NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • मनोरंजन
    मनोरंजन
    NewsJagran के मनोरंजन सेक्शन में पढ़ें फिल्मी दुनिया, वेब सीरीज़, टीवी शो, म्यूज़िक, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल और वायरल वीडियो से जुड़ी हर ताज़ा खबर। एंटरटेनमेंट की…
    Show More
    Top News
    How Many Times Heart Beat And When In Danger Range
    How Many Times Heart Beat And When In Danger Range : हर मिनट कितनी बार धड़कता है दिल, कब माना जाता है डेंजर रेंज.
    27 जनवरी 2025
    This Hot Actress Did not give Even a Single Hit Film
    This Hot Actress Did not give Even a Single Hit Film : 1000 करोड़ की मूवी का रिकॉर्ड इस एक्ट्रेस के नाम है दर्ज.
    2 अप्रैल 2025
    Do This Before Proposing A Girl To Make Her Your GF
    Do This Before Proposing A Girl To Make Her Your GF : लड़की को प्रपोज करने से पहले करें यह काम, चुटकियों में बनेगी गर्लफ्रेंड
    8 फ़रवरी 2026
    Latest News
    ‘Jee Lenge’ Song Out: ‘Lukhe’ सीरीज़ का ये रोमांटिक ट्रैक क्यों बन सकता है Youth Anthem?
    25 अप्रैल 2026
    Eid 2027 पर Salman Khan–Nayanthara की फिल्म: ‘थोड़ा दूर की सोच’ वाले प्लान के पीछे क्या है बड़ा गेम?
    25 अप्रैल 2026
    Priyanka Chopra Gold Gala 2026: Global Vanguard Honor से नवाज़ी जाएंगी, Hollywood में फिर बढ़ा भारत का दबदबा
    25 अप्रैल 2026
    ‘Campus Beats Returns’ Trailer: Campus Beats के नए सीजन में प्यार, डांस और इमोशन का गहरा टकराव
    25 अप्रैल 2026
  • फाइनेंस
    फाइनेंस
    NewsJagran के फाइनेंस सेक्शन में पाएं लेटेस्ट वित्तीय समाचार, इनकम टैक्स अपडेट, सेविंग्स और निवेश की रणनीतियाँ, बैंकिंग सेक्टर की खबरें, बीमा, लोन, क्रेडिट कार्ड…
    Show More
    Top News
    Byju Raveendran की जवाबी कार्रवाई: $2.5 बिलियन का मुकदमा, FEMA आरोपों का सख्त खंडन
    Byjus Investors Vote To Remove CEO : CEO Ravindran को बाहर करने का बायजू के शेयरधारकों का कदम ‘अमान्य’
    26 फ़रवरी 2024
    यूनिटेक गुड़गांव में 5 अप्रैल से निर्माण गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयार है
    यूनिटेक गुड़गांव में 5 अप्रैल से निर्माण गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयार है, 10 साल का इंतज़ार होने जा रहा है ख़तम.
    17 जनवरी 2026
    Know the Latest rates of Gold in your city today
    Know the Latest rates of Gold in your city today : सोना सस्ता हुआ या महंगा? जानें आज 14 मई 2025 को आपके शहर के लेटेस्ट रेट्स.
    14 मई 2025
    Latest News
    साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के बीच बड़ा कदम: CyberPeace और NLU Jodhpur का MoU भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को कैसे बदल सकता है?
    25 अप्रैल 2026
    भारत में कैश और डिजिटल पेमेंट्स दोनों में तेज़ उछाल: SBI की रिपोर्ट ने खोला “Cash Paradox” का सच
    25 अप्रैल 2026
    भारत में AI आधारित SMB प्लेटफॉर्म्स का उभार: क्यों BusinessBay.io जैसी कंपनियां भारत पर बड़ा दांव लगा रही हैं
    25 अप्रैल 2026
    6G रेस में भारत की एंट्री: 10% ग्लोबल पेटेंट का लक्ष्य, सरकार ने संभाली कमान
    25 अप्रैल 2026
  • टेक्नोलॉजी
    टेक्नोलॉजी
    NewsJagran की टेक्नोलॉजी कैटेगरी में पढ़ें तकनीक की दुनिया की ताज़ा खबरें। लेटेस्ट गैजेट लॉन्च, मोबाइल रिव्यू, AI, साइबर सिक्योरिटी अपडेट और भारत-दुनिया के टेक…
    Show More
    Top News
    Diwali 2024 Sale On Best Selfie Phone Under 20K
    Diwali 2024 Sale On Best Selfie Phone Under 20K: सस्ता हुआ 32MP वाला सेल्फी कैमरा फोन, दोनों ओर से कर पाएंगे 4K Video रिकॉर्डिंग
    10 अगस्त 2025
    Top 5 Gadgets In India Under 500 Rs For Tech Geeks
    Top 5 Gadgets In India Under 500 Rs For Tech Geeks अभी खरीदें
    25 जनवरी 2026
    Jio Launched AI Phone Call Feature For Their Users
    Jio Launched AI Phone Call Feature For Their Users : Jio ने लॉन्च किया ‘AI फोन कॉल फीचर’, नई-नई खूबियों से होगा लैस, खासियत जानकर दंग रह जाएंगे!
    30 अगस्त 2024
    Latest News
    Vivo Y6 5G लॉन्च: 7200mAh बैटरी, 4nm चिप और “Breathing Light” के साथ नया बजट पावरहाउस
    24 अप्रैल 2026
    GSTAT Ranchi Bench शुरू: झारखंड के टैक्स विवाद निपटारे में बड़ा बदलाव
    24 अप्रैल 2026
    Samsung One UI 8.5 Update: Galaxy S25 के लिए बड़ा AI Upgrade, Android 16 के साथ क्या बदलने वाला है?
    24 अप्रैल 2026
    OnePlus Watch 4 लॉन्च: Titanium Design, Wear OS 6 और Dual-Chip Power के साथ आया नया फ्लैगशिप स्मार्टवॉच
    23 अप्रैल 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: भारत की ग्लास इंडस्ट्री पर ऊर्जा संकट का असर: HNG ने झेला “Energy Shock”, लेकिन चुनौतियाँ अभी बाकी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • मनोरंजन
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
Search
  • मनोरंजन
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

