नई दिल्ली। शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक्स देखने को मिलते हैं जो कुछ ही महीनों में निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देते हैं, लेकिन बाद में उनमें तेज गिरावट भी देखने को मिलती है। एलीटकॉन इंटरनेशनल (Elitecon International) का शेयर भी इसी तरह की चर्चा में रहा है। कंपनी का शेयर अगस्त 2024 में करीब 1.34 रुपये के स्तर पर था। इसके बाद इसमें लगातार तेजी आई और अगस्त 2025 तक यह करीब 423 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, उसके बाद शेयर में भारी करेक्शन देखने को मिला और अब यह करीब 27 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।
Highlights
- एलीटकॉन इंटरनेशनल ने FY2030 तक ₹20,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य रखा
- FMCG कारोबार के विस्तार के लिए ₹700 करोड़ निवेश की योजना
- अफ्रीका और मिडिल ईस्ट से 119 मिलियन डॉलर से ज्यादा के तंबाकू ऑर्डर
- शेयर एक समय ₹423 तक पहुंचा था, अब करीब ₹27 के आसपास कारोबार कर रहा है
शेयर में आई इस बड़ी गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपने कारोबार को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वह अपने मौजूदा तंबाकू कारोबार के साथ-साथ FMCG सेक्टर में बड़े स्तर पर विस्तार करने की तैयारी कर रही है।
FY2030 तक ₹20,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
एलीटकॉन इंटरनेशनल ने हाल ही में एक रणनीतिक रोडमैप की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि वह आने वाले वर्षों में खुद को एक विविधीकृत FMCG प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना चाहती है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष 2030 तक करीब 20,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व हासिल करना है।
कंपनी की योजना दो प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित है। पहला, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात कारोबार को मजबूत करना। दूसरा, FMCG सेगमेंट में चरणबद्ध तरीके से प्रवेश कर नए उत्पादों को बाजार में उतारना।
कंपनी पैकेज्ड फूड, स्नैक्स, खाद्य तेल और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रबंधन का मानना है कि भारत का FMCG बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें बड़ी वृद्धि की संभावना है।
नासिक की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनेगी विस्तार का आधार
FMCG कारोबार के विस्तार के लिए कंपनी महाराष्ट्र के नासिक स्थित अपनी विनिर्माण सुविधा का उपयोग करेगी। कंपनी के पास 40,000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैली उत्पादन इकाई मौजूद है।
प्रबंधन का कहना है कि इसी सुविधा को आगे अपग्रेड और विस्तारित किया जाएगा ताकि FMCG उत्पादों का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा सके। इससे कंपनी को नए संयंत्र स्थापित करने की तुलना में लागत नियंत्रण में रखने में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर विस्तार करना किसी भी कंपनी के लिए पूंजी दक्षता बढ़ाने वाला कदम माना जाता है।
अफ्रीका और मिडिल ईस्ट से मिले 119 मिलियन डॉलर के ऑर्डर
एलीटकॉन इंटरनेशनल के पास इस समय अफ्रीका और मिडिल ईस्ट क्षेत्र से 119 मिलियन डॉलर से अधिक के तंबाकू निर्यात ऑर्डर मौजूद हैं। कंपनी के लिए यह उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक माना जा रहा है।
कंपनी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका की Boja Tobacco (PTY) Limited के साथ करीब 2.02 अरब रुपये का दो वर्षीय निर्यात समझौता किया गया है। इसके अलावा यूवी इंटरनेशनल ट्रेड FZE के माध्यम से मिडिल ईस्ट क्षेत्र के लिए 97.35 मिलियन डॉलर का ऑर्डर भी कंपनी के पास है।
इन ऑर्डर्स के चलते कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे राजस्व वृद्धि के लिए एक स्थिर आधार भी तैयार हो सकता है।
FMCG विस्तार के लिए ₹700 करोड़ निवेश की योजना
कंपनी ने अपने FMCG रोडमैप के तहत लगभग 700 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। इस निवेश का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए उत्पाद लॉन्च करने, ब्रांड निर्माण और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में किया जाएगा।
कंपनी का लक्ष्य देशभर में 5,000 से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स का नेटवर्क तैयार करना है। इसके अलावा वह 5 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है।
कंपनी की योजना 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी FMCG उत्पादों की मौजूदगी दर्ज कराने की है। यदि यह रणनीति सफल रहती है तो कंपनी का कारोबार तंबाकू निर्यात से आगे बढ़कर उपभोक्ता उत्पादों तक फैल सकता है।
10 ब्रांड और 150 से अधिक SKU लॉन्च करने की तैयारी
कंपनी अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का भी बड़े स्तर पर विस्तार करना चाहती है। एलीटकॉन इंटरनेशनल ने चरणबद्ध तरीके से 10 उपभोक्ता ब्रांड विकसित करने और 150 से अधिक SKU (Stock Keeping Units) बाजार में उतारने का लक्ष्य रखा है।
FMCG उद्योग में विविध उत्पाद पोर्टफोलियो को विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यही कारण है कि कंपनी एक ही उत्पाद या श्रेणी पर निर्भर रहने के बजाय कई सेगमेंट में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।
यूएई, सिंगापुर, हांगकांग और यूके तक फैला कारोबार
एलीटकॉन इंटरनेशनल का कारोबार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंपनी पहले से ही यूएई, सिंगापुर, हांगकांग और यूनाइटेड किंगडम सहित कई विदेशी बाजारों में सक्रिय है।
तंबाकू आधारित उत्पादों के निर्माण और व्यापार के अलावा कंपनी अपनी उत्पाद श्रृंखला का भी विस्तार करना चाहती है। इसमें चबाने वाला तंबाकू, स्नफ ग्राइंडर, माचिस, मैच लाइट, पाइप और अन्य संबंधित उत्पाद शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहले से मौजूद नेटवर्क कंपनी को नए FMCG उत्पादों के लिए भी अवसर उपलब्ध करा सकता है।
शेयर में आई बड़ी गिरावट, निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
हालांकि कंपनी ने बड़े लक्ष्य और विस्तार योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन निवेशकों को केवल घोषणाओं के आधार पर फैसला लेने से बचना चाहिए। शेयर एक समय 423 रुपये तक पहुंचने के बाद अब करीब 27 रुपये के स्तर पर आ चुका है, जो इसमें आई भारी अस्थिरता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, राजस्व वृद्धि, ऑर्डर निष्पादन, कैश फ्लो और विस्तार योजनाओं की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी छोटे शेयर में निवेश से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी होता है।
कंपनी का FY2030 तक 20,000 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि एलीटकॉन इंटरनेशनल अपने तंबाकू निर्यात कारोबार और FMCG विस्तार रणनीति को किस तरह लागू करती है और क्या वह अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल कर पाती है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


