स्कोप्जे, 21 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और उत्तरी मैसेडोनिया ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए व्यापार, निवेश और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आने वाले समय में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर भी सहमति व्यक्त की है।
उत्तरी मैसेडोनिया की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचीं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपनी समकक्ष गोर्दाना सिलियानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और यह यात्रा भारत-उत्तरी मैसेडोनिया संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत साबित होगी।
किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली ऐतिहासिक यात्रा
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तरी मैसेडोनिया की पहली यात्रा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
उन्होंने उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति और वहां की जनता द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए आभार भी व्यक्त किया।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर
संयुक्त प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में व्यापार, निवेश और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है, जिससे आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग भविष्य में रणनीतिक साझेदारी का मजबूत आधार बनेगा।
इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें शामिल हैं—
- कृषि
- औषधि (फार्मास्यूटिकल्स)
- वस्त्र उद्योग
- पर्यटन
- सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
- खाद्य प्रसंस्करण
- आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी)
- फिल्म निर्माण और रचनात्मक उद्योग
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
बिजनेस फोरम देगा नई गति
राष्ट्रपति ने कहा कि आयोजित बिजनेस फोरम दोनों देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों को एक-दूसरे के साथ साझेदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। इससे निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ेगा और व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।
सांस्कृतिक संबंधों पर भी दिया जोर
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने रचनात्मक उद्योग (क्रिएटिव इंडस्ट्री) को दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
वैश्विक पहलों में सहयोग का स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए कई वैश्विक पहल चला रहा है। इनमें प्रमुख हैं—
- इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA)
- कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI)
- ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस
उन्होंने इन पहलों में शामिल होने की उत्तरी मैसेडोनिया की इच्छा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर दोनों देशों का सहयोग और मजबूत होगा।
भारत-उत्तरी मैसेडोनिया संबंधों को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देगी। व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सहमति भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना सकती है।


