Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी HG Infra Engineering को राजस्थान सरकार की ओर से एक अहम प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को भिवाड़ी क्लस्टर के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के संचालन और मैनेजमेंट के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) जारी किया गया है। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की PM-SETU योजना के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की अनुमानित कुल लागत करीब ₹241 करोड़ है, जबकि HG Infra Engineering की हिस्सेदारी लगभग ₹17.1 करोड़ है। कंपनी को इस ITI के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी 10 साल तक निभानी होगी। LOA कंपनी को 11 अगस्त 2026 को मिला है।
इस खबर के बीच मंगलवार को HG Infra Engineering के शेयर में गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर 0.97% गिरकर ₹548 के स्तर पर बंद हुआ।
राजस्थान में मिला ITI संचालन का प्रोजेक्ट
HG Infra Engineering ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे राजस्थान सरकार की ओर से Industrial Training Institute (ITI), Bhiwadi Cluster के संचालन और मैनेजमेंट के लिए LOA मिला है।
इस प्रोजेक्ट में कंपनी Anchor Industry Partner की भूमिका निभाएगी। प्रोजेक्ट को PPP मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। इसका मकसद इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को बेहतर तरीके से संचालित करना और युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराने में मदद करना है।
कंपनी को इस ITI के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी लंबे समय के लिए दी गई है। समझौते के तहत HG Infra Engineering करीब 10 वर्षों तक इस संस्थान के संचालन में शामिल रहेगी।
₹241 करोड़ के प्रोजेक्ट में HG Infra की हिस्सेदारी कितनी?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब ₹241 करोड़ बताई गई है। इसमें HG Infra Engineering की हिस्सेदारी लगभग ₹17.1 करोड़ है। यानी कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 7% के आसपास बैठती है।
यह प्रोजेक्ट कंपनी के पारंपरिक रोड और हाईवे EPC कारोबार से कुछ अलग है। HG Infra अब इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के अलावा ऐसे प्रोजेक्ट्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, जहां लंबे समय तक संचालन और मैनेजमेंट की भूमिका निभानी होती है।
PM-SETU योजना के तहत प्रोजेक्ट
भिवाड़ी ITI से जुड़ा यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की PM-SETU (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) पहल के तहत है। इस तरह की परियोजनाओं का उद्देश्य ITI संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेनिंग और इंडस्ट्री कनेक्ट को मजबूत करना है।
Anchor Industry Partner के तौर पर HG Infra की भूमिका सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी को ITI के संचालन और मैनेजमेंट से जुड़े काम में भी भागीदारी करनी होगी।
कंपनी की ऑर्डर बुक से जुड़े पुराने अपडेट
HG Infra Engineering के लिए हाल के महीनों में कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर भी अपडेट सामने आए हैं। मई 2026 में कंपनी ने महाराष्ट्र के दो प्रोजेक्ट्स को अपनी ऑर्डर बुक में शामिल नहीं करने का फैसला किया था।
ये दोनों प्रोजेक्ट नागपुर-चंद्रापुर एक्सेस सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे से जुड़े थे। कंपनी को मई 2024 में दोनों पैकेज के लिए L1 बिडर घोषित किया गया था।
हालांकि, बाद में प्रोजेक्ट्स के समय पर शुरू होने को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई। इसके चलते कंपनी ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स को अपनी ऑर्डर बुक में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया।
कंपनी के अनुसार, इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए जमा की गई बैंक गारंटी MSRDC की ओर से वापस कर दी गई थी। हालांकि, बैंक गारंटी वापस करने की वजह कंपनी की ओर से नहीं बताई गई थी।
HG Infra Engineering के शेयर का प्रदर्शन
मंगलवार को HG Infra Engineering के शेयर में करीब 0.97% की गिरावट आई और यह ₹548 पर बंद हुआ।
शेयर के पिछले प्रदर्शन की बात करें तो पिछले छह महीनों में इसमें करीब 21.29% की गिरावट आई है। वहीं, एक साल की अवधि में स्टॉक ने लगभग 45% का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹3,580 करोड़ है। ऐसे में राजस्थान से मिला नया प्रोजेक्ट कंपनी के लिए कारोबार में विविधता लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।
क्या करती है HG Infra Engineering?
HG Infra Engineering मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनी है। इसका प्रमुख कारोबार रोड, हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेलवे से जुड़े EPC प्रोजेक्ट्स से संबंधित है।
कंपनी सड़क निर्माण के अलावा पुल, फ्लाईओवर और अन्य सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी काम करती है। सरकारी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कंपनी की मौजूदगी रही है।
अब ITI संचालन और मैनेजमेंट जैसे प्रोजेक्ट में एंट्री के जरिए कंपनी अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजस्थान का भिवाड़ी ITI प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक उदाहरण है, जहां कंपनी को लंबे समय तक संचालन की जिम्मेदारी मिली है।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
राजस्थान से मिला यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए सकारात्मक कारोबारी अपडेट है, लेकिन इसकी कुल वैल्यू में HG Infra की हिस्सेदारी करीब ₹17.1 करोड़ है। इसलिए केवल इस एक प्रोजेक्ट के आधार पर कंपनी के शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, नए ऑर्डर मिलने की गति, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, मार्जिन, कर्ज और तिमाही वित्तीय नतीजों पर भी नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही शेयर के हालिया कमजोर प्रदर्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और अन्य जरूरी पहलुओं का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करें और आवश्यकता होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


