नई दिल्ली। देशभर में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ती जा रही है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब सीएनजी (CNG) उपभोक्ताओं को भी बड़ा झटका लगा है। मंगलवार 26 मई 2026 से दिल्ली और एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार है जब सीएनजी महंगी हुई है।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक दिल्ली में सीएनजी की कीमत ₹2 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹83.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले 23 मई को भी कंपनी ने ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब ऑटो, टैक्सी, कैब और छोटे कमर्शियल वाहनों के किराए पर भी देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी का असर भारतीय ईंधन बाजार पर दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के नए रेट
IGL के ताजा अपडेट के बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के कई शहरों में सीएनजी की कीमतों में बदलाव किया गया है। नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में सीएनजी अब ₹91.70 प्रति किलो बिक रही है, जबकि गुरुग्राम में इसकी कीमत ₹88.12 प्रति किलो पहुंच गई है।
26 मई 2026 से लागू नए CNG रेट
| शहर | नए दाम |
|---|---|
| दिल्ली एनसीटी | ₹83.09 प्रति किलोग्राम |
| नोएडा | ₹91.70 प्रति किलोग्राम |
| गाजियाबाद | ₹91.70 प्रति किलोग्राम |
| ग्रेटर नोएडा | ₹91.70 प्रति किलोग्राम |
| गुरुग्राम | ₹88.12 प्रति किलोग्राम |
| रेवाड़ी | ₹87.70 प्रति किलोग्राम |
| करनाल | ₹87.43 प्रति किलोग्राम |
| कैथल | ₹88.43 प्रति किलोग्राम |
| मेरठ | ₹91.58 प्रति किलोग्राम |
| मुजफ्फरनगर | ₹91.58 प्रति किलोग्राम |
| शामली | ₹91.58 प्रति किलोग्राम |
| कानपुर | ₹94.42 प्रति किलोग्राम |
| हमीरपुर | ₹94.42 प्रति किलोग्राम |
| फतेहपुर | ₹94.42 प्रति किलोग्राम |
| अजमेर | ₹92.44 प्रति किलोग्राम |
| पाली | ₹92.44 प्रति किलोग्राम |
| राजसमंद | ₹92.44 प्रति किलोग्राम |
| महोबा | ₹89.42 प्रति किलोग्राम |
| बाँदा | ₹89.42 प्रति किलोग्राम |
| चित्रकूट | ₹89.42 प्रति किलोग्राम |
| हापुर | ₹92.70 प्रति किलोग्राम |
क्यों बढ़ रहे हैं बार-बार दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस महंगी होने का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि मई महीने में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी तीनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाएं सीएनजी पर चलती हैं। ऐसे में किराए बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा छोटे कमर्शियल वाहन, स्कूल वैन और लोकल ट्रांसपोर्ट सेवाओं की लागत भी बढ़ेगी। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, किराना और रोजमर्रा की दूसरी चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इस महीने लगातार तेजी देखी गई है। तेल कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में कई बार कीमतों में संशोधन किया है। लंबे समय तक स्थिर रहने के बाद अब ईंधन बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों तक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचती हैं, तो भारत में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लेकिन वैश्विक हालात सामान्य होने तक आम लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है।
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