Viral Video: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में खराब सड़क की समस्या को लेकर स्कूली बच्चों ने अनोखा प्रदर्शन किया। कुरारा ब्लॉक की चंदूपुर ग्राम पंचायत से बड़ी संख्या में छात्र अपने माता-पिता के साथ तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और गांव से स्कूल तक पक्की सड़क बनाने की मांग की। बच्चों ने अधिकारियों से सड़क की बदहाल स्थिति का स्थायी समाधान करने की अपील की।
खराब सड़क से परेशान हैं स्कूली बच्चे
हमीरपुर में मंगलवार को स्कूली बच्चों का एक समूह अपने गांव से निकलकर जिला प्रशासन के कार्यालय पहुंच गया। हाथों में तिरंगा और बैनर लिए बच्चों ने सड़क की समस्या को लेकर नारे लगाए। उनका कहना था कि गांव से स्कूल तक जाने वाला रास्ता लंबे समय से खराब है और बारिश के दौरान स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाती है।
बच्चों के मुताबिक, सड़क पर बारिश के बाद कीचड़ जमा हो जाता है। ऐसे में उन्हें स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को लेकर बच्चों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की।
करीब 3,000 लोगों के लिए यही मुख्य रास्ता
Gen Alpha isn't playing. 🔥
Govt school students in UP's Hamirpur just marched right into the DM’s office demanding a proper paved road to their school. 😎🗿 pic.twitter.com/pNePkKUhm9
— Krishna Yadav (@Control_Krishna) August 11, 2026 प्रदर्शन में शामिल छात्रों और उनके माता-पिता का कहना है कि इस इलाके में करीब 3,000 लोग रहते हैं। गांव और आसपास की बस्तियों के लोगों के लिए आने-जाने का मुख्य रास्ता यही कच्ची सड़क है।
बारिश के मौसम में सड़क की हालत खराब होने का असर केवल स्कूली बच्चों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि पूरे इलाके के लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने की स्थिति में उसे अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
छात्रों का यह भी आरोप है कि पहले आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक दूसरा रास्ता वन विभाग की ओर से बंद कर दिया गया है। इसके बाद गांव के लोगों के पास इसी रास्ते से आने-जाने के अलावा कोई आसान विकल्प नहीं बचा है।
3 जुलाई को भी बच्चों ने किया था प्रदर्शन
सड़क की समस्या को लेकर स्कूली बच्चे पहली बार प्रदर्शन करने नहीं पहुंचे हैं। इससे पहले 3 जुलाई को भी छात्रों ने खराब सड़क के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस समय रास्ते पर मिट्टी डालकर उसे अस्थायी रूप से ठीक करने की कोशिश की गई थी।
हालांकि, बारिश के बाद सड़क की हालत दोबारा खराब हो गई। बच्चों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्थायी समाधान का इंतजार था, लेकिन जब समस्या दूर नहीं हुई तो उन्होंने जिला प्रशासन के कार्यालय तक पहुंचने का फैसला किया।
तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे
मंगलवार को बच्चे अपने माता-पिता के साथ जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। बच्चों के हाथों में तिरंगा और बैनर थे। बड़ी संख्या में छात्रों के जिला प्रशासन कार्यालय पहुंचने से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौके पर मौजूदगी बढ़ गई।
बच्चों की मांग थी कि उन्हें डीएम कार्यालय तक जाने दिया जाए, ताकि वे अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रख सकें। प्रशासन और पुलिस की टीम ने उन्हें कलेक्ट्रेट के गेट पर रोकने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से की बातचीत
मौके पर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अभिषेक कुमार और सर्कल ऑफिसर (CO) यशपाल सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की।
हालांकि, छात्र अपनी मांग को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने बच्चों को कलेक्ट्रेट के गेट पर रोक दिया। इसके बाद छात्र वहीं बैठ गए और सड़क बनवाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे।
प्रदर्शन कर रहे बच्चों का कहना था कि गांव से स्कूल तक पक्की सड़क बनना जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी।
Gen Alpha बच्चों का प्रदर्शन चर्चा में
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा बच्चों के खुद अपनी समस्या को लेकर प्रशासन के पास पहुंचने की हो रही है। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें स्कूली बच्चे तिरंगा लेकर अपनी मांग उठाते नजर आ रहे हैं।
बच्चों का यह कदम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने केवल स्कूल या गांव स्तर पर शिकायत करने के बजाय जिला प्रशासन के कार्यालय तक पहुंचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखने की कोशिश की।
फतेहपुर में भी छात्रों ने उठाई थी सड़क की समस्या
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भी इससे पहले छात्रों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन की ओर से उनकी समस्या पर ध्यान दिया गया था।
हमीरपुर का यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को सामने लाता है। खासकर बारिश के मौसम में खराब रास्ते बच्चों की पढ़ाई और रोजाना स्कूल आने-जाने में बड़ी बाधा बन सकते हैं।
फिलहाल, हमीरपुर में प्रदर्शन कर रहे बच्चों की मुख्य मांग गांव से स्कूल तक पक्की सड़क का निर्माण है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।


