Market Cues Today: घरेलू शेयर बाजार में फिलहाल कमजोरी का दौर जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। 3 सितंबर के कारोबारी सत्र में शुरुआती बढ़त के बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव में निफ्टी अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका और 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। तकनीकी संकेतक भी बाजार में तत्काल मजबूत तेजी की संभावना को कमजोर कर रहे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर निफ्टी लगातार 24,000 के नीचे बना रहता है तो इंडेक्स 23,800-23,750 तक फिसल सकता है। इसके नीचे 23,600 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है। वहीं, तेजी की स्थिति में 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
ऐसे माहौल में एक्सपर्ट्स की नजर ‘रैली पर बिकवाली’ यानी Sell on Rise की रणनीति पर बनी हुई है।
Nifty Trade Setup: 24,000 का स्तर बेहद अहम
निफ्टी के लिए फिलहाल 24,000 का स्तर निर्णायक माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे लगातार टिकता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है।
निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 23,800-23,750 पहला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसके बाद 23,600 पर मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ 24,000-24,200 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस जोन है।
तकनीकी रूप से निफ्टी सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है। शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज भी नीचे की दिशा में झुके हुए हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी निगेटिव क्रॉसओवर दिखाई दे रहा है।
Nifty 50: अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
3 सितंबर के क्लोज के आधार पर निफ्टी 50 23,873 के स्तर पर रहा। पिवट प्वाइंट्स के आधार पर इसके प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं:
सपोर्ट लेवल:
- 23,866
- 23,830
- 23,772
रेजिस्टेंस लेवल:
- 23,982
- 24,018
- 24,076
इन स्तरों पर ट्रेडर्स को इंडेक्स की चाल पर खास नजर रखनी चाहिए।
Nifty का तकनीकी सेटअप क्या बता रहा है?
डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है, जो बाजार में कमजोरी का संकेत देती है। इंडेक्स प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और शॉर्ट से मीडियम टर्म एवरेज भी नीचे की ओर बढ़ रहे हैं।
एक और महत्वपूर्ण संकेत यह है कि निफ्टी 23,070 से 24,770 तक आई पिछली तेजी के 50 फीसदी Fibonacci Retracement स्तर से नीचे बंद हुआ है। यह तकनीकी रूप से कमजोरी का संकेत माना जाता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI घटकर 37.11 पर आ गया है और इसमें निगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिला है। वहीं MACD भी बेयरिश क्रॉसओवर के साथ जीरो लाइन से नीचे बना हुआ है।
इसके अलावा MACD Histogram का रेड बार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़ा है। इन संकेतों को मिलाकर देखें तो फिलहाल बाजार में मंदी का दबाव कायम रहने की संभावना दिखाई देती है।
Bank Nifty: निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली
बैंक निफ्टी ने 3 सितंबर को बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। गैप-अप ओपनिंग के बाद इंडेक्स में करीब 0.36 फीसदी की तेजी आई, हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण इसने अपनी काफी बढ़त गंवा दी।
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने एक रेड कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ स्पष्ट विक नजर आई। यह ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत है।
हालांकि बैंक निफ्टी क्लोजिंग आधार पर अपने 50-दिन के EMA को दोबारा हासिल करने और उसके ऊपर टिकने में सफल रहा, लेकिन यह अभी भी 20-दिन के EMA से नीचे है।
पिछले करीब 21 ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इंडेक्स में फिलहाल कोई स्पष्ट दिशात्मक ट्रेंड नहीं है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स भी साइडवेज मार्केट स्ट्रक्चर की ओर इशारा कर रहे हैं।
इसलिए निकट अवधि में बैंक निफ्टी के सीमित दायरे में रहने की संभावना है, जब तक कि किसी प्रमुख स्तर का निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।
Bank Nifty के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
3 सितंबर के क्लोज के आधार पर बैंक निफ्टी 57,381 के स्तर पर रहा।
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,362
- 57,274
- 57,132
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,647
- 57,735
- 57,878
Fibonacci Retracement के आधार पर सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
Fibonacci Retracement के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,684
- 58,137
इन स्तरों के आसपास इंडेक्स की प्रतिक्रिया आने वाले कारोबारी सत्र में महत्वपूर्ण हो सकती है।
India VIX में गिरावट, बाजार में फिलहाल कम उतार-चढ़ाव
बाजार की अस्थिरता यानी volatility को मापने वाला India VIX पिछले सत्र की बढ़त का एक हिस्सा गंवाते हुए 2.2 फीसदी गिरकर 11.34 पर बंद हुआ।
VIX का इतने निचले स्तर पर बने रहना फिलहाल बाजार में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव की ओर संकेत करता है। हालांकि कम VIX का मतलब यह नहीं है कि बाजार में गिरावट का जोखिम खत्म हो गया है। ट्रेडर्स को इंडेक्स के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखनी चाहिए।
Nifty Put-Call Ratio से क्या संकेत?
3 सितंबर को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) घटकर 0.80 रह गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.87 था।
आमतौर पर 0.70 से ऊपर और खासकर 1 के आसपास या उससे ऊपर PCR को अपेक्षाकृत तेजी वाले सेंटीमेंट से जोड़ा जाता है। वहीं 0.70 से नीचे जाने वाला PCR बाजार में बढ़ते मंदी के संकेत की ओर इशारा कर सकता है।
मौजूदा 0.80 का स्तर पूरी तरह बेयरिश संकेत नहीं है, लेकिन पिछले सत्र की तुलना में गिरावट बाजार के सेंटीमेंट में कुछ कमजोरी दिखाती है।
F&O Ban List: इन शेयरों पर रहेगी नजर
F&O सेगमेंट में उन स्टॉक्स को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया जाता है जिनमें ओपन पोजीशन बाजार की निर्धारित Market Wide Position Limit के 95 फीसदी से अधिक हो जाती है।
नए शामिल स्टॉक:
- Inox Wind
- Kaynes Technology India
पहले से F&O Ban में शामिल:
- SAIL (Steel Authority of India)
F&O Ban से बाहर हुए स्टॉक:
- कोई नहीं
F&O में कारोबार करने वाले निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए इन शेयरों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
आज की ट्रेडिंग में क्या रणनीति हो सकती है?
मौजूदा तकनीकी संकेतों को देखते हुए निफ्टी में तेजी आने पर तुरंत आक्रामक खरीदारी करने के बजाय प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों पर इंडेक्स की प्रतिक्रिया देखना बेहतर हो सकता है।
24,000 के ऊपर टिकने में नाकामी बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव बढ़ा सकती है। वहीं 23,800-23,750 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,600 अगला अहम सपोर्ट बन सकता है।
दूसरी तरफ, अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है और 24,200 का स्तर भी पार करता है तो मौजूदा बेयरिश सेटअप कमजोर पड़ सकता है।
इसलिए फिलहाल ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग और रिस्क मैनेजमेंट बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
Disclaimer
यह लेख बाजार के तकनीकी आंकड़ों और उपलब्ध मार्केट एनालिसिस पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार और रणनीतियां संबंधित एक्सपर्ट्स के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसकी मैनेजमेंट टीम किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।


