Lenskart Share Price Today: ब्लॉक डील के बाद शेयर पर निवेशकों की नजर
नई दिल्ली। आईवियर रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Lenskart Solutions के शेयर बुधवार को चर्चा में रहे। कंपनी के लगभग 5.65 करोड़ शेयरों में हुई बड़ी ब्लॉक डील के बाद शुरुआती कारोबार में शेयर पर दबाव देखने को मिला। हालांकि बाद में शेयर ने कुछ रिकवरी दिखाई और निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
Highlights
- Lenskart के 5.65 करोड़ शेयरों में हुई बड़ी ब्लॉक डील
- करीब ₹2,873 करोड़ के शेयरों का हुआ लेनदेन
- CLSA ने दिया ₹604 का टार्गेट प्राइस
- Bank of America ने ₹575 का लक्ष्य तय किया
- IPO प्राइस से अभी भी करीब 29% ऊपर ट्रेड कर रहा शेयर
BSE पर सुबह कारोबार के दौरान Lenskart का शेयर करीब 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 521 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती सत्र में शेयर 517 रुपये तक फिसल गया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी ब्लॉक डील के बाद अल्पकालिक दबाव बनना सामान्य बात है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ कहानी पर इसका कितना असर पड़ता है।
5.65 करोड़ शेयरों में हुई ब्लॉक डील
एक्सचेंज के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ब्लॉक डील विंडो में Lenskart के लगभग 5.65 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ। यह सौदा 508.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर किया गया। कुल मिलाकर इस डील का आकार करीब 2,873 करोड़ रुपये रहा।
यह लेनदेन कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 3.25 प्रतिशत माना जा रहा है। हालांकि बाजार बंद होने तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इन शेयरों को बेचने वाला और खरीदने वाला पक्ष कौन था।
आमतौर पर इस प्रकार की बड़ी डील तब होती है जब कोई शुरुआती निवेशक, प्राइवेट इक्विटी फंड या संस्थागत निवेशक अपने हिस्से का कुछ हिस्सा बेचता है। कई बार ऐसी डील शेयर पर अस्थायी दबाव बनाती है, लेकिन यदि खरीदार मजबूत संस्थागत निवेशक हों तो यह बाजार में सकारात्मक संकेत भी माना जाता है।
IPO के बाद निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
Lenskart ने नवंबर 2025 में शेयर बाजार में एंट्री की थी। सूचीबद्ध होने के बाद से कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालिया गिरावट के बावजूद शेयर अपने IPO इश्यू प्राइस से लगभग 29 प्रतिशत ऊपर बना हुआ है।
कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 90,500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है, जो इसे भारत की सबसे मूल्यवान उपभोक्ता और रिटेल कंपनियों में शामिल करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की ब्रांड पहचान, ओम्नीचैनल मॉडल और टेक्नोलॉजी आधारित संचालन इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
CLSA को दिख रही 17% तक की तेजी
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म CLSA ने हाल ही में Lenskart पर अपनी कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने स्टॉक को “Outperform” रेटिंग देते हुए 604 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है।
यह लक्ष्य मौजूदा स्तरों से लगभग 17 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है।
CLSA की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने भारत में एक मजबूत आईवियर फ्रेंचाइजी विकसित की है। शहरी बाजारों के साथ-साथ छोटे शहरों और उभरते क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही है।
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्टोर विस्तार, बेहतर सप्लाई चेन, उच्च मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में सुधार कंपनी की आय और लाभ दोनों को मजबूती देंगे।
Bank of America ने भी दी Buy Rating
CLSA के अलावा Bank of America Securities ने भी Lenskart पर सकारात्मक रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने शेयर को “Buy” रेटिंग देते हुए 575 रुपये का लक्ष्य तय किया है।
BofA के अनुसार भारत में आईवियर बाजार अभी भी शुरुआती विकास चरण में है। बड़ी आबादी होने के बावजूद संगठित आईवियर रिटेल की पहुंच सीमित है। ऐसे में Lenskart के पास बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है।
रिपोर्ट में कंपनी के टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल, मजबूत ब्रांड, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सप्लाई चेन को प्रमुख ताकत बताया गया है।
क्यों खास है Lenskart का बिजनेस मॉडल?
Lenskart की सबसे बड़ी विशेषता इसका ओम्नीचैनल मॉडल है। कंपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचती है।
इसके अलावा कंपनी:
- खुद के ब्रांडेड प्रोडक्ट बेचती है
- AI आधारित आई टेस्टिंग और फ्रेम चयन सुविधा देती है
- देशभर में तेजी से नए स्टोर खोल रही है
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार कर रही है
विशेषज्ञों का मानना है कि यही मॉडल कंपनी को पारंपरिक आईवियर रिटेलर्स से अलग बनाता है।
FY26-FY28 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
Bank of America Securities का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रह सकता है।
ब्रोकरेज के अनुसार इस अवधि में:
- Revenue CAGR: 23%
- EBITDA CAGR: 39%
- Earnings CAGR: 46%
रहने की संभावना है।
यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं तो Lenskart भारतीय रिटेल सेक्टर की सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है।
मार्च तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
कंपनी के मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं।
प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | मार्च तिमाही |
|---|---|
| Revenue | ₹2,515.7 करोड़ |
| Revenue Growth | 45.6% |
| EBITDA | ₹538.4 करोड़ |
| EBITDA Growth | 84% |
| EBITDA Margin | 21.4% |
| Net Profit | ₹200 करोड़ |
| Profit Change | -8.6% |
राजस्व और परिचालन लाभ में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी फिलहाल विस्तार और नए निवेशों पर जोर दे रही है, जिसके कारण अल्पकाल में मुनाफे पर दबाव देखा जा सकता है।
क्या ₹600 के पार जा सकता है शेयर?
ब्रोकरेज हाउसों के लक्ष्य को देखें तो Lenskart के शेयर में आगे भी तेजी की संभावना दिखाई दे रही है। CLSA का लक्ष्य 604 रुपये और Bank of America का लक्ष्य 575 रुपये है।
हालांकि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि किसी भी शेयर का प्रदर्शन केवल ब्रोकरेज रिपोर्ट पर निर्भर नहीं करता। बाजार की स्थिति, उपभोक्ता मांग, कंपनी की कमाई और वैश्विक आर्थिक माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल Lenskart के पक्ष में मजबूत ब्रांड, तेज ग्रोथ, विस्तार योजनाएं और सकारात्मक ब्रोकरेज कवरेज जैसे कई कारक मौजूद हैं, जिनकी वजह से यह शेयर निवेशकों की निगरानी सूची में बना हुआ है।
निष्कर्ष
5.65 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील के बाद Lenskart के शेयर में शुरुआती दबाव जरूर देखने को मिला, लेकिन कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत दिखाई देती है। CLSA और Bank of America जैसी वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों का सकारात्मक दृष्टिकोण इस बात का संकेत है कि बाजार को कंपनी के भविष्य पर भरोसा है।
अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी तिमाहियों की कमाई, स्टोर विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रदर्शन पर रहेगी। यदि कंपनी अपने विकास की रफ्तार बनाए रखती है तो आने वाले समय में शेयर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


