केंद्र सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 25 वरिष्ठ सिविल सेवकों (IAS अधिकारियों) के ट्रांसफर और नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है। यह बदलाव विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों में किया गया है, जिससे शासन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
किन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी?
इस फेरबदल में कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं:
- चंचल कुमार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) का सचिव नियुक्त किया गया
- संजय जाजू अब उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के सचिव होंगे
- वीर विक्रम को DGCA (Directorate General of Civil Aviation) का नया महानिदेशक बनाया गया
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी बदलाव किए हैं:
- तेजवीर सिंह – सचिव, रसायन एवं पेट्रो-केमिकल विभाग
- निवेदिता शुक्ला वर्मा – सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- साथ ही पेंशन विभाग का अतिरिक्त प्रभार
- पुनीत कंसल – अतिरिक्त सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय
- विशाल गगन – सचिव, केंद्रीय सूचना आयोग (CIC)
कृषि, कॉर्पोरेट और PMO में बदलाव
- ज्ञानेंद्र डी त्रिपाठी – सचिव, ICAR और कृषि अनुसंधान विभाग
- श्रीधर चिरुवोलु – PMO में अतिरिक्त सचिव
- अंसुमान पटनायक – अतिरिक्त सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
अन्य मंत्रालयों में अहम बदलाव
कई अन्य मंत्रालयों में भी नियुक्तियां की गई हैं:
- एन गुलजार – NCR Planning Board के सदस्य सचिव
- दिवाकर नाथ मिश्रा – अतिरिक्त सचिव, ऊर्जा मंत्रालय
- देबाशीष प्रुस्ती – अतिरिक्त सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग
- आरती कंवर – अतिरिक्त सचिव, वस्त्र मंत्रालय
- दर्पण जैन – अतिरिक्त सचिव, वाणिज्य विभाग
गृह, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग में नियुक्तियां
- प्रशांत सिताराम लोखंडे और अनुज शर्मा – गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव
- विजय नेहरा – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- नीतू कुमारी प्रसाद – राजस्व विभाग
पर्यावरण, खनन और उपभोक्ता मामलों में बदलाव
- मीनाक्षी रावत – पर्यावरण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार
- वीना कुमारी डर्मल – खनन मंत्रालय
- अपर्णा भाटिया – उपभोक्ता मामले मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव
क्यों महत्वपूर्ण है यह फेरबदल?
यह प्रशासनिक बदलाव कई कारणों से अहम माना जा रहा है:
- शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना
- विभिन्न मंत्रालयों में नई ऊर्जा और रणनीति लाना
- बड़े नीतिगत फैसलों को तेजी से लागू करना
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही दोनों बढ़ती हैं।
क्या होगा इसका असर?
- मंत्रालयों में निर्णय लेने की गति तेज हो सकती है
- नई नीतियों के क्रियान्वयन में सुधार होगा
- विभिन्न क्षेत्रों जैसे aviation, agriculture, finance में बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा
निष्कर्ष
केंद्र सरकार का यह बड़ा IAS फेरबदल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल शासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आने वाले समय में कई क्षेत्रों में नीतिगत सुधार भी देखने को मिल सकते हैं।
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