नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो वर्षों से स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों का दबदबा देखने को मिला है, लेकिन अब तस्वीर बदलती हुई नजर आ सकती है। वैश्विक ब्रोकरेज Jefferies का मानना है कि आने वाले समय में लार्जकैप शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ब्रोकरेज के अनुसार वैल्यूएशन, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल जैसे कई फैक्टर बड़े शेयरों के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।
Jefferies के इंडिया रिसर्च हेड महेश नंदुरकर का कहना है कि स्मॉल और मिडकैप शेयरों के मुकाबले लार्जकैप कंपनियों में निवेश का आकर्षण फिर बढ़ सकता है। उनका मानना है कि जिन कंपनियों की कमाई मजबूत होगी और जिनका वैल्यूएशन अभी भी संतुलित है, वे अगले कुछ तिमाहियों में बाजार की अगुवाई कर सकती हैं।
लार्जकैप शेयरों में वापसी की उम्मीद क्यों?
पिछले दो वर्षों में निवेशकों ने स्मॉल और मिडकैप शेयरों में शानदार रिटर्न कमाए। Nifty MidCap 150 Index ने करीब 18% की वार्षिक कंपाउंड अर्निंग्स ग्रोथ (CAGR) दर्ज की, जबकि Nifty 100 की लार्जकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ करीब 8% रही।
हालांकि Jefferies का मानना है कि अब यह अंतर धीरे-धीरे कम होगा। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक अगले दो वित्तीय वर्षों में लार्जकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ बढ़कर 14-15% प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है, जबकि मिडकैप कंपनियों की ग्रोथ लगभग 20% के आसपास रहने की संभावना है। यानी ग्रोथ का अंतर पहले की तुलना में काफी कम हो सकता है।
HDFC Bank, ICICI Bank और Reliance पर रहेगी बाजार की नजर
हाल ही में देश की तीन प्रमुख लार्जकैप कंपनियों Reliance Industries, ICICI Bank और HDFC Bank ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। ये तीनों कंपनियां निफ्टी इंडेक्स में सबसे अधिक वेटेज रखने वाले शेयरों में शामिल हैं।
- Reliance Industries के नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे।
- ICICI Bank ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए विश्लेषकों का भरोसा बढ़ाया।
- HDFC Bank के नतीजे अनुमान से थोड़े कमजोर रहे, लेकिन बैंक ने फिर भी 5% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹19,059 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
- बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ रही।
Jefferies का मानना है कि यदि लार्जकैप सेक्टर में नई तेजी शुरू होती है तो इन तीनों दिग्गज शेयरों की भूमिका अहम रह सकती है।
सिर्फ सस्ता वैल्यूएशन ही नहीं, कई फैक्टर दे रहे हैं समर्थन
Jefferies का कहना है कि लार्जकैप शेयरों के पक्ष में केवल कम वैल्यूएशन ही वजह नहीं है। भारतीय अर्थव्यवस्था के कई संकेतक भी मजबूत बने हुए हैं।
सबसे बड़ा संकेत बैंक क्रेडिट ग्रोथ है। 30 जून तक बैंकिंग सिस्टम की क्रेडिट ग्रोथ 18.6% रही, जबकि मई 2025 में यह करीब 9% के निचले स्तर तक पहुंच गई थी। इसका मतलब है कि अर्थव्यवस्था में लोन की मांग और निवेश गतिविधियां फिर तेज हो रही हैं।
इसके अलावा Jefferies जिन 201 भारतीय कंपनियों को कवर करती है, उनमें वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में औसतन 15% की अर्निंग्स ग्रोथ दर्ज की गई। वहीं घरेलू कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 16% रही, जो पिछले 12 तिमाहियों में सबसे मजबूत स्तर मानी जा रही है।
किन सेक्टर्स से ज्यादा उम्मीद?
ब्रोकरेज के अनुसार पहली तिमाही में ऑयल एंड गैस, मेटल्स और फाइनेंशियल्स को छोड़कर बाकी अधिकांश सेक्टर्स में राजस्व वृद्धि मजबूत रहने की संभावना है।
Jefferies का अनुमान है कि इन सेक्टर्स में औसतन 16% तक की रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जबकि अर्निंग्स ग्रोथ करीब 12% के आसपास स्थिर रह सकती है।
विदेशी निवेशकों की वापसी भी सकारात्मक संकेत
Jefferies के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड ने अपनी हालिया “GREED & Fear” रिपोर्ट में कहा है कि जुलाई में पहली बार फरवरी के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय शेयर बाजार में नेट खरीदार बने हैं।
उनके अनुसार वैश्विक निवेशकों का फोकस केवल AI थीम वाले शेयरों से हटकर अन्य सेक्टर्स की ओर बढ़ रहा है, जिसका फायदा भारत जैसे मजबूत ग्रोथ वाले बाजार को मिल सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी आती है, तो इससे भारत के लिए महंगाई, सरकारी सब्सिडी और कैपेक्स योजनाओं पर दबाव बन सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
यदि Jefferies का अनुमान सही साबित होता है तो आने वाले महीनों में लार्जकैप शेयरों की तुलना में स्मॉल और मिडकैप की बढ़त सीमित हो सकती है। ऐसे में मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर कमाई और आकर्षक वैल्यूएशन वाली बड़ी कंपनियां निवेशकों के लिए बेहतर अवसर बन सकती हैं।
हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


