Gold Silver Prices Today: घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार, 11 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोने का भाव लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़ा और करीब दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी ₹2,000 प्रति किलोग्राम का बड़ा उछाल आया। बाजार में मजबूत मांग और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से पहले निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को कीमती धातुओं में तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमत ₹1,200 बढ़कर ₹1,57,200 प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले सोमवार, 10 अगस्त को सोना ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार छह कारोबारी सत्रों की तेजी ने सोने की कीमत को जून के बाद के सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंचा दिया है।
चांदी की बात करें तो इसमें भी मंगलवार को मजबूत खरीदारी दिखाई दी। चांदी का भाव ₹2,000 की तेजी के साथ ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ चांदी भी दो महीने से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
सोने की कीमत में लगातार छठे दिन तेजी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में लगातार छठे कारोबारी सत्र तेजी आई है। पिछले छह सत्रों में सोने का भाव करीब 6.65 फीसदी यानी ₹9,800 प्रति 10 ग्राम बढ़ चुका है।
सोने में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब कच्चे तेल की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिल रही है। आमतौर पर महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारक सोने की मांग को प्रभावित करते हैं, लेकिन फिलहाल निवेशकों की ओर से बुलियन में मजबूत रुचि बनी हुई है।
12 जून को सोना ₹1,56,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। इसके बाद अब कीमतें फिर उसी क्षेत्र से ऊपर निकल गई हैं। बाजार में लगातार खरीदारी के कारण निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सोने की ओर बढ़ा है।
₹9,800 की तेजी से निवेशकों को राहत
पिछले छह कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत में करीब ₹9,800 प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ है। प्रतिशत के लिहाज से यह करीब 6.65 फीसदी की तेजी है। सोने में अचानक आई इस मजबूती से उन निवेशकों को राहत मिली है, जिन्होंने ऊंचे स्तरों पर इसमें निवेश किया हुआ है।
सोने की कीमतों में तेजी का असर गोल्ड ईटीएफ जैसे निवेश माध्यमों पर भी पड़ता है। ऐसे में कीमती धातु की कीमतों में लगातार तेजी निवेशकों की दिलचस्पी को और बढ़ा सकती है।
बाजार में सोने को आमतौर पर अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखा जाता है। इसलिए वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, महंगाई, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर इसमें खरीदारी बढ़ सकती है।
चांदी ₹2,000 महंगी, दो महीने से ज्यादा की ऊंचाई पर
सोने के साथ-साथ चांदी में भी मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव ₹2,000 बढ़कर ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम हो गया।
इस तेजी के साथ चांदी भी दो महीने से ज्यादा समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी का भाव इस स्तर के आसपास 30 अप्रैल को देखा गया था।
चांदी को केवल निवेश कीमती धातु के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य औद्योगिक गतिविधियों में चांदी की मांग रहती है। ऐसे में इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ-साथ इंडस्ट्रियल डिमांड का भी असर पड़ता है।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से पहले सोने पर नजर
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस समय निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर है। अमेरिका में महंगाई से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े 12 अगस्त को आने वाले हैं। इन आंकड़ों से यह संकेत मिल सकता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई का मौजूदा रुझान किस दिशा में जा रहा है।
लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले निवेशक सोने में रुचि दिखा रहे हैं। यही वजह है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत लगातार छठे सत्र में बढ़ी है।
महंगाई के आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। अगर महंगाई में अपेक्षा से ज्यादा मजबूती दिखाई देती है, तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव हो सकता है। दूसरी तरफ, महंगाई में नरमी आने पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हो सकती है।
इसी वजह से महंगाई के आंकड़े आने से पहले सोने में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड भी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मंगलवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत में तेजी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड करीब 0.38 फीसदी बढ़कर $4,373.43 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कमजोर रहा। स्पॉट सिल्वर करीब 1.3 फीसदी गिरकर $64.90 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
इससे साफ है कि घरेलू बाजार में चांदी की कीमत में ₹2,000 की तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी पर दबाव देखने को मिला। घरेलू कीमतों पर वैश्विक भाव के अलावा रुपये की चाल, स्थानीय मांग और बाजार की परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
क्रूड ऑयल की तेजी के बावजूद बुलियन मजबूत
इस समय बाजार की एक खास बात यह है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। आम तौर पर क्रूड ऑयल में तेजी से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका पैदा होती है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
इसके बावजूद बुलियन में मजबूत मांग बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक इस समय महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सोने को अपने पोर्टफोलियो में जगह दे रहे हैं।
सोने में लगातार छह सत्रों से जारी तेजी इस बात का संकेत है कि फिलहाल खरीदारों की रुचि मजबूत है। हालांकि, कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
चांदी की डिमांड सोने से क्यों अलग है?
गौरव गर्ग के मुताबिक, चांदी की मांग को केवल निवेश के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। चांदी की खासियत यह है कि इसकी मांग निवेश के अलावा औद्योगिक इस्तेमाल से भी आती है।
सोने की तुलना में चांदी का इंडस्ट्रियल उपयोग काफी महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सहित कई उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल होता है। इसलिए वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती आने पर चांदी की मांग को सपोर्ट मिल सकता है।
यही वजह है कि चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट के पीछे निवेशकों की खरीदारी के साथ इंडस्ट्रियल डिमांड भी एक महत्वपूर्ण कारक होती है।
12 अगस्त को भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े
अब बाजार की नजर 12 अगस्त पर है। इस दिन अमेरिका के साथ भारत में भी महंगाई से जुड़े आंकड़े जारी होने हैं। इन आंकड़ों का असर सोने और चांदी समेत शेयर बाजार और करेंसी मार्केट पर भी देखने को मिल सकता है।
अगर महंगाई के आंकड़े अनुमान से ज्यादा मजबूत आते हैं, तो ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर बाजार में नई चर्चा शुरू हो सकती है। वहीं, महंगाई में नरमी से बाजार को अलग संकेत मिल सकता है।
इसलिए अगले कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Gold Silver Prices Today: निवेशकों के लिए क्या संकेत?
11 अगस्त की तेजी को देखें तो घरेलू बाजार में फिलहाल सोने और चांदी दोनों में मजबूत खरीदारी दिखाई दे रही है। सोना ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुका है, जबकि चांदी ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
सोने में पिछले छह सत्रों की ₹9,800 की तेजी और चांदी में एक दिन में ₹2,000 का उछाल बताता है कि कीमती धातुओं में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, इतनी तेजी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव भी बढ़ सकता है।
निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय ग्लोबल गोल्ड-सिल्वर प्राइस, डॉलर-रुपया, अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरों और घरेलू मांग जैसे प्रमुख कारकों पर नजर रखनी चाहिए।
नोट: सोने और चांदी के ऊपर दिए गए भाव 11 अगस्त के दिल्ली सर्राफा बाजार से संबंधित हैं। अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और खरीदारी के समय के आधार पर वास्तविक कीमत में अंतर हो सकता है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क अलग से लागू हो सकते हैं।


