अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ऑयल और गैस सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। इस दौरान महानगर गैस सबसे बड़ा गेनर रहा, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, पेट्रोनेट LNG, GAIL और BPCL जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
महानगर गैस रहा टॉप परफॉर्मर
ऑयल और गैस इंडेक्स में महानगर गैस (MGL) के शेयर करीब 3% चढ़कर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयर बने। इसके अलावा इन शेयरों में भी 1% से अधिक की तेजी रही—
- पेट्रोनेट LNG
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- इंद्रप्रस्थ गैस (IGL)
- GAIL (इंडिया)
- अडानी टोटल गैस
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL)
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर
ऑयल और गैस शेयरों में तेजी ऐसे समय आई है जब ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। इससे होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।
गुरुवार को:
- ब्रेंट क्रूड 1.15% बढ़कर 78.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- WTI क्रूड 1.22% की बढ़त के साथ 74.42 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
Q1 रिजल्ट्स पर क्या रहेगा असर?
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और ऊंचे क्रूड ऑयल दामों के चलते वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ऑयल एवं गैस कंपनियों के नतीजे मिश्रित रह सकते हैं।
OMCs पर दबाव
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल और मई के दौरान कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को इन्वेंट्री लॉस और मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव झेलना पड़ सकता है। इसका असर HPCL, BPCL और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों के Q1 प्रदर्शन पर दिख सकता है।
अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा
वहीं, ऊंचे क्रूड और प्राकृतिक गैस दामों का फायदा अपस्ट्रीम कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर रियलाइजेशन के चलते इन कंपनियों के EBITDA में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की राय
ब्रोकरेज कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार—
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड EBITDA उसके O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स) कारोबार की बदौलत सालाना आधार पर 8.4% और तिमाही आधार पर 5.4% बढ़ सकता है।
- GAIL (इंडिया) के Q1 नतीजे मजबूत रहने की उम्मीद है।
- पेट्रोनेट LNG को होर्मुज स्ट्रेट में संभावित बाधाओं के बीच अधिक स्पॉट LNG वॉल्यूम का फायदा मिल सकता है।
- वहीं, पहली तिमाही में कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा लाभ नहीं मिलने के कारण इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) और महानगर गैस (MGL) के नतीजे अपेक्षाकृत कमजोर रह सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने ऑयल एवं गैस सेक्टर को फिर से निवेशकों के रडार पर ला दिया है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों पर इसका असर उनके बिजनेस मॉडल के अनुसार अलग हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को Q1 नतीजों और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


