नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के प्रभाव से देश में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में मछली उत्पादन बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया, जबकि 2023-24 में यह 141.64 लाख टन था। सरकार का कहना है कि इस योजना ने मत्स्यपालन क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और आधुनिक अवसंरचना तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने बताया कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) लागू की है। पिछले छह वर्षों में इस योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, जलीय कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
महिलाओं को 60% तक वित्तीय सहायता
सरकार ने बताया कि पीएमएमएसवाई के तहत महिला लाभार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। लाभार्थी-केंद्रित गतिविधियों में महिलाओं को इकाई लागत का 60 प्रतिशत तक वित्तीय अनुदान दिया जाता है, जिससे इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,47,654 महिला लाभार्थियों को शामिल करने के लिए 4,178.30 करोड़ रुपये की मत्स्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
कोल्ड चेन और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ कोल्ड चेन और विपणन अवसंरचना का विकास भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के तहत अप्रैल 2026 तक 2,797 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इस निवेश का उद्देश्य मछली के भंडारण, परिवहन और बाजार तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिल सके और खाद्य अपव्यय भी कम हो।
देशभर में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं
सरकार के अनुसार मंजूर की गई परियोजनाओं के तहत देशभर में बड़ी संख्या में आधुनिक मत्स्य अवसंरचना विकसित की जा रही है। इनमें शामिल हैं:
- 775 कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट
- 28,489 मछली परिवहन इकाइयां
- 13,718 आइस बॉक्स युक्त मोटरसाइकिलें
- 8,527 आइस बॉक्स युक्त साइकिलें
- 4,257 ऑटो-रिक्शा
- 1,577 इंसुलेटेड ट्रक
- 410 रेफ्रिजरेटेड ट्रक
- 1,394 जीवित मछली बिक्री इकाइयां
- 6,018 मछली कियोस्क
- 117 खुदरा मछली बाजार
- 24 थोक मछली बाजार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए आधुनिक तकनीक, बेहतर कोल्ड चेन, विपणन सुविधाओं और वित्तीय सहायता के कारण मत्स्यपालन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इससे मछली उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण रोजगार, किसानों की आय और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को भी नई मजबूती मिल रही है।


