Maruti Suzuki India: देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल कंपनियों में शामिल मारुति सुजुकी के लिए फेस्टिव सीजन से पहले अच्छी खबर सामने आई है। कंपनी के मुताबिक दिवाली से पहले उसकी कारों की बुकिंग मजबूत बनी हुई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले 2 से 3 महीनों में त्योहारी मांग बिक्री को और गति दे सकती है।
कंपनी का फोकस केवल SUV सेगमेंट तक सीमित नहीं है। मारुति सुजुकी की नजर उन ग्राहकों पर भी है, जो हैचबैक, सेडान और MPV जैसी नॉन-SUV कारों को पसंद करते हैं। कंपनी का अनुमान है कि 2030 तक भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार बढ़कर 61 से 63 लाख यूनिट सालाना तक पहुंच सकता है।
दिवाली से पहले मारुति की बुकिंग मजबूत
फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले मारुति सुजुकी की कारों की मांग में मजबूती दिखाई दे रही है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर-मार्केटिंग एंड सेल्स पार्थो बनर्जी के मुताबिक, फेस्टिव सीजन से पहले बुकिंग का माहौल अच्छा है।
कंपनी को उम्मीद है कि दिवाली के आसपास कार खरीदने की बढ़ती प्रवृत्ति से बिक्री को अतिरिक्त सपोर्ट मिलेगा। भारत में त्योहारी सीजन को ऑटो कंपनियों के लिए साल का महत्वपूर्ण बिक्री दौर माना जाता है।
मारुति के मुताबिक फिलहाल बाजार में ग्रोथ का माहौल सकारात्मक है और इंडस्ट्री हर महीने करीब 4.5 लाख पैसेंजर व्हीकल बेचने की रफ्तार पर चल रही है।
सिर्फ लो बेस की वजह से नहीं बढ़ रही ग्रोथ
इस साल बिक्री में तेजी की तुलना करते समय पिछले साल के कम बेस को भी ध्यान में रखना जरूरी है। मारुति सुजुकी ने माना है कि पिछले साल की दूसरी छमाही में GST से जुड़े बदलावों के कारण कारोबारी माहौल अलग रहा था।
इस वजह से इस साल के आंकड़ों की तुलना अपेक्षाकृत आसान बेस से हो रही है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि मौजूदा ग्रोथ के पीछे केवल लो बेस नहीं है। बाजार में वास्तविक मांग भी बनी हुई है और ग्राहक नई कारों की खरीदारी में रुचि दिखा रहे हैं।
2030 तक 61-63 लाख गाड़ियों का हो सकता है बाजार
मारुति सुजुकी ने भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार के भविष्य को लेकर बड़ा अनुमान पेश किया है। कंपनी के अनुसार, 2030 तक भारत का पैसेंजर व्हीकल मार्केट सालाना 61 से 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है।
मौजूदा समय में देश में कारों की बिक्री की रफ्तार को देखते हुए कंपनी को आने वाले वर्षों में भी बाजार में विस्तार की काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं।
बढ़ती आय, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, छोटे शहरों में कारों की बढ़ती पहुंच और व्यक्तिगत मोबिलिटी की मांग जैसे फैक्टर भारतीय ऑटो बाजार के लिए अहम बने रह सकते हैं।
SUV के अलावा 43% मार्केट पर मारुति की नजर
भारतीय कार बाजार में SUV की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। कंपनी के मुताबिक, कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट में SUV की हिस्सेदारी करीब 57% तक पहुंच चुकी है।
लेकिन मारुति सुजुकी के लिए बाकी 43% नॉन-SUV बाजार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कंपनी का मानना है कि 2030 में यदि पैसेंजर व्हीकल मार्केट 61 से 63 लाख यूनिट तक पहुंचता है, तो नॉन-SUV सेगमेंट का आकार करीब 27 लाख गाड़ियों का हो सकता है।
यही वजह है कि कंपनी SUV के साथ-साथ नॉन-SUV सेगमेंट को भी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
छोटी कारों से लेकर MPV तक पर फोकस
मारुति सुजुकी की भारतीय बाजार में सबसे बड़ी ताकत लंबे समय से छोटी और किफायती कारों का सेगमेंट रहा है। SUV की बढ़ती मांग के बावजूद कंपनी इस ग्राहक वर्ग को छोड़ना नहीं चाहती।
कंपनी की रणनीति में एंट्री-लेवल हैचबैक, प्रीमियम हैचबैक, सेडान और MPV जैसे सेगमेंट महत्वपूर्ण बने रहेंगे। इसका उद्देश्य अलग-अलग बजट और जरूरत वाले ग्राहकों को विकल्प उपलब्ध कराना है।
इस रणनीति से कंपनी एक तरफ SUV बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है, वहीं दूसरी तरफ नॉन-SUV बाजार में अपनी मौजूदा पकड़ को बनाए रखने की कोशिश करेगी।
केरल में ओणम सीजन में मिला बड़ा फायदा
फेस्टिव सीजन की शुरुआत में केरल से भी मारुति सुजुकी के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं। कंपनी के मुताबिक, ओणम सीजन के दौरान वाहन रजिस्ट्रेशन के आधार पर केरल में उसका मार्केट शेयर करीब 60% रहा।
पार्थो बनर्जी के अनुसार, यह राज्य में कंपनी के अब तक के सबसे बेहतर प्रदर्शनों में से एक है। केरल में ओणम के दौरान वाहनों समेत कई बड़े उपभोक्ता सामानों की खरीदारी बढ़ जाती है, जिससे ऑटो कंपनियों को बिक्री में फायदा मिलता है।
अगले 2-3 महीने मारुति के लिए अहम
मारुति सुजुकी को आने वाले 2 से 3 महीनों में फेस्टिव डिमांड से बिक्री को अच्छा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान कारों की खरीदारी बढ़ने से कंपनी की बिक्री में तेजी आ सकती है।
मजबूत बुकिंग, त्योहारी मांग और भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार के विस्तार की संभावना कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, बाजार में प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बदलती पसंद के बीच SUV के साथ नॉन-SUV सेगमेंट में सही प्रोडक्ट रणनीति मारुति के लिए आगे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, फेस्टिव सीजन से पहले मारुति सुजुकी की मजबूत बुकिंग कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। कंपनी 2030 तक 61-63 लाख यूनिट के संभावित पैसेंजर व्हीकल बाजार को ध्यान में रखते हुए SUV के साथ नॉन-SUV सेगमेंट में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अगर त्योहारी मांग अनुमान के मुताबिक बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में मारुति की बिक्री को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।


