नई दिल्ली: भारत के डिजिटल क्रिएटर इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ‘Gems of India’ Challenge के पायलट फेज की शुरुआत की है। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य देशभर के प्रतिभाशाली डिजिटल क्रिएटर्स की पहचान करना, उन्हें प्रशिक्षण देना और उनकी रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।
इस पहल के जरिए क्रिएटर्स अपने जिले की संस्कृति, विरासत, पर्यटन, इतिहास और स्थानीय कहानियों को 1 से 3 मिनट के वीडियो के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। खास बात यह है कि विजेताओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ₹50,000 से लेकर ₹5 लाख तक के पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
क्या है ‘Gems of India’ Challenge?
The Ministry of Information & Broadcasting today launched the Pilot Phase of the 'Gems of India' Challenge, a structured national initiative to identify, nurture and promote grassroots digital creators from across the country. pic.twitter.com/zVM3nCxhIq
— ANI (@ANI) July 21, 2026 ‘Gems of India’ Challenge, MyWAVES प्लेटफॉर्म पर आधारित एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता है। MyWAVES, WAVES OTT का नागरिक-केंद्रित क्रिएटर प्लेटफॉर्म है, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लॉन्च किया था।
इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य यूजर-जनरेटेड कंटेंट को बढ़ावा देना और भारत की सांस्कृतिक विविधता को डिजिटल माध्यम से दुनिया के सामने लाना है। अब इसी प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के डिजिटल क्रिएटर्स अपने क्षेत्र की अनूठी कहानियां साझा कर सकेंगे।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि भारत के हर जिले की अपनी अलग पहचान और कहानी है, जिसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की जरूरत है। ‘Gems of India’ Challenge क्रिएटर्स को ऐसा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां वे अपने क्षेत्र की विशेषताओं को प्रभावी डिजिटल स्टोरीटेलिंग के जरिए प्रस्तुत कर सकें।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य एक मजबूत राष्ट्रीय डिजिटल क्रिएटर नेटवर्क तैयार करना है, जिससे स्थानीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिल सके।
किन विषयों पर बना सकते हैं वीडियो?
प्रतिभागी अपने जिले से जुड़े विभिन्न विषयों पर वीडियो तैयार कर सकते हैं, जैसे—
- स्थानीय संस्कृति और लोक कला
- ऐतिहासिक धरोहर
- पर्यटन स्थल
- पारंपरिक खान-पान
- लोक उत्सव और परंपराएं
- स्थानीय हस्तशिल्प
- प्रेरणादायक व्यक्तित्व
- जिले की अनोखी उपलब्धियां
कैसे करें आवेदन?
इस चैलेंज में भाग लेने के लिए इच्छुक क्रिएटर्स को MyWAVES सेक्शन के माध्यम से WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर अपना वीडियो अपलोड करना होगा।
वीडियो की शर्तें:
- वीडियो की अवधि 1 से 3 मिनट होनी चाहिए।
- कंटेंट मौलिक (Original) होना चाहिए।
- वीडियो संबंधित जिले की वास्तविक कहानी पर आधारित होना चाहिए।
महत्वपूर्ण तारीखें
- आवेदन शुरू: 1 अगस्त 2026
- आखिरी तारीख: 31 अगस्त 2026
किन राज्यों में शुरू होगा पायलट फेज?
फिलहाल इस योजना का पायलट चरण निम्न क्षेत्रों में शुरू किया जा रहा है—
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
- गोवा
- लद्दाख
इस अभियान में प्रसार भारती, My Bharat, राज्य सरकारें, जिला प्रशासन, स्थानीय सांस्कृतिक संस्थान और शैक्षणिक संस्थान भी भागीदारी करेंगे।
YouTube और Meta भी देंगे सहयोग
इस राष्ट्रीय पहल को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय YouTube और Meta के साथ मिलकर काम कर रहा है। दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने विशाल क्रिएटर नेटवर्क के माध्यम से इस अभियान का प्रचार करेंगे और नए कंटेंट क्रिएटर्स को इससे जोड़ने में सहयोग देंगे।
कितना मिलेगा पुरस्कार?
सरकार ने इस प्रतियोगिता के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की है।
जिला स्तर
- प्रत्येक जिले से अधिकतम 20 विजेताओं का चयन होगा।
- हर विजेता को ₹50,000 का पुरस्कार मिलेगा।
राज्य स्तर
- प्रत्येक जिले से एक सर्वश्रेष्ठ क्रिएटर का चयन होगा।
- राज्य स्तर पर चयनित विजेता को ₹2 लाख का पुरस्कार मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर
- राज्य स्तर के विजेताओं में से राष्ट्रीय विजेता चुने जाएंगे।
- प्रत्येक राष्ट्रीय विजेता को ₹5 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
कैसे होगा चयन?
प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला और राज्य स्तर पर अलग-अलग जूरी समितियां बनाई जाएंगी।
इन समितियों में शामिल होंगे—
- संस्कृति विशेषज्ञ
- विरासत विशेषज्ञ
- पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ
- मीडिया प्रोफेशनल
- शिक्षा जगत के विशेषज्ञ
ये जूरी वीडियो की गुणवत्ता, मौलिकता, कहानी कहने की शैली और स्थानीय विरासत के प्रभावी प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन करेंगी।
पूरे देश में होगा विस्तार
सरकार का लक्ष्य केवल पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। पायलट चरण के अनुभवों के आधार पर आने वाले समय में ‘Gems of India’ Challenge को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक विस्तारित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य भारत के प्रत्येक जिले की सांस्कृतिक पहचान को डिजिटल माध्यम से दुनिया तक पहुंचाना और लाखों नए डिजिटल क्रिएटर्स को राष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान करना है।
निष्कर्ष
‘Gems of India’ Challenge भारत के उभरते डिजिटल क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। यदि आपके पास अपने जिले की कोई अनोखी कहानी, संस्कृति, विरासत या पर्यटन से जुड़ा रोचक कंटेंट है, तो यह प्रतियोगिता आपको राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ ₹5 लाख तक का पुरस्कार जीतने का मौका भी दे सकती है।


