भारत में पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और टैक्स स्ट्रक्चर के कारण देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल महंगा हुआ है। मंगलवार 19 मई 2026 को मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹107.59 प्रति लीटर दर्ज की गई, जो पिछले दिन के ₹106.68 के मुकाबले ₹0.91 अधिक है।
पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कई शहरों में दाम ₹103 से ₹111 प्रति लीटर के बीच बने हुए हैं। खास बात यह है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब भारतीय बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल के दाम?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है। हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से तेल आयात और महंगा हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। तेल विपणन कंपनियां भी बढ़ती लागत का बोझ धीरे-धीरे ग्राहकों पर डाल रही हैं।
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताजा कीमत
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹98.64 | +₹0.87 |
| मुंबई | ₹107.59 | +₹0.91 |
| कोलकाता | ₹109.70 | +₹1.00 |
| चेन्नई | ₹104.46 | +₹0.79 |
| गुरुग्राम | ₹99.29 | +₹0.82 |
| नोएडा | ₹98.91 | +₹1.15 |
| बेंगलुरु | ₹107.12 | +₹0.95 |
| भुवनेश्वर | ₹105.09 | +₹0.52 |
| चंडीगढ़ | ₹98.10 | +₹0.83 |
| हैदराबाद | ₹111.88 | +₹0.99 |
| जयपुर | ₹109.32 | +₹1.71 |
| लखनऊ | ₹98.40 | +₹0.68 |
| पटना | ₹110.02 | +₹1.10 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹111.71 | +₹1.10 |
भारत में पेट्रोल इतना महंगा क्यों है?
भारत में पेट्रोल की कीमत केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स का बड़ा हिस्सा शामिल होता है। एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और ट्रांसपोर्टेशन लागत मिलाकर पेट्रोल की अंतिम कीमत तय होती है।
यही वजह है कि भारत में पेट्रोल की कीमत कई पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक रहती है। अलग-अलग राज्यों में वैट अलग होने के कारण हर शहर में कीमतें भी अलग दिखाई देती हैं।
पेट्रोल महंगा होने से आम आदमी पर क्या असर?
पेट्रोल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव पूरे बाजार पर दिखाई देता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जी, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा कैब किराया, बस सेवाएं और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत भी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार ईंधन महंगा होने से महंगाई दर पर दबाव बढ़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक भी ईंधन कीमतों को मुद्रास्फीति के प्रमुख कारकों में शामिल करता है।
LPG, CNG और PNG पर भी नजर
पेट्रोल के साथ-साथ लोग अब LPG, CNG और PNG की कीमतों पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में गैस ईंधन की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर महानगरों में CNG और PNG की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है।
आगे क्या हो सकता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर स्थिर रहता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि केंद्र सरकार टैक्स में राहत देकर उपभोक्ताओं को कुछ राहत दे सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई बड़ा संकेत नहीं मिला है।
Source: GoodReturns Fuel Price Data, International Crude Oil Market Trends
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