GIFT Nifty Indicator: लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी और एशियाई बाजारों के मजबूत संकेतों के बीच GIFT Nifty में करीब 100 अंकों की उछाल देखने को मिली है। इससे घरेलू शेयर बाजार के आज बढ़त के साथ खुलने के संकेत मिल रहे हैं।
सुबह करीब 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक यानी 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के आसपास कारोबार कर रहा था। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव बाजार के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं।
चार दिन की गिरावट के बाद बाजार को मिल सकती है राहत
भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव देखने को मिला है। गुरुवार को भी IT, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार कमजोर बंद हुआ।
अब ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों ने शुक्रवार के कारोबार को लेकर निवेशकों की उम्मीद बढ़ाई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की संभावना और अमेरिकी टेक शेयरों में तेजी ने सेंटीमेंट को मजबूत किया है।
बाजार के मूड को बदलने वाले 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर
1. US Fed के नरम रुख से वॉल स्ट्रीट में जोरदार तेजी
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयान को बाजार ने सकारात्मक संकेत के तौर पर लिया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर महंगाई का दबाव कम होता है, तो सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन किया जा सकता है।
इससे सितंबर में ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। CME FedWatch Tool के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में दरों में बढ़ोतरी की संभावना 63.2% से घटकर करीब 50.4% रह गई।
इसका असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। गुरुवार के कारोबार में Nasdaq 1.40%, Dow Jones 1.18% और S&P 500 करीब 1.06% की बढ़त के साथ बंद हुए।
टेक शेयरों में आई तेजी खास तौर पर भारतीय IT और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए भी सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है।
2. एशियाई बाजारों में भी तेजी
अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।
दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जबकि हैंगसेंग फ्यूचर्स करीब 1.1% ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
ग्लोबल इक्विटी मार्केट में यह सकारात्मक माहौल भारतीय बाजार की शुरुआती चाल के लिए सपोर्टिव संकेत दे रहा है।
3. क्रूड ऑयल बना बाजार के लिए बड़ी चिंता
हालांकि, बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 0.3% बढ़कर 95.76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य टकराव की आशंका से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास किसी तरह के व्यवधान की आशंका बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है। महंगा क्रूड महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल पर दबाव डाल सकता है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर. के मुताबिक, ऊंची तेल कीमतें महंगाई और बाजार के सेंटीमेंट दोनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा, वीकेंड से पहले मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक बड़ी पोजीशन लेने से बच सकते हैं।
Nifty Technical Outlook: 24,200 के ऊपर टिकना जरूरी
आज के कारोबार में निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का जोन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। बाजार में शुरुआती तेजी के बावजूद यह देखना अहम होगा कि इंडेक्स इस क्षेत्र के ऊपर टिक पाता है या नहीं।
24,200 के ऊपर क्या होगा?
अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर मजबूती के साथ टिकता है, तो बाजार में खरीदारी का भरोसा बढ़ सकता है और आगे की तेजी का रास्ता खुल सकता है।
23,800 का स्तर अहम सपोर्ट
दूसरी तरफ, 23,800 निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। अगर बिकवाली बढ़ती है और यह स्तर टूट जाता है, तो निफ्टी के 23,600 की तरफ जाने का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए आज के कारोबार में 23,800–24,200 का दायरा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
FII और DII की चाल से भी मिले अहम संकेत
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 3 सितंबर के कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नेट सेलर रहे और उन्होंने करीब ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।
इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने बाजार को सहारा दिया। DII ने करीब ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
इस तरह घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को कुछ हद तक कम किया।
गुरुवार को कैसा रहा था बाजार?
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट रही। IT, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते Sensex 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर बंद हुआ।
वहीं Nifty 41 अंक की गिरावट के साथ 23,873.45 के स्तर पर बंद हुआ।
अब शुक्रवार को GIFT Nifty में तेजी और ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण बाजार में शुरुआती राहत की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमत, FII की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आज निवेशकों की नजर किन संकेतों पर रहेगी?
शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों के लिए ये प्रमुख संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे:
- GIFT Nifty: करीब 100 अंकों की बढ़त
- Nifty Resistance: 24,000–24,200
- Nifty Support: 23,800
- अगला सपोर्ट: 23,600
- Brent Crude: करीब $95.76 प्रति बैरल
- FII: ₹2,346 करोड़ की शुद्ध बिकवाली
- DII: ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी
- US Markets: Nasdaq, Dow Jones और S&P 500 में जोरदार तेजी
निष्कर्ष
चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार को ग्लोबल संकेतों से राहत मिलती दिखाई दे रही है। GIFT Nifty में करीब 100 अंकों की तेजी बाजार की मजबूत शुरुआत की ओर इशारा कर रही है।
हालांकि, सिर्फ शुरुआती तेजी के आधार पर बाजार की दिशा को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। 24,200 के ऊपर टिकाव और 23,800 का बचाव आज निफ्टी की आगे की चाल के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तर हो सकते हैं। वहीं महंगा क्रूड और अमेरिका-ईरान तनाव बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखें तथा आवश्यकता होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर या निवेश में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


