Market Today: ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव रह सकता है। अमेरिकी बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के अलावा US बॉन्ड यील्ड में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। वहीं, एशियाई बाजारों में भी तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। ऐसे में आज ट्रेडिंग से पहले इन अहम खबरों पर नजर डालना जरूरी है।
Market News: ग्लोबल संकेतों से बाजार पर दबाव की आशंका
गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव नजर आ रहा है, जिससे घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, कैश मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी देखने को मिली है, लेकिन वायदा बाजार में उनकी बिकवाली काफी मजबूत रही है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी करीब 2 लाख तक पहुंच गए हैं।
घरेलू बाजार के लिए आज कच्चे तेल की कीमत, US बॉन्ड यील्ड, ग्लोबल इक्विटी मार्केट और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां प्रमुख संकेतक रहेंगे।
मार्केट ओवरव्यू
18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,200 के स्तर से नीचे फिसल गया। सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63% गिरकर 77,235.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 132.75 अंक यानी 0.55% की गिरावट के साथ 24,154.90 पर रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 0.4% नीचे बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया।
हॉर्मुज को लेकर बढ़ी टेंशन, क्रूड में लगातार चौथे दिन तेजी
हॉर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव ने ग्लोबल बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि किसी भी बातचीत के लिए ईरान अपनी शर्तों पर आगे बढ़ेगा।
इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। क्रूड लगातार चौथे दिन चढ़ा है और इसकी कीमत करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई है। कच्चे तेल में आगे भी तेजी बनी रहती है तो भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई, चालू खाते और कॉरपोरेट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पेंट, केमिकल और एविएशन जैसे सेक्टरों पर भी असर पड़ सकता है।
अमेरिकी बाजार लगातार दूसरे दिन कमजोर
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की नजर कच्चे तेल के साथ-साथ US बॉन्ड यील्ड पर बनी हुई है। 30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 19 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है, जबकि 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बनी हुई है।
ऊंची बॉन्ड यील्ड से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ता है और निवेशकों का रुझान अपेक्षाकृत सुरक्षित एसेट्स की तरफ जा सकता है।
चिप शेयरों में भारी बिकवाली के चलते नैस्डैक 1.25% से ज्यादा गिर गया। एशिया में भी दबाव देखने को मिला। कॉस्पी 4% से ज्यादा नीचे आया, जबकि निक्केई में करीब 2.5% की गिरावट दर्ज की गई।
IT कंपनियों के लिए राहत के संकेत
जहां चिप शेयरों में भारी बिकवाली हुई, वहीं अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनियों में मजबूती देखने को मिली। अमेरिका में Accenture, Salesforce और Adobe जैसे शेयरों में करीब 2% से 4% तक की तेजी रही।
इसका सकारात्मक असर भारतीय IT कंपनियों के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है। Infosys का ADR भी करीब 2% चढ़ा है। ऐसे में आज भारतीय IT शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिल सकती है।
Aster DM में करीब ₹4,780 करोड़ की ब्लॉक डील संभव
Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील पर बाजार की नजर रहेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक Centella Mauritius Holdings कंपनी में करीब 7.2% हिस्सेदारी बेच सकता है।
डील के लिए करीब 6.3% डिस्काउंट के साथ ₹766 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किए जाने की बात सामने आई है। करीब ₹4,780 करोड़ की संभावित ब्लॉक डील के कारण Aster DM के शेयर में आज खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
PNG कनेक्शन के लिए इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी
घरेलू PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है। यह योजना 1 सितंबर से लागू होने वाली है। इसका उद्देश्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस खबर के चलते आज IGL और MGL समेत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। निवेशकों की नजर इस स्कीम के संभावित लाभ और कंपनियों की कनेक्शन ग्रोथ पर रहेगी।
FIIs और DIIs ने बाजार को दिया सहारा
18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश सेगमेंट में नेट खरीदार रहे। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹1,651 करोड़ की खरीदारी की।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी खरीदारी जारी रखी। DIIs ने लगातार छठे कारोबारी सत्र में खरीदारी करते हुए करीब ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।
हालांकि, कैश मार्केट में FIIs की खरीदारी के बावजूद वायदा बाजार में उनकी शॉर्ट पोजीशन चिंता का विषय बनी हुई है। इसलिए सिर्फ कैश खरीदारी के आधार पर बाजार में तेजी की उम्मीद करना जोखिम भरा हो सकता है।
आज ट्रेडिंग से पहले इन फैक्टर्स पर रखें नजर
आज भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में क्रूड ऑयल की कीमत, US बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी और एशियाई बाजारों का प्रदर्शन, GIFT Nifty, FIIs-DIIs की गतिविधियां और ईरान-अमेरिका तनाव अहम भूमिका निभा सकते हैं।
लगातार छह कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद बाजार में किसी भी रिकवरी के दौरान भी ट्रेडर्स को जल्दबाजी से बचना चाहिए। खासतौर पर ग्लोबल संकेत कमजोर रहने पर अचानक बिकवाली बढ़ सकती है। इसलिए कोई भी ट्रेड लेने से पहले बाजार की दिशा, वॉल्यूम और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना जरूरी है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश या ट्रेडिंग की सलाह न माना जाए।


