Jharkhand Exam Cancelled: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के विरोध और कथित अनियमितताओं के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार देर रात 2014 के बाद आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की सूची जारी की है। इन परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के साथ-साथ आउटसोर्स एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) से जुड़ी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
सरकार ने देर रात आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर इन परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणामों को रद्द करने की जानकारी दी। इस फैसले के बाद उन हजारों अभ्यर्थियों पर भी असर पड़ सकता है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में हिस्सा लिया था या इनके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया में आगे बढ़े थे।
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला
झारखंड में पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पारदर्शिता को लेकर छात्रों का विरोध जारी था। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया की जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने जैसी मांगें उठाई जा रही थीं।
इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को करीब चार घंटे तक चली कैबिनेट बैठक में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके बाद मंगलवार देर रात सरकार ने अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए रद्द की गई परीक्षाओं की सूची सार्वजनिक की।
सरकार पहले ही JSSC Combined Graduate Level (CGL) परीक्षा को रद्द करने का फैसला कर चुकी थी। इसके अलावा TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं और उसके माध्यम से प्रकाशित किए गए परिणामों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया।
44 रद्द परीक्षाओं में कौन-कौन से पद शामिल?
सरकार की ओर से जारी सूची में कई ऐसे पद शामिल हैं, जिनके लिए राज्य के युवाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन किया था। रद्द की गई परीक्षाओं में प्रशासनिक, न्यायिक, चिकित्सा, शिक्षा, वन और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े पद शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- ड्रग इंस्पेक्टर
- सहायक प्रोफेसर
- डिप्टी कलेक्टर
- डेंटल डॉक्टर
- सहायक अभियंता
- सिविल जज
- अपर लोक अभियोजक
- फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर
- सरकारी पॉलिटेक्निक के लेक्चरर
- वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी
- सहायक वन संरक्षक
- अन्य प्रशासनिक और तकनीकी पद
यानी रद्द की गई परीक्षाओं का दायरा केवल एक विभाग या एक प्रकार की सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। इसमें न्यायिक, शैक्षणिक, वैज्ञानिक, चिकित्सा, वन और प्रशासनिक नियुक्तियों से जुड़ी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
जज से लेकर साइंटिस्ट और लेक्चरर तक की भर्तियां प्रभावित
इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूची में कई उच्च स्तरीय सरकारी पदों से संबंधित भर्ती परीक्षाएं भी शामिल हैं। सिविल जज, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, सहायक प्रोफेसर और पॉलिटेक्निक लेक्चरर जैसे पदों की परीक्षाएं भी रद्द किए गए भर्ती चक्र में शामिल हैं।
इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर जैसे प्रशासनिक पद और सहायक वन संरक्षक तथा फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण पदों की भर्ती भी इस कार्रवाई के दायरे में आई है।
इससे साफ है कि सरकार ने केवल एक विवादित परीक्षा को रद्द करने के बजाय कथित अनियमितताओं से जुड़े व्यापक भर्ती तंत्र की समीक्षा का रास्ता अपनाया है।
2014 से अब तक की परीक्षाओं पर क्यों पड़ा असर?
सरकार द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक रद्द की गई परीक्षाओं में 2014 के बाद JPSC और TDPL से संबंधित आयोजित परीक्षाएं भी शामिल हैं। TDPL एक आउटसोर्स एजेंसी के रूप में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी रही थी।
सरकार का फैसला ऐसे समय आया है जब भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता, परीक्षा संचालन और परिणामों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे थे।
इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित अनियमितताओं से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा करना और भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए व्यवस्था में बदलाव करना बताया गया है।
JPSC और JSSC में बनेगा Internal Vigilance Cell
सरकार ने केवल परीक्षाएं रद्द करने तक फैसला सीमित नहीं रखा है। JPSC और JSSC में Internal Vigilance Cell बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
इस सेल का उद्देश्य दोनों आयोगों में होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करना होगा। इससे परीक्षा आयोजन, प्रश्नपत्र, परिणाम और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की आंतरिक निगरानी को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लाखों युवा सरकारी नौकरी की परीक्षाओं पर अपने करियर के लिए निर्भर रहते हैं।
गड़बड़ियों से जुड़े मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव
सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का भी फैसला किया है।
अगर ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से होती है तो अभ्यर्थियों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में फंसे रहने से राहत मिल सकती है। साथ ही भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का जल्द समाधान निकालने में भी मदद मिल सकती है।
IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनी सुधार समिति
सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल करेंगे।
समिति को भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन करके उसमें जरूरी सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव देने होंगे। खास बात यह है कि समिति को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपनी है।
इस रिपोर्ट में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए सुझाव दिए जाने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों के लिए आगे क्या?
44 भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में आवेदन किया, परीक्षा दी या परिणाम के आधार पर आगे की प्रक्रिया में शामिल हुए थे।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के आधार पर आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों और आयोगों द्वारा स्पष्ट की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे JPSC, JSSC और संबंधित विभागों की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर बनाए रखें और किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट जानकारी के आधार पर निर्णय न लें।
नई भर्ती प्रक्रिया या दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने की स्थिति में सरकार और संबंधित आयोगों की ओर से अलग से सूचना जारी की जा सकती है।
छात्रों की मांगों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से छात्रों के बीच असंतोष देखा जा रहा था। ऐसे में 44 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला राज्य की भर्ती व्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
एक तरफ इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और सुधार का रास्ता खुल सकता है, वहीं दूसरी तरफ उन अभ्यर्थियों के लिए अनिश्चितता भी बढ़ी है जिन्होंने वर्षों की तैयारी के बाद इन परीक्षाओं में हिस्सा लिया था।
अब सभी की नजर सरकार की प्रस्तावित सुधार समिति की रिपोर्ट और आगे होने वाली नई भर्ती प्रक्रिया पर रहेगी। दो महीने में आने वाली समिति की रिपोर्ट यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं को भविष्य में किस तरह अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
Jharkhand Exam Cancelled: मुख्य बातें
- झारखंड सरकार ने 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की सूची जारी की।
- रद्द परीक्षाओं में 2014 के बाद आयोजित कुछ JPSC और TDPL से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
- सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, सहायक प्रोफेसर, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और लेक्चरर जैसे पद प्रभावित हुए हैं।
- JPSC और JSSC में Internal Vigilance Cell बनाने का फैसला लिया गया है।
- भर्ती अनियमितताओं से जुड़े मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव है।
- IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में सुधार समिति गठित की गई है।
- समिति को दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।


