महिला आरक्षण को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और संवैधानिक कदम सामने आया है। सरकार 13 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाकर Women’s Reservation Act Amendment Bill पेश करने की तैयारी में है। यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33% आरक्षण देने के रास्ते को आसान बना सकता है।
13 अप्रैल से विशेष संसद सत्र
सरकारी सूत्रों के अनुसार:
- 13 से 15 अप्रैल तक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है
- इसी दौरान Women Reservation Amendment Bill पेश होगा
- बिल पर चर्चा और पारित करने की कोशिश होगी
यह सत्र खासतौर पर इसी महत्वपूर्ण कानून पर केंद्रित रहेगा।
क्या है Women’s Reservation Act?
2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत:
- लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित
- लेकिन अभी तक लागू नहीं हुआ
- कारण: Delimitation (सीटों के पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया लंबित
नया संशोधन क्या बदलेगा?
सरकार अब एक बड़ा बदलाव करने जा रही है:
- महिला आरक्षण को Delimitation प्रक्रिया से अलग किया जाएगा
- यानी 2027-28 का इंतजार किए बिना कानून लागू हो सकता है
- दो अलग-अलग बिल लाकर प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा
यह कदम महिलाओं को जल्द प्रतिनिधित्व देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं
प्रस्ताव के अनुसार:
- लोकसभा सीटों में 50% तक बढ़ोतरी
- कुल सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं
- इनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
इससे किसी राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं होंगी।
आरक्षण का फॉर्मूला क्या होगा?
- महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित
- SC/ST सीटों में भी 33% महिला कोटा
- आरक्षित सीटें 3 चुनाव तक स्थिर रहेंगी
- उसके बाद rotation लागू होगा
2011 जनगणना के आधार पर सीट बंटवारा
- सीटों का निर्धारण 2011 Census के आधार पर
- अगले आम चुनाव तक लागू करने की योजना
- इससे समय पर कानून लागू करना आसान होगा
राजनीतिक रणनीति और चुनावी असर
यह बिल ऐसे समय लाया जा रहा है जब:
- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव करीब हैं
- महिला वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति
- राजनीतिक लाभ की संभावना
विपक्ष का रुख
- कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है
- SP, DMK, RJD और वाम दलों ने चर्चा की मांग की
- सर्वदलीय बैठक की भी मांग उठी
- हालांकि TMC इस पहल में शामिल नहीं है
अमित शाह की भूमिका
Amit Shah ने:
- NDA और विपक्षी दलों से बातचीत की
- सहमति बनाने की कोशिश की
- बिल को पास कराने की रणनीति तैयार की
क्या बिल पास होगा?
- बिल पास करने के लिए 2/3 बहुमत जरूरी
- सरकार विपक्ष से समर्थन जुटाने में लगी
- 2023 में भी इस बिल को व्यापक समर्थन मिला था
क्यों अहम है यह बिल?
- महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी
- संसद और विधानसभाओं में संतुलन आएगा
- भारत की लोकतांत्रिक संरचना मजबूत होगी
निष्कर्ष
Women Reservation Amendment Bill भारत की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। अगर यह बिल पास होता है, तो महिलाओं को लंबे समय से इंतजार कर रहे 33% आरक्षण का लाभ जल्द मिल सकता है।
अब सबकी नजर 13 अप्रैल के विशेष संसद सत्र पर है, जहां इस कानून का भविष्य तय होगा।
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