निवेश का फायदा
HSBC MF के CEO का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। इसका फायदा उन निवेशकों को मिल रहा है जिन्होंने अपने पोर्टफोलियो को विविधीकृत (Diversified) रखा है।
उन्होंने कहा कि डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में निवेश करने वाले निवेशकों का पैसा बेहतर तरीके से सुरक्षित रहा है। साथ ही निवेशकों का झुकाव अब केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं है।
मिडकैप और फ्लेक्सीकैप फंड में बढ़ रहा निवेश
कैलाश कुलकर्णी के अनुसार निवेशकों की रुचि लगातार मिडकैप, स्मॉलकैप और फ्लेक्सीकैप फंडों की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि:
- फ्लेक्सीकैप कैटेगरी में लगातार निवेश आ रहा है।
- मिडकैप कंपनियों ने पिछले कुछ समय में बेहतर रिटर्न दिए हैं।
- निवेशक लंबी अवधि के लिए इन कैटेगरी पर भरोसा जता रहे हैं।
हालांकि उन्होंने निवेशकों को यह भी सलाह दी कि किसी एक सेक्टर या कैटेगरी में जरूरत से ज्यादा निवेश करने से बचें।
मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम पर भरोसा
कैलाश कुलकर्णी ने कहा कि आने वाले वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन भारत की सबसे मजबूत निवेश थीम बन सकती हैं।
उनके अनुसार:
- PLI (Production Linked Incentive) योजना का लाभ कई कंपनियों को मिलेगा।
- China+1 रणनीति के कारण वैश्विक कंपनियां भारत में उत्पादन बढ़ा रही हैं।
- देश के 8-10 राज्यों में तेजी से मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां बढ़ रही हैं।
- इससे रोजगार, निवेश और कॉर्पोरेट कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है।
FTA से एक्सपोर्ट सेक्टर को मिल सकता है बड़ा फायदा
उन्होंने कहा कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का लाभ आने वाले समय में एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को मिल सकता है।
यदि वैश्विक मांग मजबूत रहती है तो एक्सपोर्ट सेक्टर की कई कंपनियों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं।
AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे
IT सेक्टर पर अपनी राय देते हुए कैलाश कुलकर्णी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कई IT कंपनियों के शेयरों का वैल्युएशन फिलहाल काफी महंगा दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि:
- AI थीम वाली कंपनियों में काफी उम्मीदें पहले से कीमतों में शामिल हो चुकी हैं।
- इसी कारण IT सेक्टर पर उनका नजरिया फिलहाल अंडरवेट है।
- निवेशकों को इस सेक्टर में चयनात्मक निवेश करना चाहिए।
कैपिटल मार्केट शेयरों में दिख सकती है मजबूत तेजी
कैलाश कुलकर्णी ने बताया कि उनका फोकस BFSI फंड के भीतर कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों पर बना हुआ है।
उनका मानना है कि आने वाले समय में:
- ब्रोकिंग कंपनियां
- एसेट मैनेजमेंट कंपनियां
- एक्सचेंज से जुड़ी कंपनियां
- कैपिटल मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां
बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं और इस पूरे स्पेस में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
फार्मा सेक्टर पर फिलहाल इंतजार बेहतर
फार्मा सेक्टर को लेकर उन्होंने फिलहाल वेट एंड वॉच की सलाह दी। उनका मानना है कि इस सेक्टर में निवेश से पहले आगे आने वाले कारोबारी संकेतों और नतीजों पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार परिस्थितियों में कैलाश कुलकर्णी की राय के अनुसार निवेशकों को:
- घबराकर खरीदारी या बिकवाली नहीं करनी चाहिए।
- पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइड बनाए रखना चाहिए।
- मिडकैप और फ्लेक्सीकैप में संतुलित निवेश जारी रख सकते हैं।
- मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटाइजेशन और कैपिटल मार्केट थीम पर नजर रखनी चाहिए।
- AI आधारित IT शेयरों में ऊंचे वैल्युएशन को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
- किसी भी निवेश से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्य का आकलन जरूर करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार बाजार विशेषज्ञ के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


