नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश का जेवर अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन के बड़े केंद्र के रूप में भी पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जेवर में SAEL के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति देने में यह प्लांट अहम भूमिका निभाएगा। इससे भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी और निर्यात को भी मजबूती मिलेगी।
सालाना 6 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट मॉड्यूल का होगा उत्पादन
जनपद गौतमबुद्ध नगर में आज SAEL के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र का शिलान्यास किया।
डबल इंजन सरकार अपने हर निवेशक के सम्मान, उन्हें आगे बढ़ाने एवं सुरक्षा प्रदान करने हेतु पूर्णत: प्रतिबद्ध है। पूर्ण विश्वास है कि यह निवेश 'नए भारत' के 'नए उत्तर प्रदेश' को विकसित बनाने… pic.twitter.com/YfUH8kiHzE
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 27, 2026 जेवर में बनने वाला यह इंटीग्रेटेड सोलर प्लांट देश की सबसे बड़ी सौर विनिर्माण परियोजनाओं में शामिल होगा। यहां हर साल 6 गीगावाट (GW) क्षमता के सोलर सेल और 5 गीगावाट (GW) क्षमता के सोलर मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे।
पूरी उत्पादन प्रक्रिया एक ही परिसर में होने से लागत कम होगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
चीन पर निर्भरता होगी कम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक भारत को सोलर सेक्टर की कई महत्वपूर्ण तकनीकों और उपकरणों के लिए दूसरे देशों, खासकर चीन पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन जेवर में बनने वाला यह प्लांट इस स्थिति को बदलने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
उन्होंने कहा कि जिन तकनीकों के लिए पहले विदेशों की ओर देखना पड़ता था, अब उनका उत्पादन उत्तर प्रदेश की धरती पर ही होगा। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आयात पर खर्च भी कम होगा।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस प्लांट के शुरू होने के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इससे स्थानीय युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा। इंजीनियर, तकनीशियन, मशीन ऑपरेटर और स्किल्ड वर्कर्स के लिए बड़े पैमाने पर अवसर बनेंगे। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और एमएसएमई सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलेगी।
ग्रीन इकोनॉमी में बढ़ेगी उत्तर प्रदेश की भूमिका
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ ग्रीन इकोनॉमी में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा से जुड़े ऐसे बड़े निवेश राज्य को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश न केवल देश की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भी मिलेगा बढ़ावा
जेवर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर में Amber और Ascent के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का भी शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, सेमीकंडक्टर, मोबाइल निर्माण और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में लगातार निवेश आकर्षित कर रही है।
उनके मुताबिक, इन निवेशों से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का बड़ा हब बनकर उभरेगा।
जेवर बन रहा औद्योगिक विकास का नया केंद्र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और अब बड़े सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जैसी परियोजनाओं के चलते जेवर तेजी से औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गौतमबुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और उद्योगों की नई संभावनाएं खुलेंगी।
भारत के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?
भारत ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में घरेलू स्तर पर सोलर सेल और मॉड्यूल का बड़े पैमाने पर निर्माण होने से आयात पर निर्भरता घटेगी, लागत कम होगी और देश का नवीकरणीय ऊर्जा मिशन तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
जेवर का यह प्लांट भारत को वैश्विक सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


