नई दिल्ली: भारत का ‘फलों का राजा’ अब सिर्फ देशवासियों का ही नहीं, बल्कि अमेरिका के ग्राहकों का भी पसंदीदा बनता जा रहा है। इस साल अमेरिका में भारतीय आमों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही ग्राहकों के WhatsApp ग्रुप में ताजे आमों की खेप आने का मैसेज पहुंचता है, कुछ ही घंटों के भीतर लोग खरीदारी के लिए तय स्थानों पर पहुंच जाते हैं।
इस बार भारतीय आमों की मांग इतनी ज्यादा है कि जून के तीसरे सप्ताह तक ही अमेरिका को होने वाला निर्यात पिछले पूरे साल के निर्यात के आंकड़े को पार कर चुका है। खास बात यह है कि अमेरिका की दिग्गज रिटेल चेन Costco भी पहली बार अपने स्टोर्स में भारतीय आम बेच रही है। इससे भारतीय आम अब केवल प्रवासी भारतीयों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अमेरिकी ग्राहकों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
WhatsApp मैसेज से शुरू होती है आम की बिक्री
अमेरिका में कई आयातकों ने आम बेचने का नया तरीका अपनाया है। वे ताजे भारतीय आमों से भरी वैन लेकर उन इलाकों में पहुंचते हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ग्राहकों को पहले से WhatsApp ग्रुप के जरिए सूचना भेजी जाती है कि आम कब और कहां उपलब्ध होंगे।
मैसेज मिलते ही लोग अपनी पसंदीदा किस्मों के आम खरीदने के लिए पहुंच जाते हैं। कई परिवारों के लिए यह सिर्फ फल खरीदना नहीं, बल्कि बचपन की यादों और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का एक खास अनुभव बन गया है।
अमेरिका में किन शहरों में सबसे ज्यादा मांग?
भारतीय आमों की सबसे ज्यादा मांग उन शहरों में देखी जा रही है जहां भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में रहता है। इनमें शामिल हैं—
- न्यू जर्सी
- डलास
- शिकागो
- लॉस एंजिलिस
- वाशिंगटन डीसी
इन शहरों में अलग-अलग राज्यों से जुड़े भारतीय अपनी पसंदीदा किस्मों के आम खरीदना पसंद करते हैं।
कौन-कौन सी किस्में सबसे ज्यादा बिक रही हैं?
अमेरिका में इस समय भारतीय आमों की कई प्रीमियम किस्मों की जबरदस्त मांग है।
- अल्फोंसो
- केसर
- हिमायत
- बंगनपल्ली
- रसालु
गुजरात के लोग जहां केसर आम पसंद करते हैं, वहीं महाराष्ट्र के लोग अल्फोंसो खरीदना पसंद करते हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के लोग बंगनपल्ली, रसालु और हिमायत जैसी दक्षिण भारतीय किस्मों की तलाश करते हैं।
कितनी है भारतीय आम की कीमत?
अमेरिका में इस बार आम की कीमत प्रीमियम स्तर पर बनी हुई है।
- 3 किलो का एक बॉक्स: 45 से 55 डॉलर
- भारतीय रुपये में लगभग: ₹3,900 से ₹4,800 (डॉलर विनिमय दर के अनुसार)
Costco इस बार 9-11 आमों वाले पारंपरिक बॉक्स की जगह केवल चार आमों वाले छोटे पैक बेच रही है, ताकि ज्यादा ग्राहक प्रीमियम भारतीय आमों का स्वाद ले सकें।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा निर्यात
एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के चेयरमैन अभिषेक देव के अनुसार, इस सीजन में अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अमेरिका को भारत से लगभग 2,188 मीट्रिक टन आम निर्यात किए गए थे, जिनकी कीमत करीब 9.6 मिलियन डॉलर थी। इस बार जून के तीसरे सप्ताह तक ही यह आंकड़ा पार हो चुका है।
ईरान संकट के बावजूद बढ़ा एक्सपोर्ट
हाल के पश्चिम एशिया तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण एयर फ्रेट की लागत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद भारतीय आमों की मांग इतनी मजबूत रही कि निर्यात प्रभावित नहीं हुआ।
APEDA का मानना है कि इस बार आम का सीजन कम से कम दो सप्ताह और लंबा चल सकता है, क्योंकि जुलाई में उत्तर भारत की अच्छी गुणवत्ता वाली किस्में भी अमेरिकी बाजार में पहुंचेंगी।
Costco के अलावा कहां बिक रहे हैं भारतीय आम?
भारतीय आम केवल Costco तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका में कई भारतीय रिटेल स्टोर्स भी इनकी बिक्री कर रहे हैं।
- Patel Brothers
- Vijeta
- Apna Bazar
- Apni Mandi
इनमें से Patel Brothers के अकेले अमेरिका में 50 से अधिक स्टोर हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं इम्पोर्टर्स
भारतीय आमों की बढ़ती लोकप्रियता का असर कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। न्यू जर्सी के आयातक यकीन शाह के अनुसार, पहले जहां सीमित लोग ही आम आयात करते थे, अब केवल न्यू जर्सी में ही लगभग 75 आयातक सक्रिय हैं। पूरे अमेरिका में यह संख्या 200 से 250 के बीच पहुंच चुकी है।
यह संकेत है कि भारतीय आम अब अमेरिका में एक मजबूत प्रीमियम फूड कैटेगरी बन चुका है।
क्यों बढ़ रही है भारतीय आमों की लोकप्रियता?
भारतीय आमों की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण हैं—
- प्रवासी भारतीयों की बढ़ती संख्या
- बचपन और अपने राज्य से जुड़ी भावनात्मक यादें
- Costco जैसी बड़ी रिटेल चेन की एंट्री
- बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग
- WhatsApp आधारित डायरेक्ट सेलिंग मॉडल
- इस बार अधिक उपलब्धता और लंबा निर्यात सीजन
निष्कर्ष
भारतीय आम अब केवल भारत की पहचान नहीं बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी अलग जगह बना रहे हैं। अमेरिका में रिकॉर्ड मांग, Costco जैसी बड़ी रिटेल चेन की भागीदारी और तेजी से बढ़ते निर्यात ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय आमों की मिठास अब दुनिया भर के ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में अमेरिका भारतीय आमों के सबसे बड़े प्रीमियम बाजारों में शामिल हो सकता है।