भारत की ग्लास इंडस्ट्री पर ऊर्जा संकट का असर: HNG ने झेला “Energy Shock”, लेकिन चुनौतियाँ अभी बाकी

Namam Sharma
Last updated: 2026/04/25 at 5:17 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
9 Min Read
hindusthan-national-glass-energy-shock-gas-supply-crisis-glass-industry-india-2026-hindi
SHARE

भारत की मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री में ग्लास सेक्टर हमेशा से एक अहम लेकिन कम चर्चा में रहने वाला हिस्सा रहा है। हाल ही में Hindusthan National Glass (HNG) के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुरज मेहता ने ANI को दिए बयान में इस सेक्टर की वास्तविक स्थिति को विस्तार से सामने रखा। उनके अनुसार, भारत की ग्लास इंडस्ट्री ने हालिया “Energy Shock” यानी ऊर्जा संकट को तो किसी तरह झेल लिया है, लेकिन लागत दबाव और गैस सप्लाई की अनिश्चितता अभी भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।

Contents
ग्लास इंडस्ट्री क्यों है सबसे अलग और संवेदनशील सेक्टर?पश्चिम एशिया संकट और भारत की ऊर्जा सप्लाई पर असरउत्पादन रुकना नहीं, लेकिन महंगा जरूर हो गयाLPG और LNG सप्लाई की समस्या: सबसे बड़ा bottleneckवैकल्पिक ईंधन ने बचाया उत्पादन, लेकिन लागत बढ़ा दीभारत की पैकेजिंग सप्लाई चेन पर असरकीमतों में बढ़ोतरी लेकिन कंपनियों ने पूरी लागत नहीं डाली ग्राहकों परसरकारी हस्तक्षेप ने दी आंशिक राहतभविष्य की सबसे बड़ी चुनौती: स्थिर ऊर्जा सप्लाईनिष्कर्ष: संकट से उबर गई इंडस्ट्री, लेकिन रास्ता आसान नहीं

यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक कंपनी या एक सेक्टर की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे ग्लोबल भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार की अस्थिरता सीधे भारत की इंडस्ट्रीज को प्रभावित करती है।


ग्लास इंडस्ट्री क्यों है सबसे अलग और संवेदनशील सेक्टर?

