LIC Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने जून तिमाही में अपने शेयर पोर्टफोलियो में कई अहम बदलाव किए हैं। एलआईसी देश की सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) है और उसकी खरीद-बिक्री पर बाजार के निवेशकों की नजर रहती है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में एलआईसी ने कई बड़ी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी का मूल्य घटाया है।
एलआईसी के पोर्टफोलियो में इन्फोसिस, टीसीएस, वेदांता, ONGC, HCL टेक्नोलॉजीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। जून तिमाही के दौरान इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट के साथ एलआईसी की होल्डिंग का बाजार मूल्य भी कम हुआ। हालांकि, होल्डिंग वैल्यू में कमी को सीधे तौर पर शेयर बेचने के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसमें शेयर कीमतों में बदलाव का भी असर होता है।
इन्फोसिस में LIC की होल्डिंग घटी
आईटी कंपनी इन्फोसिस में एलआईसी की होल्डिंग का मूल्य 31 मार्च 2026 को करीब 54,124 करोड़ रुपये था। 30 जून 2026 तक यह घटकर 43,895 करोड़ रुपये रह गया। यानी तिमाही के दौरान होल्डिंग वैल्यू में करीब 10,229 करोड़ रुपये की कमी आई।
इसी अवधि में इन्फोसिस के शेयर में करीब 20.01% की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में एलआईसी की होल्डिंग वैल्यू पर शेयर कीमत में गिरावट का बड़ा असर पड़ा।
वेदांता में सबसे बड़ी गिरावट
मेटल और माइनिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी वेदांता में भी एलआईसी की होल्डिंग वैल्यू में बड़ी कमी आई। 31 मार्च को यह करीब 12,109 करोड़ रुपये थी, जो जून के अंत तक घटकर 4,996 करोड़ रुपये रह गई।
इस तरह होल्डिंग वैल्यू में करीब 7,113 करोड़ रुपये की कमी आई। इसी अवधि में वेदांता के शेयर में 57.12% की गिरावट दर्ज की गई। जून तिमाही में एलआईसी के पोर्टफोलियो में यह सबसे बड़ी वैल्यू गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा।
TCS में LIC की हिस्सेदारी का मूल्य घटा
देश की प्रमुख आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) में भी एलआईसी की होल्डिंग वैल्यू कम हुई है। मार्च 2026 के अंत में TCS में LIC की होल्डिंग करीब 47,073 करोड़ रुपये थी।
30 जून 2026 तक यह घटकर 40,569 करोड़ रुपये रह गई। यानी करीब 6,504 करोड़ रुपये की कमी आई। इस दौरान TCS के शेयर में लगभग 13.88% की गिरावट देखने को मिली।
ONGC में 7,048 करोड़ रुपये की कमी
सरकारी तेल एवं गैस कंपनी Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) में भी LIC की होल्डिंग वैल्यू में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मार्च के अंत में यह करीब 36,461 करोड़ रुपये थी, जो जून के अंत में घटकर 29,413 करोड़ रुपये रह गई।
इस तरह LIC की ONGC में होल्डिंग वैल्यू करीब 7,048 करोड़ रुपये कम हुई। इसी अवधि में ONGC के शेयर में 17.48% की गिरावट आई।
HCL Technologies में भी घटा निवेश मूल्य
आईटी कंपनी HCL Technologies में LIC की होल्डिंग का मूल्य मार्च 2026 के अंत में करीब 25,393 करोड़ रुपये था। जून तिमाही खत्म होने तक यह घटकर 20,789 करोड़ रुपये रह गया।
यानी तीन महीनों में होल्डिंग वैल्यू करीब 4,604 करोड़ रुपये कम हुई। इस दौरान HCL Tech के शेयर में करीब 20.11% की गिरावट दर्ज की गई।
Reliance Industries में भी कमी
देश की सबसे बड़ी वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल Reliance Industries में एलआईसी की होल्डिंग वैल्यू में अपेक्षाकृत कम गिरावट आई। मार्च 2026 के अंत में LIC की रिलायंस में होल्डिंग करीब 1,21,548 करोड़ रुपये थी।
