मुंबई, 26 अप्रैल 2026: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी सेक्टर में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसकी सबसे बड़ी वजह देश की प्रमुख आईटी कंपनी Infosys के कमजोर भविष्य के अनुमान रहे।
कंपनी के वित्त वर्ष 2027 के लिए दिए गए रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक ने बाजार की उम्मीदों को पूरा नहीं किया, जिसके बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई और भारी बिकवाली देखने को मिली। इसका सीधा असर शेयर कीमत पर पड़ा और Infosys का स्टॉक लगभग 7 प्रतिशत तक गिर गया।
एक दिन में हजारों करोड़ का नुकसान, निवेशकों में चिंता
शुक्रवार को Infosys का शेयर बीएसई पर 7.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,154.45 पर बंद हुआ, जबकि दिन के कारोबार में यह 52 सप्ताह के निचले स्तर ₹1,152.35 तक भी पहुंच गया।
एनएसई पर भी शेयर लगभग 6.93 प्रतिशत टूटकर ₹1,154.60 पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट के चलते कंपनी के बाजार मूल्य में करीब ₹35,746 करोड़ की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुल वैल्यू घटकर लगभग ₹4.68 लाख करोड़ रह गई।
पूरे IT सेक्टर पर दबाव, अन्य दिग्गज भी लुढ़के
Infosys की गिरावट का असर केवल उसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे आईटी सेक्टर में बिकवाली का माहौल बन गया। HCL Technologies में 5.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Tata Consultancy Services में 4.77 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
Tech Mahindra के शेयर 4.04 प्रतिशत टूट गए और Wipro में भी 1.68 प्रतिशत की गिरावट रही। इस पूरे दबाव के चलते बीएसई का IT इंडेक्स 5.13 प्रतिशत गिरकर 27,648.74 के स्तर पर आ गया।
FY27 गाइडेंस ने बढ़ाई बाजार की चिंता
Infosys ने FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच रखा है, जो बाजार की उम्मीदों से कमजोर माना जा रहा है।
कंपनी के अनुमान में अधिग्रहण से मिलने वाली 20 से 25 बेसिस प्वाइंट की ग्रोथ शामिल है, लेकिन ऑर्गेनिक ग्रोथ को लेकर बाजार में निराशा देखी जा रही है। वहीं मार्जिन गाइडेंस 20 से 22 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा गया है, जो उम्मीद के अनुरूप है लेकिन ग्रोथ साइड कमजोर दिखाई दे रही है।
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर दबाव में
हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे मजबूत रहे। Infosys ने Q4 FY26 में 20.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹8,501 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 13.4 प्रतिशत बढ़कर ₹46,402 करोड़ तक पहुंच गया।
पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.2 प्रतिशत बढ़कर ₹29,440 करोड़ रहा और रेवेन्यू 9.6 प्रतिशत बढ़कर ₹1,78,650 करोड़ हो गया। इसके बावजूद बाजार ने कंपनी के भविष्य के ग्रोथ आउटलुक को ज्यादा महत्व दिया, जिससे शेयर दबाव में आ गया।
CEO का बयान और AI को लेकर भविष्य की उम्मीदें
कंपनी के CEO और MD Salil Parekh ने कहा कि Infosys को आने वाले समय में वित्तीय सेवाओं, ऊर्जा और AI सेवाओं से मजबूत अवसर मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बड़ी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं, लेकिन साथ ही वैश्विक आर्थिक स्थिति में अनिश्चितता भी बनी हुई है। उनके अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने आर्थिक माहौल को प्रभावित किया है, हालांकि अब धीरे-धीरे स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में भी मिला मिला-जुला रुख
ब्रोकरेज हाउसों ने भी Infosys के FY27 गाइडेंस को लेकर चिंता जताई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का अनुमान उनके पूर्वानुमान से कम है और AI के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक आईटी सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AI अपनाने की वजह से क्लाइंट्स अब अपने खर्च के तरीके बदल रहे हैं, जिससे IT कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा margin compression और growth visibility को लेकर भी चिंता जताई गई है।
शेयर बाजार पर व्यापक असर
Infosys की गिरावट का असर पूरे शेयर बाजार पर भी पड़ा। Sensex में लगभग 999 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 76,664 पर बंद हुआ। वहीं Nifty भी 275 अंक टूटकर 23,897 पर आ गया।
निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण पूरे टेक सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।
AI और IT सेक्टर में बड़ा बदलाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट केवल तिमाही नतीजों का परिणाम नहीं है, बल्कि एक बड़े structural बदलाव का संकेत है। AI के तेजी से बढ़ते उपयोग ने IT सेक्टर के पारंपरिक मॉडल को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
अब कंपनियां कम लागत में अधिक automation की ओर बढ़ रही हैं, जिससे पारंपरिक outsourcing मॉडल पर दबाव बढ़ रहा है। इसके कारण IT कंपनियों की कमाई की स्थिरता पर भी असर पड़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में IT सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबे समय में भारत का आईटी सेक्टर मजबूत बना रहेगा, लेकिन अल्पकाल में volatility और valuation pressure देखने को मिल सकता है।
AI ट्रांजिशन के कारण कंपनियों के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव हो रहा है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
Infosys के मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद FY27 का कमजोर आउटलुक निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गया है। यही वजह है कि बाजार ने कंपनी के अच्छे प्रदर्शन को नजरअंदाज करते हुए भविष्य की ग्रोथ पर सवाल उठाए हैं।
AI और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच IT सेक्टर फिलहाल एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और Infosys की यह गिरावट उसी बड़े ट्रेंड का हिस्सा मानी जा रही है।
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