नई दिल्ली। अंडे को आमतौर पर प्रोटीन का सबसे सस्ता और आसानी से मिलने वाला स्रोत माना जाता है, लेकिन पिछले एक साल में इसकी कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंडे की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक इजाफा हुआ है। फार्म-गेट पर एक अंडे की कीमत करीब 7 रुपये और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी खुदरा कीमत लगभग 14 रुपये तक पहुंच गई है।
ऐसे समय में तमिलनाडु का नमक्कल एक बार फिर चर्चा में है। नमक्कल को देश में ‘एग सिटी ऑफ इंडिया’ और भारत के प्रमुख अंडा उत्पादन केंद्रों में से एक के तौर पर जाना जाता है। यहां से हर दिन करोड़ों अंडों की सप्लाई देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी होती है।
आखिर क्यों खास है तमिलनाडु का नमक्कल?
नमक्कल में पोल्ट्री उद्योग दशकों से स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यहां बड़ी संख्या में पोल्ट्री फार्म हैं और उनसे जुड़े फीड, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य कारोबार भी तेजी से विकसित हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नमक्कल और आसपास के इलाकों में 1,100 से ज्यादा बड़े और मध्यम आकार के पोल्ट्री फार्म हैं। इन फार्मों में बड़ी संख्या में मुर्गियां पाली जाती हैं, जिनसे हर दिन करोड़ों अंडों का उत्पादन होता है।
हर दिन करीब 7 करोड़ अंडों का उत्पादन
नमक्कल की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल अंडा उत्पादन नेटवर्क है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, यहां प्रतिदिन करीब 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है।
इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन की वजह से नमक्कल न केवल तमिलनाडु बल्कि देश के प्रमुख अंडा आपूर्ति केंद्रों में शामिल है। यहां का पोल्ट्री कारोबार स्थानीय किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और दूसरे छोटे-बड़े कारोबारों के लिए रोजगार का बड़ा जरिया है।
10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
नमक्कल का अंडा कारोबार सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं है। अनुमान के मुताबिक, यहां अंडों और पोल्ट्री से जुड़े कारोबार का सालाना कारोबार 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
इस पूरी इंडस्ट्री से कई दूसरे सेक्टर भी जुड़े हुए हैं। इनमें—
- पोल्ट्री फीड का कारोबार
- अंडों की पैकेजिंग
- कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स
- ट्रांसपोर्टेशन
- प्रोसेस्ड एग प्रोडक्ट्स
- पोल्ट्री उपकरण
- एक्सपोर्ट कारोबार
शामिल हैं। यही वजह है कि नमक्कल की अर्थव्यवस्था में पोल्ट्री सेक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
देश के कई राज्यों में पहुंचते हैं नमक्कल के अंडे
नमक्कल से निकलने वाले अंडों की मांग सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। देश के कई राज्यों में यहां से अंडों की सप्लाई होती है।
इनमें केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। इसके अलावा देश के दूसरे हिस्सों में भी नमक्कल से अंडों की आपूर्ति की जाती है।
सरकारी पोषण योजनाओं और स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील जैसे कार्यक्रमों में भी अंडों की मांग रहती है। इस तरह नमक्कल का पोल्ट्री उद्योग बड़े स्तर पर खाद्य आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन गया है।
अरब देशों में भी नमक्कल के अंडों की मांग
नमक्कल की पहचान अब सिर्फ भारत के अंडा बाजार तक सीमित नहीं है। यहां से अंडों का निर्यात कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी किया जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई, ओमान, बहरीन, कतर, कुवैत और मालदीव जैसे देशों में नमक्कल से अंडों की सप्लाई होती है। इसके अलावा अफ्रीका के कई देशों में भी यहां के अंडों की मांग है।
खाड़ी देशों में अंडों की नियमित मांग ने नमक्कल के पोल्ट्री कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। यही कारण है कि नमक्कल को भारत के प्रमुख एग एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी देखा जाता है।
महंगे अंडों के पीछे क्या हैं वजहें?
अंडे की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारण होते हैं। इनमें पोल्ट्री फीड की कीमत, मक्का और सोयाबीन जैसे कच्चे माल की लागत, मौसम, उत्पादन और मांग में बदलाव तथा परिवहन खर्च प्रमुख हैं।
जब पोल्ट्री फार्म की लागत बढ़ती है या बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर आता है तो अंडों की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई देता है।
मौजूदा समय में अंडों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद नमक्कल का विशाल पोल्ट्री नेटवर्क लगातार उत्पादन और सप्लाई बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
चुनौतियां भी कम नहीं
इतना बड़ा कारोबार होने के बावजूद नमक्कल के पोल्ट्री उद्योग के सामने कई चुनौतियां हैं। पशु आहार की बढ़ती लागत, परिवहन खर्च, मौसम में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा और निर्यात से जुड़ी परिस्थितियां कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके अलावा पोल्ट्री फार्मों के लिए उत्पादन लागत और बाजार भाव के बीच संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद नमक्कल ने लंबे समय से देश के प्रमुख अंडा उत्पादन केंद्र के रूप में अपनी पहचान कायम रखी है।
नमक्कल की कहानी सिर्फ अंडों की नहीं
नमक्कल की सफलता यह दिखाती है कि किसी एक कृषि-आधारित उद्योग के आसपास पूरा स्थानीय इकोसिस्टम कैसे विकसित हो सकता है। यहां पोल्ट्री फार्म से लेकर फीड, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट तक कई कारोबार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
आज जब देश में अंडे की कीमतों को लेकर चर्चा हो रही है, तब ‘एग सिटी ऑफ इंडिया’ नमक्कल यह बताता है कि भारत का पोल्ट्री सेक्टर कितने बड़े पैमाने पर काम करता है और किस तरह घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को भी पूरा कर रहा है।


