नई दिल्ली: अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। कंपनी को ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया (Great Place to Work India) द्वारा भारत में काम करने के लिए टॉप 100 कंपनियों की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण, समावेशिता, भरोसे और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिया गया है।
वेदांता का कहना है कि यह उपलब्धि कंपनी की उस सोच को दर्शाती है, जिसके तहत कर्मचारियों को केवल नौकरी नहीं बल्कि सीखने, नेतृत्व करने और मूल्य सृजन में भागीदार बनने का अवसर दिया जाता है। कंपनी का कारोबार मेटल, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, तेल एवं गैस और टेक्नोलॉजी जैसे कई रणनीतिक क्षेत्रों में फैला हुआ है। आने वाले समय में कंपनी रियल एस्टेट सेक्टर में भी कदम रखने की तैयारी कर रही है।
कर्मचारियों के लिए बनाई ₹2,500 करोड़ की संपत्ति
वेदांता ने पिछले पांच वर्षों में अपने एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के जरिए कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की वेल्थ तैयार की है। कंपनी का मानना है कि कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में भागीदार बनाना ही लंबे समय तक विकास का सबसे प्रभावी तरीका है।
कंपनी ने न केवल आर्थिक लाभ देने पर ध्यान दिया है, बल्कि कर्मचारियों के कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और करियर ग्रोथ के लिए भी कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
युवा और विविध कार्यबल पर फोकस
वेदांता का कार्यबल लगातार अधिक युवा और विविध होता जा रहा है। कंपनी के अनुसार—
- कुल कर्मचारियों में 40% की उम्र 30 वर्ष से कम है।
- कंपनी के कुल कार्यबल में 23% महिलाएं शामिल हैं।
- वेदांता के विभिन्न कारोबारों में करीब 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स भी कार्यरत हैं।
कंपनी का कहना है कि विविधता और समावेशिता केवल एक नीति नहीं बल्कि उसकी कारोबारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। इससे कर्मचारियों को समान अवसर मिलने के साथ बेहतर इनोवेशन और उत्पादकता भी बढ़ती है।
सीएचआरओ ने क्या कहा?
वेदांता ग्रुप की चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (CHRO) नेहा शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह सम्मान कंपनी की भविष्य की कार्यसंस्कृति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि वेदांता ऐसा कार्यस्थल तैयार कर रही है जहां उच्च प्रदर्शन, समावेशिता और स्वामित्व की भावना एक साथ आगे बढ़ती है। पारंपरिक रूप से कठिन माने जाने वाले उद्योगों में भी कंपनी महिलाओं, युवाओं और कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों को अधिक अवसर देकर कार्यस्थल की नई पहचान बना रही है।
क्यों खास है यह सम्मान?
आज के समय में कर्मचारी केवल वेतन ही नहीं बल्कि बेहतर कार्यसंस्कृति, करियर ग्रोथ, सीखने के अवसर और समान अवसरों को भी प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया की सूची में शामिल होना किसी भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
वेदांता का कहना है कि वह भविष्य में भी कर्मचारियों के विकास, तकनीकी नवाचार और समावेशी संस्कृति पर लगातार निवेश जारी रखेगी।
वेदांता का कारोबार
वेदांता भारत की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन और मेटल कंपनियों में शामिल है। कंपनी का कारोबार एल्यूमीनियम, जिंक, कॉपर, आयरन ओर, तेल एवं गैस, बिजली, क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी भारत के औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
निष्कर्ष
वेदांता को भारत की टॉप 100 बेस्ट कंपनियों में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि कंपनी केवल कारोबार बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि कर्मचारियों के विकास, समान अवसर और बेहतर कार्य संस्कृति पर भी लगातार ध्यान दे रही है। ESOP के जरिए हजारों करोड़ रुपये की वेल्थ क्रिएट करना, युवा कार्यबल को बढ़ावा देना और महिलाओं व ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स की भागीदारी बढ़ाना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति को मजबूत बनाता है।


