Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को कारोबार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। शुरुआती मिनटों में ही बीएसई सेंसेक्स 532 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 एक बार फिर 24,200 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी जबरदस्त इजाफा हुआ और BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹42,642 करोड़ बढ़ गया।
शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। विदेशी बाजारों के सकारात्मक संकेत और चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया।
सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स हरे निशान में 77,370.77 के स्तर पर खुला। इसके बाद खरीदारी तेज होने से यह 532 अंक की बढ़त के साथ 77,718.66 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया।
वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी मजबूती के साथ 24,127.60 पर खुला और कुछ ही देर में 147 अंक से अधिक की तेजी के साथ 24,220.25 के उच्च स्तर तक पहुंच गया।
यह तेजी दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा बाजार में बरकरार है और वे चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी कर रहे हैं।
निवेशकों की संपत्ति में ₹42,642 करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार की इस मजबूत शुरुआत का सीधा फायदा निवेशकों की संपत्ति पर भी देखने को मिला।
- 16 जुलाई को बाजार बंद होने पर BSE सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,80,10,512.78 करोड़ था।
- 17 जुलाई की सुबह कारोबार शुरू होने के बाद यह बढ़कर ₹4,80,53,154.39 करोड़ पहुंच गया।
यानी कुछ ही मिनटों में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹42,641.61 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले कारोबारी दिन बाजार रहा था लगभग सपाट
गुरुवार, 16 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार हुआ था।
- सेंसेक्स केवल 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था।
- निफ्टी 50 5.75 अंक की हल्की गिरावट के साथ 24,072.75 पर बंद हुआ था।
हालांकि उस दिन आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी, जबकि अन्य सेक्टरों में मिला-जुला रुख रहा।
रुपये में भी आई मजबूती
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी मजबूती देखने को मिली।
शुक्रवार सुबह शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 पर पहुंच गया।
इसके विपरीत, 16 जुलाई को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 17 पैसे की कमजोरी के साथ 96.42 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी थी, जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ था। हालांकि शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में स्थानीय मुद्रा ने कुछ मजबूती दिखाई।
बाजार में तेजी की प्रमुख वजहें
विश्लेषकों के अनुसार शुक्रवार की तेजी के पीछे कई कारण रहे—
- वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत।
- बैंकिंग और लार्जकैप शेयरों में मजबूत खरीदारी।
- शुरुआती कारोबार में रुपये की मजबूती।
- घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी।
- चुनिंदा सेक्टरों में बेहतर निवेशक धारणा।
हालांकि बाजार की आगे की दिशा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शुक्रवार की शुरुआत भले ही मजबूत रही हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और तिमाही नतीजों के दौरान सतर्क निवेश रणनीति अपनानी चाहिए।


