नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds Management का आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र रहा। तीन दिन की बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह इश्यू 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे यह इस साल के सबसे चर्चित और सबसे अधिक आवेदन पाने वाले आईपीओ में शामिल हो गया है।
अब निवेशकों की नजर IPO Allotment और Listing Gain पर है। खास बात यह है कि SBI के योग्य शेयरधारकों के लिए आरक्षित कोटे में आवेदन करने वालों की अलॉटमेंट संभावना सामान्य रिटेल और HNI कैटेगरी की तुलना में बेहतर मानी जा रही है।
Highlights
- SBI Funds Management IPO को कुल 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- IPO में करीब 65 लाख आवेदन आए, जो इस साल सबसे अधिक हैं।
- QIB कैटेगरी में रिकॉर्ड 140.11 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ।
- SBI शेयरधारकों के लिए अलॉटमेंट की संभावना अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर करीब 17% लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं।
₹2.98 लाख करोड़ की बोलियां, रिकॉर्ड निवेशकों की दिलचस्पी
SBI Funds Management ने अपने IPO के जरिए करीब ₹9,813 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। एंकर निवेशकों को छोड़कर नेट इश्यू के लिए निवेशकों से करीब ₹2.98 लाख करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं।
सब्सक्रिप्शन का विवरण इस प्रकार रहा—
- कुल सब्सक्रिप्शन: 41.66 गुना
- QIB (Qualified Institutional Buyers): 140.11 गुना
- HNI/NII: 22.51 गुना
- Retail Investors: 3.60 गुना
- SBI Shareholders Reserved Category: 9.52 गुना
करीब 65 लाख आवेदन मिलने के साथ यह इस वर्ष सबसे अधिक आवेदन पाने वाला IPO भी बन गया।
किस कैटेगरी में शेयर मिलने की संभावना ज्यादा?
आईपीओ में जबरदस्त ओवरसब्सक्रिप्शन के बाद निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शेयर किसे मिलेंगे।
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक सबसे बेहतर स्थिति SBI के योग्य शेयरधारकों की मानी जा रही है। यदि किसी निवेशक ने शेयरधारक कोटे में पात्रता पूरी करते हुए आवेदन किया है तो उसके अलॉटमेंट की संभावना सामान्य निवेशकों की तुलना में अधिक हो सकती है।
वहीं रिटेल निवेशकों के लिए भी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि रिटेल कैटेगरी में ओवरसब्सक्रिप्शन अन्य कैटेगरी की तुलना में काफी कम रहा।
संभावित अलॉटमेंट की गणना
उपलब्ध सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के आधार पर अनुमानित संभावनाएं इस प्रकार हैं—
| कैटेगरी | अनुमानित संभावना |
|---|---|
| बड़ी HNI | लगभग 20 में 1 निवेशक को अलॉटमेंट |
| छोटी HNI | लगभग 14 में 1 निवेशक को अलॉटमेंट |
| रिटेल | लगभग 9 में से 4 निवेशकों को एक लॉट मिलने की संभावना |
| SBI शेयरधारक | अन्य कैटेगरी की तुलना में बेहतर संभावना |
ध्यान रहे कि यह केवल उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित अनुमान है। अंतिम अलॉटमेंट रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा।
SBI शेयरधारकों को क्यों मिल सकता है फायदा?
इस IPO में योग्य SBI शेयरधारकों के लिए अलग आरक्षित कोटा रखा गया था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार—
- अधिक लॉट के लिए आवेदन करने वाले पात्र शेयरधारकों को कम से कम एक लॉट मिलने की संभावना अधिक मानी जा रही है।
- कुछ मामलों में अनुपात के आधार पर अतिरिक्त शेयर मिलने की भी संभावना बन सकती है।
यही वजह है कि इस कैटेगरी में आवेदन करने वाले निवेशकों की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं।
SBI Funds Management IPO की प्रमुख जानकारी
- बोली अवधि: 14 जुलाई से 16 जुलाई
- प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
- लॉट साइज़: 26 शेयर
- इश्यू साइज: ₹9,813 करोड़
- इश्यू का प्रकार: पूरी तरह Offer for Sale (OFS)
इस IPO में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी साझेदार कंपनी Amundi ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचा है। कंपनी को इस इश्यू से सीधे नई पूंजी प्राप्त नहीं होगी।
कब होगा अलॉटमेंट और कब होगी लिस्टिंग?
अब निवेशकों की नजर अगले अहम चरण पर है।
- IPO अलॉटमेंट: जल्द घोषित होने की उम्मीद
- रिफंड/शेयर क्रेडिट: अलॉटमेंट के बाद
- लिस्टिंग डेट: 21 जुलाई
- स्टॉक एक्सचेंज: BSE और NSE
कितना मिल सकता है लिस्टिंग गेन?
ग्रे मार्केट में SBI Funds Management IPO का GMP ₹95 से ₹100 प्रति शेयर के आसपास बताया जा रहा है।
यदि यही रुझान लिस्टिंग तक बना रहता है तो ₹574 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले निवेशकों को करीब 16% से 17% तक का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल बाजार की धारणा दर्शाता है और वास्तविक लिस्टिंग इससे अलग भी हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?
SBI Funds Management IPO को जिस तरह का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, उससे यह साफ है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री दोनों पर मजबूत बना हुआ है। अब सबसे बड़ी उत्सुकता अलॉटमेंट और 21 जुलाई की लिस्टिंग को लेकर है। यदि बाजार का मौजूदा माहौल सकारात्मक बना रहता है, तो इस IPO से निवेशकों को अच्छी लिस्टिंग का लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। IPO या शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


