Success Story of Nitin Kalra: कभी 20 रुपये प्रति घंटे की नौकरी में मैकडॉनल्ड्स के टेबल और टॉयलेट साफ करने वाले नितिन कालरा ने बाद में 1 करोड़ रुपये सालाना की हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ दी। पत्नी के साथ शुरू किए गए हेल्दी स्नैक्स ब्रांड Let’s Try की वैल्यू आज करीब 350 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। उनकी सफलता की कहानी बताती है कि बड़ा सपना, सही आइडिया और लगातार मेहनत किसी भी इंसान की जिंदगी बदल सकते हैं।
20 रुपये प्रति घंटे से शुरू हुआ सफर
दिल्ली के रहने वाले नितिन कालरा के लिए शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे। कॉलेज के दौरान खर्च निकालने के लिए उन्होंने मैकडॉनल्ड्स में महज 20 रुपये प्रति घंटे की दर से काम किया। इस दौरान उन्होंने टेबल साफ करने से लेकर टॉयलेट साफ करने तक हर जिम्मेदारी निभाई।
यही अनुभव उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाता गया। उन्होंने कभी छोटे-बड़े काम में फर्क नहीं किया और सीखने का सिलसिला जारी रखा।
1 करोड़ रुपये की नौकरी छोड़ लिया बड़ा फैसला
मैकडॉनल्ड्स से शुरुआत करने के बाद नितिन ने फूड और एफएमसीजी सेक्टर में 10 साल से ज्यादा समय तक काम किया। अनुभव और मेहनत के दम पर वह ऐसे मुकाम पर पहुंचे जहां उन्हें करीब 1 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज मिलने लगा।
हालांकि, अच्छी नौकरी के बावजूद उनके मन में अपना बिजनेस शुरू करने का सपना जिंदा था। उन्होंने सुरक्षित करियर छोड़कर उद्यमिता का रास्ता चुना।
परिवार की एक घटना से मिला बिजनेस आइडिया
नितिन के जीवन में बड़ा मोड़ तब आया जब उनके भांजे को थैलेसीमिया का पता चला। इस बीमारी के बाद पूरे परिवार ने खान-पान को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू किया।
इसी दौरान नितिन ने महसूस किया कि बाजार में बिकने वाले अधिकांश स्नैक्स में मैदा, रिफाइंड ऑयल और कई तरह के एडिटिव्स का इस्तेमाल होता है। वहीं हेल्दी और भरोसेमंद विकल्प बेहद कम थे। यहीं से उन्हें हेल्दी स्नैक्स ब्रांड शुरू करने का विचार आया।
पत्नी के साथ शुरू किया ‘Let’s Try’
साल 2021 में नितिन कालरा ने अपनी पत्नी चित्रा गुप्ता के साथ मिलकर Let’s Try ब्रांड की शुरुआत की।
कंपनी का फोकस ऐसे स्नैक्स तैयार करना था जो बिना मैदा के बने हों और जिनमें 100% शुद्ध मूंगफली के तेल का इस्तेमाल किया जाए। हेल्दी स्नैकिंग की बढ़ती मांग ने कंपनी को तेजी से आगे बढ़ने का मौका दिया।
‘शार्क टैंक इंडिया’ ने बदली तस्वीर
नितिन कालरा अपने बिजनेस आइडिया के साथ शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में पहुंचे। उन्होंने कंपनी की 2% हिस्सेदारी के बदले 45 लाख रुपये के निवेश की मांग की।
शुरुआत में कई निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई, लेकिन अंत में boAT के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने उनके बिजनेस पर भरोसा जताया और निवेश किया। अमन का मानना था कि कड़े मुकाबले वाले इस सेक्टर में भी नितिन की सोच और बिजनेस मॉडल उन्हें अलग पहचान दिला सकता है।
12 लाख का निवेश बना 40 करोड़
बाद में अमन गुप्ता ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इस कंपनी में जो 12 लाख रुपये का निवेश किया था, उसकी वैल्यू समय के साथ बढ़कर करीब 40 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने इसे शार्क टैंक इंडिया के अपने सबसे सफल निवेशों में से एक बताया।
आज 350 करोड़ रुपये की कंपनी
महज कुछ वर्षों में Let’s Try ने भारतीय हेल्दी स्नैक्स बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कंपनी की अनुमानित वैल्यू आज करीब 350 करोड़ रुपये बताई जाती है।
नितिन कालरा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल बड़ी शुरुआत से नहीं, बल्कि सही सोच, मेहनत, जोखिम लेने की क्षमता और लगातार सीखने की इच्छा से हासिल होती है।
सफलता से मिलने वाली सीख
- किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए।
- सुरक्षित नौकरी छोड़ने का फैसला तभी सफल होता है जब उसके पीछे मजबूत विजन हो।
- व्यक्तिगत समस्याएं भी बड़े बिजनेस आइडिया की प्रेरणा बन सकती हैं।
- सही समय पर लिया गया जोखिम जीवन बदल सकता है।
- लगातार मेहनत और ग्राहकों की जरूरत को समझना किसी भी स्टार्टअप की सबसे बड़ी ताकत होती है।


