एशिया-पैसिफिक में भारत का दबदबा, बेंगलुरु सबसे आगे
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी Knight Frank की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, Bengaluru ने Q1 2026 में एशिया-पैसिफिक (APAC) क्षेत्र में प्राइम ऑफिस किराए में सबसे ज्यादा 14% सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की है।
यह आंकड़ा न सिर्फ बेंगलुरु की मजबूती दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत का ऑफिस मार्केट ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भी resilient और stable बना हुआ है।
मुंबई और दिल्ली-NCR भी पीछे नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अन्य बड़े ऑफिस मार्केट्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया:
- Mumbai: 7.5% YoY किराया वृद्धि
- Delhi NCR: 8.2% YoY किराया वृद्धि
इससे साफ है कि भारत के तीनों प्रमुख बिजनेस हब—बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR—एक साथ मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं।
APAC मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड क्या कहता है?
- APAC के 24 प्रमुख शहरों में से 18 में किराया बढ़ा
- कुल क्षेत्रीय किराया 0.8% QoQ बढ़ा
- मांग मुख्य रूप से भारत और ऑस्ट्रेलिया से आई
हालांकि, पश्चिम एशिया के तनाव जैसे geopolitical factors ने थोड़ी अनिश्चितता जरूर पैदा की, लेकिन overall recovery ट्रैक पर बनी रही।
भारत में ऑफिस डिमांड क्यों बढ़ रही है?
इस ग्रोथ के पीछे कई बड़े कारण हैं:
1. GCC (Global Capability Centres) का विस्तार
भारत में मल्टीनेशनल कंपनियां तेजी से अपने बैक-एंड और टेक्नोलॉजी सेंटर खोल रही हैं
2. घरेलू कंपनियों की मांग
अब सिर्फ विदेशी नहीं, बल्कि भारतीय कंपनियां भी बड़े ऑफिस स्पेस ले रही हैं
3. Flexible workspace का ट्रेंड
को-वर्किंग और हाइब्रिड ऑफिस मॉडल ने डिमांड को और बढ़ाया है
इन फैक्टर्स ने मिलकर भारत को APAC में एक मजबूत ऑफिस मार्केट बना दिया है।
बेंगलुरु: क्यों बना नंबर 1?
Bengaluru की सफलता के पीछे कई कारण हैं:
- 14% किराया वृद्धि (APAC में सबसे ज्यादा)
- 41% GCC leasing शेयर
- Vacancy सिर्फ 11.8%
- Landlord-favorable market
IT हब होने के कारण यहां लगातार बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिससे डिमांड और किराया दोनों बढ़ रहे हैं।
मुंबई: रिकॉर्ड लीजिंग के साथ मजबूत प्रदर्शन
Mumbai इस तिमाही में standout performer रहा:
- 5.6 मिलियन sq ft लीजिंग (रिकॉर्ड)
- 7.5% किराया वृद्धि
- Vacancy: 16.2%
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यहां किराए में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है, जो फिलहाल करीब ₹4,025 प्रति वर्ग फुट सालाना है।
दिल्ली-NCR: स्थिर लेकिन मजबूत बाजार
Delhi NCR ने steady growth दिखाई:
- 8.2% YoY वृद्धि
- 3.7% QoQ वृद्धि
- Vacancy: 14.2%
यहां किराए लगभग ₹4,428 प्रति वर्ग फुट सालाना के आसपास स्थिर बने हुए हैं, जो tenant-friendly market को दर्शाता है।
सप्लाई vs डिमांड: बड़ा गैप
एक दिलचस्प ट्रेंड यह भी सामने आया:
- कुल लीजिंग: 18.8 मिलियन sq ft
- नई सप्लाई: सिर्फ 8.5 मिलियन sq ft
यानी डिमांड, सप्लाई से दोगुनी से ज्यादा है।
इसका कारण है कि डेवलपर्स फिलहाल ज्यादा फोकस residential projects पर कर रहे हैं।
APAC में सबसे महंगे ऑफिस मार्केट्स
- Hong Kong: $158.96/sq ft/year (सबसे महंगा)
- दिल्ली-NCR: $72.33 (6th rank)
- मुंबई: $68.51 (8th rank)
- बेंगलुरु: $36.84 (19th rank)
इससे साफ है कि भारत के शहर अभी भी comparatively affordable हैं, जो निवेश को आकर्षित करता है।
एक्सपर्ट की राय
Shishir Baijal के मुताबिक:
“भारत के प्राइम ऑफिस मार्केट में डिमांड मजबूत बनी हुई है और अब यह सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक रूप से फैल रही है।”
इसका मतलब है कि भारत का ऑफिस मार्केट अब mature और diversified हो चुका है।
निष्कर्ष: भारत बना ग्लोबल ऑफिस हब
Bengaluru का APAC में टॉप पर आना यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ एक उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि ग्लोबल ऑफिस डिमांड का केंद्र बन चुका है।
मुंबई और दिल्ली-NCR की steady growth के साथ यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
अगर सप्लाई बढ़ती है और डिमांड इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले समय में भारत के ऑफिस मार्केट में और तेजी देखने को मिल सकती है।
Also Read:


