देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी ITC Limited ने तिमाही नतीजों से ठीक पहले एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने बेबी केयर ब्रांड Mother Sparsh में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 49.32% कर दी है। इसके लिए ITC ने करीब ₹30 करोड़ का निवेश किया है।
इस निवेश के बाद बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि ITC अब तेजी से बढ़ते प्रीमियम बेबी केयर और नेचुरल प्रोडक्ट्स सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। खास बात यह है कि कंपनी ने यह फैसला अपने चौथी तिमाही के नतीजों से ठीक पहले लिया है, जिससे निवेशकों की नजर अब ITC की भविष्य की रणनीति पर टिक गई है।
Mother Sparsh में ITC की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी?
ITC ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने Mother Sparsh में अपनी हिस्सेदारी 39.47% से बढ़ाकर 49.32% कर ली है। कंपनी ने सेकेंडरी खरीद के जरिए 1,681 इक्विटी शेयर खरीदे हैं।
यह डील पूरी तरह कैश ट्रांजैक्शन के जरिए हुई है और इसके लिए ITC ने ₹30 करोड़ खर्च किए हैं। इस निवेश के बाद कंपनी को Mother Sparsh में अतिरिक्त 9.85% हिस्सेदारी मिली है।
कंपनी के मुताबिक, यह खरीदारी मौजूदा शेयरधारकों से की गई है। Mother Sparsh का कोई प्रमोटर ग्रुप नहीं है और ITC की किसी अन्य ग्रुप कंपनी का भी इसमें कोई हित नहीं है।
तिमाही नतीजों से पहले क्यों अहम है यह निवेश?
ITC 21 मई को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। ऐसे समय में कंपनी का यह निवेश कई संकेत देता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ITC अब सिर्फ सिगरेट और पारंपरिक FMCG कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी तेजी से उन सेक्टर्स पर फोकस कर रही है जहां आने वाले वर्षों में हाई ग्रोथ की संभावना है।
भारत में बेबी केयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। खासकर नेचुरल, केमिकल-फ्री और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग शहरी इलाकों में काफी तेजी से बढ़ी है। Mother Sparsh इसी सेगमेंट का बड़ा नाम बनकर उभरा है।
क्या करती है Mother Sparsh?
Mother Sparsh एक भारतीय बेबी केयर ब्रांड है, जो खासतौर पर नेचुरल और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के लिए जाना जाता है। कंपनी बेबी वाइप्स, बेबी लोशन, शैंपू, साबुन, ऑयल और स्किन केयर प्रोडक्ट्स बनाती है।
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के जरिए कंपनी की ग्रोथ काफी तेज रही है। भारत में युवा माता-पिता अब केमिकल-फ्री और प्रीमियम प्रोडक्ट्स को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका फायदा Mother Sparsh जैसी कंपनियों को मिला है।
FMCG सेक्टर में बदल रही है रणनीति
ITC पिछले कुछ वर्षों से अपने FMCG बिजनेस को तेजी से विस्तार दे रही है। कंपनी ने फूड, पर्सनल केयर, हेल्थ और प्रीमियम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में लगातार निवेश बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Mother Sparsh में हिस्सेदारी बढ़ाना ITC की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे कंपनी को तेजी से बढ़ते बेबी और पर्सनल केयर मार्केट में मजबूत पकड़ बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत का बेबी केयर मार्केट आने वाले वर्षों में कई अरब डॉलर का उद्योग बनने की उम्मीद है। बढ़ती आय, न्यूक्लियर फैमिली ट्रेंड और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग इस सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
बाजार बंद होने के बाद आई जानकारी
ITC ने यह जानकारी बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में दी। कंपनी ने कहा कि उसे इस ट्रांजैक्शन की पुष्टि दोपहर 3 बजे प्राप्त हुई।
फाइलिंग में यह भी कहा गया कि यह अधिग्रहण पूरी तरह सेकेंडरी खरीद के जरिए किया गया है और इसके बाद Mother Sparsh में ITC की हिस्सेदारी पूरी तरह डाइल्यूटेड आधार पर 49.32% हो गई है।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
ITC का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कंपनी लगातार हाई-मार्जिन और फास्ट-ग्रोइंग बिजनेस सेगमेंट्स पर फोकस बढ़ा रही है।
अगर Mother Sparsh आने वाले समय में तेजी से ग्रोथ करती है, तो ITC को इससे बड़ा फायदा मिल सकता है। साथ ही यह निवेश कंपनी के FMCG पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा।
अब निवेशकों की नजर ITC के आने वाले तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि कंपनी की FMCG ग्रोथ और मार्जिन्स में कितना सुधार देखने को मिलता है।
ITC Share पर क्या हो सकता है असर?
मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के रणनीतिक निवेश लंबे समय में ITC के लिए पॉजिटिव साबित हो सकते हैं। हालांकि अल्पकाल में शेयर पर असर कंपनी के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर ज्यादा निर्भर करेगा।
अगर FMCG बिजनेस में मजबूत ग्रोथ दिखाई देती है, तो ITC के शेयरों में सकारात्मक मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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