Gift Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार की शुरुआत कमजोर संकेतों के साथ होती दिख रही है। ग्लोबल बाजारों में तेज बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) करीब 200 अंक की कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। ऐसे में आज घरेलू बाजार में भी दबाव देखने को मिल सकता है और निवेशकों की नजर निफ्टी एवं बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी।
सुबह 8 बजे गिफ्ट निफ्टी 200 अंक से ज्यादा नीचे
निफ्टी 50 की शुरुआती दिशा बताने वाला गिफ्ट निफ्टी सुबह करीब 8 बजे 23,656.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर 23,873.60 से लगभग 205 अंक नीचे था। इससे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हो सकती है।
लगातार चौथे दिन गिरा था भारतीय बाजार
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। यह 6 जून के बाद गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला रहा।
- निफ्टी 50 126.65 अंक (0.53%) गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।
- सेंसेक्स 363.66 अंक (0.47%) टूटकर 76,391.39 पर आ गया।
बाजार पर ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता का दबाव साफ दिखाई दिया।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली
शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली।
- जापान का निक्केई 225 करीब 2.46% फिसला।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3.04% टूटा।
- ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 करीब 0.57% नीचे रहा।
- चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली 0.01% गिरा।
टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों का जोखिम लेने का रुख कमजोर कर दिया।
अमेरिकी बाजार भी भारी दबाव में बंद
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
- डॉव जोन्स 506.93 अंक (0.97%) गिरा।
- S&P 500 1.21% टूट गया।
- नैस्डैक कंपोजिट 2.15% लुढ़क गया।
अल्फाबेट और टेस्ला के शेयरों में अर्निंग्स के बाद आई बड़ी गिरावट का सबसे ज्यादा असर टेक शेयरों पर देखने को मिला।
100 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और रेड सी में जहाजों पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया।
- ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है।
- WTI क्रूड करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड में लगभग 14% की तेजी दर्ज की गई है। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के लिहाज से चिंता बढ़ा सकती हैं।
जियोपॉलिटिकल तनाव से बढ़ी चिंता
रेड सी में हूथी हमलों, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा रूस के ब्लैक सी क्षेत्र में तेल निर्यात से जुड़े घटनाक्रमों ने वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं का सीधा असर ऊर्जा बाजार और वैश्विक इक्विटी मार्केट पर देखने को मिल रहा है।
आज निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए क्या हैं अहम लेवल?
बैंक निफ्टी आउटलुक
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, बैंक निफ्टी में फिलहाल नेगेटिव बायस बना हुआ है।
रेजिस्टेंस लेवल
- 56,800–56,900
- 57,200–57,300
सपोर्ट लेवल
- 56,400–56,300
- इसके नीचे टूटने पर 56,000–55,800 तक गिरावट संभव।
उनका कहना है कि इंडेक्स अभी अपने प्रमुख रेजिस्टेंस से नीचे कारोबार कर रहा है। जब तक बैंक निफ्टी 57,000 के ऊपर टिकाऊ बढ़त नहीं दिखाता, तब तक शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर ही माना जाएगा।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट के अनुसार,
- सपोर्ट: 23,600
- रेजिस्टेंस: 24,000
उन्होंने कहा कि 100 डॉलर से ऊपर पहुंचे कच्चे तेल और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण वैश्विक बाजार फिलहाल Risk-Off Mode में हैं। ऐसे माहौल में मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों का असर भी सीमित रह सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति
आज के कारोबार में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि निफ्टी 23,600 के नीचे फिसलता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, 24,000 के ऊपर मजबूती मिलने पर ही बाजार में राहत की उम्मीद बनेगी। बैंक निफ्टी में भी 56,300 का स्तर बेहद अहम रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए बाजार संबंधी विचार और अनुमान एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या उसका प्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


