भारत में आज यानी 26 मई 2026 को डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला। देश की आर्थिक गतिविधियों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रोजमर्रा की महंगाई पर सीधा असर डालने वाला डीजल फिलहाल कई शहरों में स्थिर बना हुआ है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज डीजल का भाव ₹97.83 प्रति लीटर दर्ज किया गया। यह कीमत पिछले दिन के मुकाबले बिना किसी बदलाव के बनी हुई है।
तेल कंपनियों की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 दिनों में डीजल की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस दौरान कई राज्यों में कीमतें ₹93.14 से ₹97.83 प्रति लीटर के बीच रही हैं। हालांकि कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है।
भारत में डीजल की कीमतें अब रोजाना अपडेट होती हैं। जून 2017 से पहले पेट्रोल और डीजल के दाम हर 15 दिन में बदले जाते थे, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और राज्य सरकारों के टैक्स के आधार पर रोज संशोधन किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना संशोधन से अचानक बड़े झटकों से राहत मिलती है और बाजार में पारदर्शिता बढ़ती है।
क्यों महत्वपूर्ण है डीजल की कीमत?
भारत में ट्रांसपोर्टेशन का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर है। ट्रक, बस, कृषि मशीनें और कई औद्योगिक गतिविधियां डीजल से संचालित होती हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने का असर सीधे फल-सब्जियों, किराना, सीमेंट, स्टील और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर दिखाई देता है।
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं या रुपये में कमजोरी आती है, तो भारत में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ाई है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
देश के प्रमुख शहरों में आज का डीजल रेट
| शहर | डीजल कीमत (प्रति लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹95.20 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹99.82 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹97.83 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | ₹99.66 | +₹0.11 |
| गुरुग्राम | ₹95.27 | -₹0.17 |
| नोएडा | ₹95.85 | +₹0.29 |
| बेंगलुरु | ₹98.80 | कोई बदलाव नहीं |
| भुवनेश्वर | ₹100.60 | -₹0.32 |
| चंडीगढ़ | ₹89.47 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | ₹103.82 | कोई बदलाव नहीं |
| जयपुर | ₹97.75 | -₹0.03 |
| लखनऊ | ₹95.36 | -₹0.19 |
| पटना | ₹99.36 | कोई बदलाव नहीं |
| तिरुवनंतपुरम | ₹104.41 | +₹0.01 |
अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग क्यों?
भारत में डीजल की कीमतें हर राज्य में अलग होती हैं क्योंकि वैट (VAT), स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत अलग-अलग होती है। यही कारण है कि दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों में डीजल अपेक्षाकृत सस्ता दिखाई देता है, जबकि दक्षिण भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में कीमतें ज्यादा हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स में कटौती करती हैं तो आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि सरकारों की टैक्स आय का बड़ा हिस्सा ईंधन बिक्री से आता है, इसलिए इसमें तुरंत बड़ी कटौती की संभावना कम मानी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या असर पड़ता है?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़ने पर भारत में भी ईंधन महंगा होने का दबाव बन जाता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल आयात को महंगा बनाती है।
हाल के महीनों में कच्चे तेल के बाजार में काफी अस्थिरता देखने को मिली है। अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है या सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले समय में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
आम लोगों पर क्या असर?
डीजल की कीमतों का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ता है। यही वजह है कि डीजल की कीमतों को महंगाई का अहम संकेतक माना जाता है।
फिलहाल कीमतों में स्थिरता से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहने के कारण आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों पर दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
Source: GoodReturns, Indian Oil fuel price data, international crude oil market trends.
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