Market Trend : शेयर बाजार में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। 3 सितंबर को सेंसेक्स एक्सपायरी के दिन घरेलू बाजार में तेजड़ियों की पकड़ कमजोर रही और निफ्टी-सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, बाजार के दूसरे हिस्सों में खरीदारी का माहौल बना रहा। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इस बीच एक कैपिटल मार्केट स्टॉक ने एक्सपर्ट का ध्यान खींचा है।
बाजार में ऊपरी स्तरों पर बढ़ा बिकवाली का दबाव
3 सितंबर को कारोबार के दौरान बाजार में शुरुआत में तेजी देखने को मिली, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में इंडेक्स कामयाब नहीं रहे। सेंसेक्स एक्सपायरी के दिन निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की, जिसके चलते प्रमुख इंडेक्स दिन के ऊपरी स्तरों से फिसल गए।
कारोबार के अंत में निफ्टी 41 अंक गिरकर 23,873 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 417 अंक की गिरावट के साथ 76,153 पर बंद हुआ। हालांकि, बैंकिंग और व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही। बैंक निफ्टी 209 अंक चढ़कर 57,381 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 234 अंक बढ़कर 63,235 पर पहुंच गया।
सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी और केमिकल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि इंडेक्स में कमजोरी के बावजूद चुनिंदा शेयरों में स्टॉक-स्पेसिफिक खरीदारी जारी है।
बाजार की स्ट्रेंथ कमजोर होने लगी : पंकज रांदड़
बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स के पंकज रांदड़ ने कहा कि निफ्टी शुरुआत के कुछ घंटों तक अच्छे ट्रेंड में रहा, लेकिन इसके बाद तेजी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती दिखाई दी।
उनके मुताबिक बाजार में एक क्लासिकल गैप फिलिंग देखने को मिली और ऊपरी स्तरों से आई गिरावट यह संकेत दे रही है कि बाजार की स्ट्रेंथ कुछ कमजोर हो रही है। रांदड़ के अनुसार, जब निफ्टी करीब 23,950 के स्तर के आसपास था, तब खरीदारी के मौके दिखाई दे रहे थे। लेकिन अब बाजार की पकड़ पहले की तुलना में ढीली होती नजर आ रही है।
निफ्टी के लिए 23,800 अहम सपोर्ट
पंकज रांदड़ के मुताबिक अब निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट बन गया है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
ऐसी स्थिति में निफ्टी के लिए 23,600 से 23,500 के स्तर तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है। इसलिए आने वाले सत्रों में 23,800 का स्तर बाजार की दिशा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
दूसरी तरफ, बाजार में तेजी की वापसी के लिए इंडेक्स को ऊपरी स्तरों पर मजबूती दिखानी होगी। जब तक ऐसा नहीं होता, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव बने रहने की आशंका है।
बैंक निफ्टी में भी गैप फिलिंग का असर
बैंक निफ्टी की चाल पर रांदड़ ने कहा कि इसमें भी ट्रेडिंग पैटर्न गैप फिलिंग की तरफ जाता हुआ नजर आया। ऊपरी स्तरों से बैंकिंग इंडेक्स में भी तेजी फिजल आउट होती दिखाई दी।
बैंक निफ्टी 57,780 के नीचे बंद हुआ है, जो तकनीकी नजरिए से कमजोरी का संकेत माना जा रहा है। लोअर टाइम फ्रेम पर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट टूटता हुआ दिखाई दे रहा है।
अब बैंक निफ्टी के लिए 57,300 के आसपास का स्तर फाइनल सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह सपोर्ट भी टूटता है तो इंडेक्स में नीचे की तरफ 56,400 के स्तर तक कमजोरी देखने को मिल सकती है।
कमजोर बाजार में BSE में दिख रहा दम
इंडेक्स में कमजोरी के बावजूद पंकज रांदड़ को कुछ शेयरों में मजबूत स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन दिखाई दे रहा है। उनकी नजर में ऐसा ही एक शेयर BSE है।
रांदड़ के मुताबिक BSE के शेयर ने पिछले कुछ समय में काफी तेज गिरावट का सामना किया है, लेकिन अब स्टॉक के अंदर दोबारा मजबूती और स्पार्क दिखाई दे रहा है। ट्रेडिंग के नजरिए से उन्हें यह शेयर आकर्षक लग रहा है।
उन्होंने कहा कि कमजोर बाजार के बीच BSE में जिस तरह का स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है, वह ट्रेडर्स के लिए ध्यान देने लायक है।
BSE Futures में क्या है ट्रेडिंग रणनीति?
पंकज रांदड़ ने BSE के फ्यूचर्स में 3,320 रुपये के आसपास खरीदारी की रणनीति बताई है।
उनकी ट्रेडिंग रणनीति के मुताबिक:
| स्तर | BSE Futures |
|---|---|
| खरीदारी का स्तर | ₹3,320 |
| स्टॉप लॉस | ₹3,185 |
| टारगेट | ₹3,395 |
इस तरह एक्सपर्ट ने करीब ₹3,320 के आसपास खरीदारी, ₹3,185 का स्टॉप लॉस और ₹3,395 का टारगेट बताया है।
हालांकि, फ्यूचर्स में ट्रेडिंग जोखिम अधिक होता है और बाजार की चाल तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसी भी ट्रेडिंग पोजीशन पर जोखिम प्रबंधन और स्टॉप लॉस का पालन करना महत्वपूर्ण है।
बाजार में अभी किन स्तरों पर नजर रखें?
मौजूदा सेटअप को देखते हुए निफ्टी में 23,800 सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट में से एक है। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,600-23,500 का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण जोन बन सकता है।
वहीं बैंक निफ्टी में 57,300 का सपोर्ट महत्वपूर्ण रहेगा। इसके टूटने पर 56,400 का स्तर अगला संभावित डाउनसाइड जोन हो सकता है।
दूसरी ओर, इंडेक्स में कमजोरी के बावजूद BSE जैसे चुनिंदा शेयरों में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन ट्रेडर्स के लिए अवसर पैदा कर सकता है। ऐसे में बाजार की व्यापक दिशा के साथ-साथ मजबूत दिख रहे व्यक्तिगत शेयरों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
Disclaimer
newsjagran.in पर प्रकाशित यह लेख एक्सपर्ट के विचारों और बाजार से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश या ट्रेडिंग की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश और फ्यूचर्स ट्रेडिंग बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