जून के अंत में यह घटकर 1,18,396 करोड़ रुपये रह गई। यानी होल्डिंग वैल्यू में करीब 3,152 करोड़ रुपये की कमी आई। इस अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में करीब 3.72% की गिरावट हुई।
Coal India में LIC की होल्डिंग
सरकारी कंपनी Coal India में LIC की होल्डिंग का मूल्य मार्च के अंत में करीब 30,665 करोड़ रुपये था। जून 2026 के अंत तक यह घटकर 27,709 करोड़ रुपये रह गया।
इस तरह होल्डिंग वैल्यू में 2,956 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं, जून तिमाही के दौरान Coal India के शेयर में करीब 2.53% की गिरावट दर्ज की गई।
Tata Steel में भी घटा पोर्टफोलियो वैल्यू
Tata Steel में एलआईसी की होल्डिंग का मूल्य मार्च के अंत में 16,584 करोड़ रुपये था। जून के अंत तक यह घटकर 14,960 करोड़ रुपये रह गया।
इसमें करीब 1,624 करोड़ रुपये की कमी आई। इसी अवधि में टाटा स्टील के शेयर में करीब 1.98% की गिरावट दर्ज की गई।
LTM और Britannia में भी कम हुई होल्डिंग वैल्यू
LTM में LIC की होल्डिंग का मूल्य 31 मार्च 2026 को करीब 11,665 करोड़ रुपये था। 30 जून 2026 तक यह घटकर 10,282 करोड़ रुपये रह गया। यानी करीब 1,383 करोड़ रुपये की कमी आई। इस दौरान शेयर में करीब 11.85% की गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह Britannia Industries में LIC की होल्डिंग का मूल्य मार्च के अंत में 5,848 करोड़ रुपये था, जो जून के अंत तक घटकर 4,938 करोड़ रुपये रह गया। यानी इसमें करीब 910 करोड़ रुपये की कमी आई। इस दौरान ब्रिटानिया के शेयर में करीब 5.10% की गिरावट हुई।
जून तिमाही में LIC की होल्डिंग में बदलाव
| कंपनी | 31 मार्च 2026 होल्डिंग वैल्यू | 30 जून 2026 होल्डिंग वैल्यू | कमी | शेयर में बदलाव |
|---|---|---|---|---|
| Infosys | ₹54,124 करोड़ | ₹43,895 करोड़ | ₹10,229 करोड़ | -20.01% |
| Vedanta | ₹12,109 करोड़ | ₹4,996 करोड़ | ₹7,113 करोड़ | -57.12% |
| ONGC | ₹36,461 करोड़ | ₹29,413 करोड़ | ₹7,048 करोड़ | -17.48% |
| TCS | ₹47,073 करोड़ | ₹40,569 करोड़ | ₹6,504 करोड़ | -13.88% |
| HCL Technologies | ₹25,393 करोड़ | ₹20,789 करोड़ | ₹4,604 करोड़ | -20.11% |
| Reliance Industries | ₹1,21,548 करोड़ | ₹1,18,396 करोड़ | ₹3,152 करोड़ | -3.72% |
| Coal India | ₹30,665 करोड़ | ₹27,709 करोड़ | ₹2,956 करोड़ | -2.53% |
| Tata Steel | ₹16,584 करोड़ | ₹14,960 करोड़ | ₹1,624 करोड़ | -1.98% |
| LTM | ₹11,665 करोड़ | ₹10,282 करोड़ | ₹1,383 करोड़ | -11.85% |
| Britannia Industries | ₹5,848 करोड़ | ₹4,938 करोड़ | ₹910 करोड़ | -5.10% |
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
LIC के पोर्टफोलियो में किसी शेयर की होल्डिंग वैल्यू कम होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि कंपनी ने उतनी ही राशि के शेयर बेच दिए हैं। शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव से भी होल्डिंग का बाजार मूल्य बदलता है। इसलिए केवल होल्डिंग वैल्यू में कमी देखकर LIC की खरीद-बिक्री की पूरी तस्वीर नहीं निकाली जा सकती।
फिर भी इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि जून तिमाही के दौरान LIC के कई बड़े पोर्टफोलियो स्टॉक्स दबाव में रहे। खास तौर पर वेदांता, इन्फोसिस, ONGC, TCS और HCL Tech में शेयर कीमतों की गिरावट का असर होल्डिंग वैल्यू पर स्पष्ट दिखाई दिया।
LIC जैसी बड़ी संस्थागत निवेशक की गतिविधियां इसलिए भी महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि उसके पोर्टफोलियो का आकार काफी बड़ा है। हालांकि, खुदरा निवेशकों को केवल LIC की होल्डिंग में बदलाव देखकर किसी शेयर में निवेश या बिक्री का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, सेक्टर आउटलुक और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।


