UPS Pension News: दिल्ली सरकार से सेवानिवृत्त हुए कई शिक्षकों और कर्मचारियों को कथित तौर पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत पेंशन का भुगतान शुरू नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
Highlights
- दिल्ली सरकार के कई रिटायर्ड शिक्षकों को UPS के तहत पेंशन मिलने में देरी का दावा।
- AINPSEF ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
- संगठन के मुताबिक, पेंशन में देरी के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- पत्र में दिल्ली की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका विनोद बाला के मामले का भी उदाहरण दिया गया है।
नई दिल्ली। सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था से जुड़ा एक मामला दिल्ली से सामने आया है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार के कुछ ऐसे कर्मचारी और शिक्षक, जिन्होंने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प चुना था और सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें अब तक UPS के तहत पेंशन का भुगतान शुरू नहीं हुआ है।
देश की राजधानी दिल्ली में जब, ऐसे सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी हैं, जिन्हें 30 सितम्बर 2025 से पहले #UPS के विकल्प का चयन करने के बावजूद आज तक बिना पेंशन के गुजारा करना पड़ रहा है, तो पूरे भारत में क्या हाल होगा? इसकी कल्पना करना ही मुश्किल है। इस संदर्भ में आज हमने माननीय वित्त… pic.twitter.com/t5uAYCQM38
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) August 18, 2026 AINPSEF ने इस मामले को गंभीर बताते हुए 18 अगस्त 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा और प्रभावित पेंशनभोगियों की समस्या का जल्द समाधान कराने की अपील की।
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को एक विकल्प के रूप में लागू किया है। UPS को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया था। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन का प्रावधान है, जबकि पेंशन की पात्रता और राशि योजना के निर्धारित नियमों पर निर्भर करती है।
दिल्ली सरकार के कुछ कर्मचारियों और शिक्षकों ने भी UPS का विकल्प चुना था। इनमें ऐसे कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं जो उस समय तक सेवानिवृत्त हो चुके थे या सेवानिवृत्ति के करीब थे।
AINPSEF का कहना है कि इन कर्मचारियों में से कुछ को अभी तक UPS के तहत पेंशन मिलनी शुरू नहीं हुई है। संगठन ने वित्त मंत्री से इस प्रक्रिया में आ रही देरी को दूर करने और संबंधित कर्मचारियों को जल्द पेंशन दिलाने की मांग की है।
AINPSEF ने वित्त मंत्री को क्या लिखा?
AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह ने पत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाया। संगठन के मुताबिक, UPS के लिए प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद लंबे समय से पेंशन शुरू नहीं होने के कारण कई रिटायर्ड शिक्षक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व्यक्ति की नियमित आय का महत्वपूर्ण साधन होती है। ऐसे में पेंशन भुगतान में लंबी देरी से बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
संगठन ने वित्त मंत्रालय से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।
करीब एक साल से पेंशन का इंतजार?
AINPSEF के पत्र के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने UPS के लिए समय पर आवेदन किया था, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी पेंशन शुरू नहीं हुई।
संगठन का कहना है कि आवेदन और संबंधित दस्तावेज विभागों तक पहुंचने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसी वजह से प्रभावित कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
हालांकि, UPS पेंशन में देरी के कारणों और प्रत्येक मामले की मौजूदा स्थिति का अंतिम निर्णय संबंधित विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
विनोद बाला के मामले का दिया उदाहरण
AINPSEF ने अपने पत्र में दिल्ली सरकार की पूर्व शिक्षिका विनोद बाला के मामले का भी उल्लेख किया है।
पत्र के मुताबिक, विनोद बाला ने 18 जून 2025 को UPS का फॉर्म जमा किया था। यह फॉर्म संबंधित पे एंड अकाउंट्स ऑफिस को 25 सितंबर 2025 को प्राप्त हुआ था। संगठन का दावा है कि इसके बावजूद अगस्त 2026 तक उनकी UPS पेंशन शुरू नहीं हुई थी।
AINPSEF ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भुगतान में देरी किस तरह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
वित्त मंत्री से क्या मांग की गई?
AINPSEF ने वित्त मंत्री से मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि UPS का विकल्प चुनने वाले पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा की जाए और जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, वहां पेंशन भुगतान जल्द शुरू किया जाए।
संगठन का कहना है कि लंबे समय तक पेंशन का इंतजार करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देना जरूरी है, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन उनकी आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है।
UPS को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
UPS को NPS के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक निश्चित पेंशन सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू किया गया है। ऐसे में योजना का विकल्प चुन चुके कर्मचारियों को समय पर लाभ मिलना इसकी प्रभावशीलता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
दिल्ली के सेवानिवृत्त शिक्षकों से जुड़ा यह मामला अब वित्त मंत्रालय तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग पेंशन भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को कब तक राहत देता है।
Disclaimer: UPS पेंशन में देरी और संबंधित कर्मचारियों की संख्या को लेकर ऊपर दी गई जानकारी AINPSEF द्वारा वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में किए गए दावों पर आधारित है। पात्रता, आवेदन की स्थिति और भुगतान की अंतिम पुष्टि संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से होगी।


