Asian Market Today: वैश्विक शेयर बाजारों में शुक्रवार को दबाव का माहौल देखने को मिला। अमेरिका में सेमीकंडक्टर (चिप) कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली के बाद इसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 4% टूट गया, जबकि ताइवान और हांगकांग के बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, GIFT Nifty हल्के प्रीमियम के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत अपेक्षाकृत स्थिर रहने के संकेत मिले।
एशियाई बाजारों में क्यों आई बड़ी गिरावट?
शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में निवेशकों की धारणा कमजोर रही। तकनीकी और चिप सेक्टर में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर जापान और ताइवान के बाजारों पर पड़ा।
प्रमुख एशियाई इंडेक्स का हाल
| इंडेक्स | बदलाव |
|---|---|
| निक्केई 225 | -3.93% |
| टॉपिक्स | -1.66% |
| ताइवान वेटेड | -3.77% |
| हैंग सेंग | -0.97% |
| शंघाई कंपोजिट | -0.78% |
| MSCI Asia Pacific ex-Japan | -0.06% |
| कॉस्पी | संविधान दिवस के कारण बंद |
निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण अमेरिका में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई तेज गिरावट रही।
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की बिकवाली
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे कमजोर रहा। चिप कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव के चलते नैस्डैक इंडेक्स में लगभग 1.5% की गिरावट दर्ज हुई।
अमेरिकी बाजार का प्रदर्शन
- Dow Jones: 52,553.32 (-0.20%)
- S&P 500: 7,533.77 (-0.51%)
- Nasdaq Composite: 25,881.95 (-1.47%)
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने हाई वैल्यूएशन वाले टेक शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे पूरे सेक्टर पर दबाव बन गया।
इन चिप कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली।
- Nvidia: -2.40%
- AMD: 5% से अधिक की गिरावट
- Broadcom: 5% से ज्यादा नीचे
- Intel: 5% से अधिक कमजोर
- Micron Technology: 5% से ज्यादा टूटा
- SanDisk: 12.6% तक गिरावट
- Western Digital: भारी कमजोरी
- Seagate Technology: तेज बिकवाली
हालांकि कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने मजबूती दिखाई।
- Apple: +1.76%
- Microsoft: +1.38%
- Tesla: -0.86%
GIFT Nifty ने क्या दिए संकेत?
एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद GIFT Nifty लगभग 24,113 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 17 अंकों के प्रीमियम पर था।
इससे संकेत मिलता है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की स्थिरता के साथ हो सकती है, हालांकि दिनभर वैश्विक संकेतों के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
US-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
- अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एयरस्ट्राइक अभियान तेज किया।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइल हमले किए।
- ईरान ने आगे और हमले बढ़ाने की चेतावनी भी दी।
ऐसे घटनाक्रम वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं और शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से मिले मिले-जुले संकेत
जून में रिटेल सेल्स बढ़ीं
अमेरिका में जून महीने के दौरान रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रही और उपभोक्ता मांग के मजबूत बने रहने का संकेत देती है।
बेरोजगारी दावों में कमी
11 जुलाई को समाप्त सप्ताह में शुरुआती बेरोजगारी दावे घटकर 208,000 रह गए, जो अनुमान से बेहतर रहे। इससे अमेरिकी श्रम बाजार की मजबूती का संकेत मिला।
हालांकि मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी
मध्य पूर्व तनाव के चलते कच्चे तेल में तेजी बनी हुई है।
- ब्रेंट क्रूड: 1.27% बढ़कर 85.30 डॉलर प्रति बैरल
- WTI क्रूड: 1.23% बढ़कर 79.92 डॉलर प्रति बैरल
सप्ताहभर में दोनों बेंचमार्क में लगभग 11% से अधिक की तेजी देखने को मिली है।
ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकते हैं।
सोने और डॉलर का हाल
सोना
अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोने की कीमतें साप्ताहिक आधार पर कमजोरी की ओर बढ़ रही हैं।
- स्पॉट गोल्ड: 3,980.17 डॉलर प्रति औंस
- सिल्वर: 55.50 डॉलर प्रति औंस
डॉलर इंडेक्स
डॉलर इंडेक्स लगभग 100.72 पर स्थिर रहा, लेकिन साप्ताहिक आधार पर इसमें गिरावट की संभावना बनी रही। वहीं जापानी येन डॉलर के मुकाबले कई दशक के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
आज भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का सीधा असर देखने को मिल सकता है। खासकर आईटी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में दबाव बना रह सकता है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
हालांकि GIFT Nifty के हल्के प्रीमियम से संकेत मिलता है कि बाजार की शुरुआती शुरुआत स्थिर रह सकती है, लेकिन वैश्विक अस्थिरता के कारण कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है।


