नई दिल्ली: फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही भारत में भी इस टूर्नामेंट का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, इस टूर्नामेंट का असर सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्पोर्ट्सवियर, फूड एंड बेवरेज, रेस्टोरेंट, बार, पब और ऑनलाइन फूड डिलीवरी जैसे कई सेक्टरों के कारोबार में भी रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली।
फाइनल मुकाबले से पहले फुटबॉल से जुड़े स्पोर्ट्सवियर, स्नैक फूड और ड्रिंक्स की बिक्री ने नए रिकॉर्ड बनाए। वहीं, बड़े शहरों में लाइव स्क्रीनिंग आयोजित करने वाले बार, पब और क्लबों में टिकटों की भारी मांग रही, जिसके चलते कई जगह टिकट की कीमतें ₹10,000 तक पहुंच गईं।
स्पोर्ट्सवियर की बिक्री में आया बड़ा उछाल
फुटबॉल विश्व कप के दौरान सबसे अधिक फायदा स्पोर्ट्सवियर कंपनियों को हुआ। खासकर स्टार खिलाड़ियों की जर्सी और फुटबॉल मर्चेंडाइज की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिटेल अधिकारियों के मुताबिक, एडिडास की लियोनेल मेसी की ऑफिशियल टी-शर्ट, जिसकी कीमत ₹6,399 से ₹7,999 के बीच रही, की मांग उम्मीद से कहीं अधिक रही। भारत में ब्रांड के कई रिटेल स्टोर लगातार फुटबॉल फैन्स की खरीदारी से व्यस्त रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया, डिजिटल स्ट्रीमिंग और युवा दर्शकों की बढ़ती रुचि ने फुटबॉल मर्चेंडाइज की बिक्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
स्नैक्स और ड्रिंक्स की रिकॉर्ड बिक्री
फुटबॉल मैचों के दौरान खाने-पीने की चीजों की मांग में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।
कोका-कोला के फ्रेंचाइजी पार्टनर एमएम अग्रवाल ग्रुप के चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर और पूर्वोत्तर भारत में लिमिटेड एडिशन कंट्री-थीम वाले कोका-कोला कैन की बिक्री उम्मीद से कहीं अधिक रही।
दूसरी ओर, मैकडॉनल्ड्स नॉर्थ एंड ईस्ट ने भी फीफा वर्ल्ड कप स्पेशल मील्स लॉन्च किए, जिनमें ब्रांडेड फुटबॉल शामिल था। कंपनी के अनुसार कई स्टोर्स पर इन मील्स की मांग अनुमान से कहीं ज्यादा रही।
बार और रेस्टोरेंट में रही जबरदस्त भीड़
भारत में देर रात प्रसारित होने वाले मैचों के बावजूद फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ। फाइनल मुकाबले की लाइव स्क्रीनिंग के लिए बड़े शहरों के बार, पब और रेस्टोरेंट पूरी तरह भरे रहे।
ऑलिव ग्रुप ऑफ रेस्टोरेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एडी सिंह के अनुसार, इस बार फीफा वर्ल्ड कप की लोकप्रियता उनकी अपेक्षाओं से कहीं अधिक रही। दर्शकों की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार ने कई बार और रेस्टोरेंट को सुबह 4 बजे तक खुले रहने की अनुमति दी। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में भी देर रात तक संचालन की इजाजत दी गई।
₹10,000 तक पहुंची लाइव स्क्रीनिंग टिकट
फुटबॉल फाइनल की लाइव स्क्रीनिंग देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शहर और वेन्यू के अनुसार टिकटों की कीमत ₹1,500 से लेकर ₹10,000 तक पहुंच गई।
आयोजकों के अनुसार, नॉकआउट चरण शुरू होने के बाद टिकटों की मांग तेजी से बढ़ी और अधिकांश प्रीमियम वेन्यू पहले ही हाउसफुल हो गए।
द बीयर कैफे के फाउंडर राहुल सिंह का कहना है कि पिछले फीफा वर्ल्ड कप की तुलना में अब भारत में लाइव स्पोर्ट्स देखने की संस्कृति काफी मजबूत हुई है। लोग दोस्तों और परिवार के साथ लंबे समय तक वेन्यू पर रुकते हैं, जिससे खाने-पीने की बिक्री भी बढ़ती है।
बड़े स्क्रीन और प्रोजेक्टर की बढ़ी मांग
बेंगलुरु के Heyou Bar के मालिक अनिरुद्ध खेनी ने बताया कि ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें आखिरी समय में बड़ी एलईडी स्क्रीन और हाई-रिजॉल्यूशन प्रोजेक्टर किराए पर मंगवाने पड़े।
फुटबॉल प्रेमी पहले से बेहतर ऑडियो-विजुअल अनुभव चाहते थे, जिसके कारण कई रेस्टोरेंट और बार ने अतिरिक्त निवेश भी किया।
डिलीवरी किचन को भी मिला फायदा
देर रात होने वाले मुकाबलों का फायदा ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्लाउड किचन कारोबार को भी मिला।
Shoyu के को-फाउंडर तनवीर क्वात्रा के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों ने दोस्तों और परिवार के साथ घर पर मैच देखने का विकल्प चुना। इसके चलते देर रात स्नैक्स, बर्गर, पिज्जा और बेवरेज ऑर्डर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारत में तेजी से बढ़ रहा फुटबॉल का बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय लीगों की आसान उपलब्धता ने युवा दर्शकों को इस खेल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
इसी वजह से स्पोर्ट्स ब्रांड, फूड कंपनियां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अब बड़े फुटबॉल टूर्नामेंटों को एक बड़े व्यावसायिक अवसर के रूप में देखने लगे हैं। आने वाले वर्षों में फुटबॉल आधारित मर्चेंडाइज, लाइव इवेंट्स और फैन एक्सपीरियंस से जुड़ा कारोबार और तेजी से बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष
फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 ने यह साबित कर दिया कि भारत में फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ता हुआ उपभोक्ता बाजार भी बन चुका है। स्पोर्ट्सवियर, स्नैक्स, ड्रिंक्स, लाइव स्क्रीनिंग, रेस्टोरेंट और ऑनलाइन फूड डिलीवरी जैसे कई सेक्टरों ने इस वैश्विक आयोजन का भरपूर लाभ उठाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंटों के दौरान यह बाजार और भी बड़ा आकार ले सकता है।