ग्लास मैन्युफैक्चरिंग को अक्सर एक भारी उद्योग (heavy industry) माना जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत और चुनौती इसकी “continuous production requirement” है।

Hindusthan National Glass जैसे प्लांट्स 24×7 फर्नेस पर चलते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फर्नेस को बंद करना लगभग असंभव और बेहद खतरनाक होता है।

सुरज मेहता के अनुसार, यदि फर्नेस एक बार बंद हो जाए तो अंदर मौजूद पिघला हुआ ग्लास ठंडा होकर फैल सकता है, जिससे विस्फोट जैसी स्थिति भी बन सकती है। यही कारण है कि इस उद्योग में “डाउनटाइम” की कोई गुंजाइश नहीं होती।

यही संरचनात्मक बाध्यता ग्लास इंडस्ट्री को ऊर्जा संकट के दौरान सबसे ज्यादा कमजोर बना देती है।


पश्चिम एशिया संकट और भारत की ऊर्जा सप्लाई पर असर

हाल के समय में पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत जैसे देश, जो प्राकृतिक गैस और एलएनजी (LNG) का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन जाती है।

ग्लास इंडस्ट्री प्राकृतिक गैस और फर्नेस ऑयल (LSHS) पर बहुत अधिक निर्भर है। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई बाधित होती है, इसका सीधा असर उत्पादन लागत और उपलब्धता दोनों पर पड़ता है।

HNG के अनुसार, संकट के चरम पर कई प्लांट्स में गैस की सप्लाई बेहद सीमित हो गई थी, जिससे कंपनियों को वैकल्पिक ईंधन अपनाना पड़ा।


उत्पादन रुकना नहीं, लेकिन महंगा जरूर हो गया

ग्लास इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा चैलेंज यह नहीं था कि उत्पादन बंद हो गया, बल्कि यह था कि उत्पादन बहुत ज्यादा महंगा हो गया।

कंपनी ने बताया कि संकट के दौरान ऊर्जा लागत में लगभग 67% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह एक बहुत बड़ा झटका था, खासकर तब जब कंपनियाँ पहले से ही पोस्ट-इंसॉल्वेंसी रिकवरी मोड में थीं।

Hindusthan National Glass के लिए यह स्थिति और जटिल इसलिए हो गई क्योंकि कंपनी ने हाल ही में सितंबर 2025 में insolvency से बाहर निकलकर पुनर्गठन शुरू किया था।

इस समय ऊर्जा लागत का अचानक बढ़ना किसी भी कंपनी के लिए वित्तीय संतुलन बिगाड़ सकता है।


LPG और LNG सप्लाई की समस्या: सबसे बड़ा bottleneck

ग्लास निर्माण में LPG और LNG दोनों का उपयोग अलग-अलग प्लांट्स में किया जाता है। लेकिन संकट के दौरान:

  • कुछ प्लांट्स में गैस सप्लाई बहुत सीमित हो गई
  • कुछ जगहों पर LPG सिर्फ 10% क्षमता पर उपलब्ध थी
  • पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी ने समस्या को और बढ़ाया

विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पाइपलाइन गैस उपलब्ध नहीं थी, कंपनियों को propane जैसे महंगे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ा।

यह बदलाव सिर्फ तकनीकी नहीं था, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान देने वाला था।


वैकल्पिक ईंधन ने बचाया उत्पादन, लेकिन लागत बढ़ा दी

जब प्राकृतिक गैस की सप्लाई बाधित हुई, तो कंपनियों के पास दो ही विकल्प थे:

  1. उत्पादन रोक दें (जो संभव नहीं था)
  2. वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट करें (जो महंगा था)

अधिकांश कंपनियों ने दूसरा विकल्प चुना।

Badli प्लांट जैसे स्थानों पर फर्नेस ऑयल का उपयोग बढ़ गया, जो प्राकृतिक गैस की तुलना में काफी महंगा है। कंपनी ने इसे “huge cost disadvantage” बताया।

