Infosys-Knorr-Bremse Deal: देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने जर्मनी की प्रमुख कंपनी Knorr-Bremse AG के साथ अहम साझेदारी की है। इस डील का मकसद Knorr-Bremse के Tech4Value (T4V) आईटी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को गति देना है। इस साझेदारी में इंफोसिस अपनी AI क्षमताओं और Infosys Topaz फ्रेमवर्क की मदद से कंपनी के आईटी सिस्टम को आधुनिक बनाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर काम करेगी।
HighLights
- इंफोसिस ने जर्मनी की Knorr-Bremse AG के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।
- कंपनी के आईटी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए Infosys Topaz का इस्तेमाल किया जाएगा।
- जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI के जरिए पुराने आईटी सिस्टम को आधुनिक बनाने की योजना है।
- रेल और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस के एंटरप्राइज एप्लिकेशन इकोसिस्टम पर काम होगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इंफोसिस ने जर्मनी की Knorr-Bremse AG के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी का ऐलान किया है। इस समझौते के तहत इंफोसिस, Knorr-Bremse के रेल और कमर्शियल व्हीकल डिवीजनों के एंटरप्राइज एप्लिकेशन इकोसिस्टम के लिए एंड-टू-एंड मैनेज्ड सर्विसेज उपलब्ध कराएगी।
Knorr-Bremse रेल और कमर्शियल वाहनों के लिए ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा-महत्वपूर्ण कंपोनेंट बनाने वाली प्रमुख वैश्विक कंपनियों में शामिल है। ऐसे में कंपनी के लिए आईटी सिस्टम की विश्वसनीयता, सुरक्षा और लगातार बेहतर प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है।
क्या है Infosys और Knorr-Bremse का प्लान?
इस साझेदारी का मुख्य फोकस Knorr-Bremse के Tech4Value (T4V) ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाना है। इसके तहत कंपनी के मौजूदा आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और एप्लिकेशन सिस्टम को अधिक आधुनिक, सरल और कुशल बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
इंफोसिस अपने AI-first फ्रेमवर्क Infosys Topaz का इस्तेमाल करेगी। इसके जरिए जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI जैसी तकनीकों को एंटरप्राइज आईटी सिस्टम में शामिल करने की योजना है।
इसका फायदा यह हो सकता है कि पुराने और जटिल आईटी सिस्टम को धीरे-धीरे आधुनिक बनाया जा सके, प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया जा सके और कर्मचारियों को बेहतर डिजिटल सर्विसेज उपलब्ध कराई जा सकें।
IT सिस्टम को सरल बनाने पर जोर
Knorr-Bremse के लिए इस साझेदारी का एक अहम उद्देश्य उसके आईटी सिस्टम को सरल बनाना है। अलग-अलग बिजनेस यूनिट और वैश्विक स्तर पर काम करने वाली टीमों के बीच बेहतर टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन से सर्विस क्वालिटी में सुधार की उम्मीद है।
इसके अलावा, आईटी ट्रांसफॉर्मेशन से ऑपरेशनल रेजिलिएंस, अनुपालन और सर्विस गवर्नेंस को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है। सुरक्षा-महत्वपूर्ण इंडस्ट्री में काम करने वाली कंपनी के लिए ये पहलू खास महत्व रखते हैं।
कंपनी ने क्या कहा?
Knorr-Bremse के चीफ डिजिटल ऑफिसर सतीस्वरन नवरत्नम ने कहा कि कंपनी ऐसा तकनीकी आधार तैयार कर रही है जो भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो और इनोवेशन के साथ लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएशन को सपोर्ट करे। उन्होंने कहा कि इंफोसिस के साथ साझेदारी का उद्देश्य कंपनी के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को उसके प्रोडक्ट्स की तरह ही भरोसेमंद बनाना है।
वहीं, इंफोसिस के EVP और ग्लोबल हेड (मैन्युफैक्चरिंग) जसमीत सिंह ने कहा कि सुरक्षा-महत्वपूर्ण उद्योगों में काम करने वाले वैश्विक निर्माताओं के लिए लचीले और हाई-परफॉर्मेंस वाले एंटरप्राइज एप्लिकेशन जरूरी हैं। इंफोसिस अपनी मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता और AI-सक्षम सेवाओं के जरिए Knorr-Bremse को अधिक बिजनेस वैल्यू देने में मदद करेगी।
Infosys के लिए क्यों अहम है यह डील?
AI और क्लाउड आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बढ़ती मांग के बीच यह साझेदारी इंफोसिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। कंपनी लगातार अपने पारंपरिक आईटी सर्विस बिजनेस के साथ AI आधारित सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Knorr-Bremse जैसे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्राहक के साथ काम करने से इंफोसिस को AI, एंटरप्राइज एप्लिकेशन मॉडर्नाइजेशन और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
Infosys Share Price पर भी नजर
इंफोसिस ने इस साझेदारी की जानकारी 18 अगस्त को शेयर बाजार बंद होने से कुछ मिनट पहले दी। हालांकि, उस दिन कंपनी के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और Infosys का शेयर लगभग ₹1,115 पर बंद हुआ।
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में आईटी शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला है। ऐसे में नई AI आधारित डील से कंपनी के लॉन्ग टर्म बिजनेस आउटलुक को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जरूर बन सकती हैं, लेकिन शेयर पर इसका वास्तविक असर कंपनी के भविष्य के ऑर्डर, राजस्व और मार्जिन में इसके योगदान पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
Infosys और Knorr-Bremse की यह साझेदारी सिर्फ आईटी सपोर्ट तक सीमित नहीं है। इसका फोकस AI के इस्तेमाल, पुराने सिस्टम के आधुनिकीकरण, ऑटोमेशन और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। अगर यह ट्रांसफॉर्मेशन सफल रहता है तो Knorr-Bremse को अपनी वैश्विक टेक्नोलॉजी व्यवस्था को अधिक सरल और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, इंफोसिस के लिए यह डील वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में AI-सक्षम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बढ़ती मांग को भुनाने का एक और अवसर है।


