C2C Advanced Systems Share Price: डिफेंस सेक्टर की SME कंपनी C2C Advanced Systems के शेयरों में पिछले दो कारोबारी दिनों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली है। शेयर लगातार दो दिन 20-20 फीसदी के लोअर सर्किट में फंस गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। खास बात यह है कि इस कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल की भी हिस्सेदारी है। कंपनी के ऑडिटरों द्वारा जारी ‘Qualified Opinion’ और कारोबार जारी रखने की क्षमता (Going Concern) पर उठाए गए सवालों के बाद स्टॉक पर भारी दबाव बना है।
दो दिनों में 40% टूटा C2C Advanced Systems का शेयर
21 जुलाई को दोपहर के कारोबार में C2C Advanced Systems के शेयर में लगातार दूसरे दिन 20% का लोअर सर्किट लगा और यह 268.15 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
इससे पहले 20 जुलाई को भी शेयर करीब 20% गिरकर 335.15 रुपये पर बंद हुआ था। लगातार दो दिनों की इस गिरावट से निवेशकों की बड़ी पूंजी साफ हो गई।
करीब 569 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी अब अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर 888 रुपये से लगभग 72% नीचे कारोबार कर रही है। वहीं पिछले एक वर्ष में स्टॉक करीब 46% तक टूट चुका है।
आखिर शेयर में इतनी बड़ी बिकवाली क्यों आई?
18 जुलाई 2026 को हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष और छमाही के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई।
हालांकि, कंपनी के वैधानिक ऑडिटर LABS & Associates ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में Qualified Opinion जारी करते हुए कंपनी की Going Concern यानी भविष्य में कारोबार जारी रखने की क्षमता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
ऑडिटर की इस टिप्पणी के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और शेयर में तेज बिकवाली शुरू हो गई।
आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल की भी हिस्सेदारी
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग के अनुसार कंपनी में कई बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी है।
- आशीष कचोलिया: 3.82%
- मुकुल अग्रवाल: 2.75%
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FII): 3.18%
- Bengal Finance: 1.27%
इन दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी के बावजूद शेयर में आई तेज गिरावट ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
क्या करती है C2C Advanced Systems?
C2C Advanced Systems Ltd. एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और C4I सिस्टम्स उपलब्ध कराने वाली कंपनी है।
कंपनी रक्षा, सुरक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित समाधान विकसित करती है, जिनमें शामिल हैं—
- Artificial Intelligence (AI)
- Machine Learning (ML)
- Industrial Internet of Things (IIoT)
- Big Data Analytics
- Embedded Systems
- Software-based Defense Solutions
कंपनी का फोकस रक्षा क्षेत्र के लिए हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक और कमांड सिस्टम तैयार करने पर है।
SEBI के रडार पर भी रही थी कंपनी
C2C Advanced Systems पहले भी नियामकीय जांच का सामना कर चुकी है।
एक निवेशक की शिकायत के बाद SEBI ने कंपनी के वित्तीय खातों की जांच के लिए स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसी वजह से दिसंबर 2024 में कंपनी की SME लिस्टिंग में देरी भी हुई थी।
इसके अलावा SEBI ने NSE को IPO से जुटाई गई राशि के उपयोग की निगरानी के लिए एक Monitoring Agency नियुक्त करने को कहा था।
नियामकीय हस्तक्षेप के बाद सभी श्रेणी के निवेशकों को अपनी IPO बोलियां वापस लेने का विकल्प भी दिया गया था।
IPO को मिला था शानदार रिस्पॉन्स
हालांकि लिस्टिंग से पहले कंपनी के IPO को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला था।
- IPO में उपलब्ध शेयर: 29.15 लाख
- कुल बोलियां: 36.56 करोड़ शेयर
यानी यह SME IPO कई गुना सब्सक्राइब हुआ था और निवेशकों में डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला था।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
C2C Advanced Systems के शेयर में आई भारी गिरावट का मुख्य कारण ऑडिटर की गंभीर टिप्पणी और कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर उठे सवाल हैं। ऐसे में निवेशकों को केवल शेयर कीमत में गिरावट देखकर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की अगली वित्तीय प्रगति, नियामकीय अपडेट और ऑडिटर की टिप्पणियों पर प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा। जब तक स्थिति स्पष्ट न हो, तब तक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