हालांकि यह कदम मजबूरी में उठाया गया था, लेकिन इससे इंडस्ट्री के मार्जिन पर सीधा असर पड़ा।


भारत की पैकेजिंग सप्लाई चेन पर असर

ग्लास सिर्फ एक उत्पाद नहीं है, यह एक पूरी सप्लाई चेन का हिस्सा है।

Hindusthan National Glass जैसी कंपनियाँ मुख्य रूप से इन सेक्टर्स को सप्लाई करती हैं:

  • फार्मास्यूटिकल पैकेजिंग
  • फूड एंड बेवरेज इंडस्ट्री
  • अल्कोहल और बेवरेज सेक्टर

इन सभी क्षेत्रों में ग्लास पैकेजिंग एक जरूरी घटक है। इसलिए जब ग्लास इंडस्ट्री प्रभावित होती है, तो इसका असर सीधे FMCG, दवा और खाद्य उद्योगों पर भी पड़ता है।

यह स्थिति एक “chain reaction” की तरह काम करती है, जहां एक सेक्टर की समस्या पूरे इकोसिस्टम को प्रभावित करती है।


कीमतों में बढ़ोतरी लेकिन कंपनियों ने पूरी लागत नहीं डाली ग्राहकों पर

ऊर्जा और कच्चे माल की लागत बढ़ने से ग्लास बॉटल्स की कीमतों में लगभग 15-20% तक की बढ़ोतरी देखी गई।

लेकिन कंपनी ने यह भी बताया कि उन्होंने पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाली।

यह निर्णय रणनीतिक था, क्योंकि:

  • मांग को स्थिर रखना जरूरी था
  • FMCG सेक्टर पहले से दबाव में था
  • पूरी लागत ट्रांसफर करने से ऑर्डर घट सकते थे

इसलिए कंपनियों ने “partial cost pass-through” मॉडल अपनाया, जिससे वे बाजार में बने रह सकें।


सरकारी हस्तक्षेप ने दी आंशिक राहत

संकट के दौरान भारत सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

कुछ प्लांट्स में गैस सप्लाई सुधारने के लिए सरकारी हस्तक्षेप किया गया, जिससे उत्पादन पूरी तरह रुकने से बच गया।

हालांकि यह राहत अस्थायी थी, लेकिन इसने इंडस्ट्री को collapse होने से जरूर बचाया।


भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती: स्थिर ऊर्जा सप्लाई

HNG के अधिकारी के अनुसार, स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, और सप्लाई चेन बार-बार प्रभावित हो सकती है।

सबसे बड़ी जरूरत है:

  • स्थिर प्राकृतिक गैस सप्लाई
  • पाइप्ड गैस नेटवर्क का विस्तार
  • ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करना
  • वैकल्पिक ईंधन पर निर्भरता कम करना

यदि यह सुधार नहीं हुए, तो भारत की ग्लास इंडस्ट्री लगातार लागत दबाव में रहेगी।


निष्कर्ष: संकट से उबर गई इंडस्ट्री, लेकिन रास्ता आसान नहीं

भारत की ग्लास इंडस्ट्री ने यह साबित कर दिया है कि वह संकट झेल सकती है, लेकिन यह भी स्पष्ट हो गया है कि उसकी संरचना बेहद संवेदनशील है।

Hindusthan National Glass जैसे खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब survival नहीं, बल्कि stability है।

पश्चिम एशिया जैसे क्षेत्रों में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता आने वाले समय में भी जोखिम बनाए रखेगी।

ग्लास इंडस्ट्री ने “Energy Shock” को झेल लिया है, लेकिन यह कहानी खत्म नहीं हुई है। असली परीक्षा अब लागत नियंत्रण, सप्लाई स्थिरता और दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति की होगी।

भारत जैसे तेजी से बढ़ते औद्योगिक देश के लिए यह सेक्टर सिर्फ पैकेजिंग नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन की रीढ़ है—और इसे मजबूत बनाए रखना अब नीति और उद्योग दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

Also Read:

  • वेस्ट एशिया संकट के बीच राहत: PNG-CNG की 100% सप्लाई बरकरार, सरकार ने पैनिक बाइंग पर दी चेतावनी
  • AI Hiring Boom 2026: बदल रहा है जॉब मार्केट, कंपनियां अब सिर्फ स्किल नहीं बल्कि “सोचने वाले टैलेंट” ढूंढ रही हैं

You Might Also Like

साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के बीच बड़ा कदम: CyberPeace और NLU Jodhpur का MoU भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को कैसे बदल सकता है?

भारत में कैश और डिजिटल पेमेंट्स दोनों में तेज़ उछाल: SBI की रिपोर्ट ने खोला “Cash Paradox” का सच

भारत में AI आधारित SMB प्लेटफॉर्म्स का उभार: क्यों BusinessBay.io जैसी कंपनियां भारत पर बड़ा दांव लगा रही हैं

6G रेस में भारत की एंट्री: 10% ग्लोबल पेटेंट का लक्ष्य, सरकार ने संभाली कमान

AI Boom पर बड़ी रिपोर्ट: अभी ‘बबल’ नहीं, लेकिन छिपे जोखिम निवेशकों के लिए चेतावनी

TAGGED: Energy Shock, Furnace Oil, Gas Supply Crisis, Glass Industry India, HNG, Indian Economy 2026, industrial costs, LPG LNG Shortage, Manufacturing Sector, Packaging Industry, West Asia conflict
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
Namam Sharma Newsjagran ke Senior Editor hain. Rajniti, samajik muddon aur breaking news mein vishesh ruchi. Patrakarita mein 9 saal ka anubhav.
Previous Article india-cash-paradox-sbi-report-upi-growth-cash-circulation-2026-hindi भारत में कैश और डिजिटल पेमेंट्स दोनों में तेज़ उछाल: SBI की रिपोर्ट ने खोला “Cash Paradox” का सच
Next Article cyberpeace-nlu-jodhpur-mou-cyber-security-center-excellence-2026-analysis-india-hindi साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के बीच बड़ा कदम: CyberPeace और NLU Jodhpur का MoU भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को कैसे बदल सकता है?

Recent Posts

  • साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के बीच बड़ा कदम: CyberPeace और NLU Jodhpur का MoU भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को कैसे बदल सकता है?
  • भारत की ग्लास इंडस्ट्री पर ऊर्जा संकट का असर: HNG ने झेला “Energy Shock”, लेकिन चुनौतियाँ अभी बाकी
  • भारत में कैश और डिजिटल पेमेंट्स दोनों में तेज़ उछाल: SBI की रिपोर्ट ने खोला “Cash Paradox” का सच
  • भारत में AI आधारित SMB प्लेटफॉर्म्स का उभार: क्यों BusinessBay.io जैसी कंपनियां भारत पर बड़ा दांव लगा रही हैं
  • 6G रेस में भारत की एंट्री: 10% ग्लोबल पेटेंट का लक्ष्य, सरकार ने संभाली कमान

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • मनोरंजन
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team

Latest News

cyberpeace-nlu-jodhpur-mou-cyber-security-center-excellence-2026-analysis-india-hindi
साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के बीच बड़ा कदम: CyberPeace और NLU Jodhpur का MoU भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को कैसे बदल सकता है?
बिजनेस न्यूज़ 25 अप्रैल 2026
india-cash-paradox-sbi-report-upi-growth-cash-circulation-2026-hindi
भारत में कैश और डिजिटल पेमेंट्स दोनों में तेज़ उछाल: SBI की रिपोर्ट ने खोला “Cash Paradox” का सच
बिजनेस न्यूज़ 25 अप्रैल 2026
ai-led-smb-platforms-growth-india-businessbay-expansion-digital-tools-hindi
भारत में AI आधारित SMB प्लेटफॉर्म्स का उभार: क्यों BusinessBay.io जैसी कंपनियां भारत पर बड़ा दांव लगा रही हैं
बिजनेस न्यूज़ 25 अप्रैल 2026
india-6g-push-global-patent-target-telecom-ai-network-expansion-report-hindi
6G रेस में भारत की एंट्री: 10% ग्लोबल पेटेंट का लक्ष्य, सरकार ने संभाली कमान
बिजनेस न्यूज़ 25 अप्रैल 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • मनोरंजन
  • फाइनेंस
  • टेक्नोलॉजी
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?